सोचना - समय की मांग

आज माननीय प्रधानमंत्री जी ने अमुक घोषणा की है , आज हमें निम्न चीजो की खरीद करनी है , अगली छुटियो में हमें हमास द्वीप पर जाना है , आज पड़ोसी राम सिंह और कृष्ण सिंह लड़ गए आदि के बारे में ही बाते करते हुए हमारी ज़िंदगी गुजर रही है। आज की इस भाग दौड़ की दुनिया में किसी को ठहरने और सोचने का वक्त ही नही है।



गांधार राज शकुनी की नीति

गांधार राज शकुनी की नीतिडॉ शोभा भारद्वाजयह उन दिनों की कहानी है जब राजधर्म में राजनीति को मान्यता दी गयी थी लेकिन कूटनीति का स्थान नहीं था शकुनी पहला कुटिल कूटनीतिकार था छलनीति उसका हथियार था माना हुआ षड्यंत्र कारी था |समय का प्रचलित खेल चौसर राजा महाराजों के प्रिय खे



समय का महत्व

समय का महत्व हमारे जीवन की सबसे अमूल्य चीज है समय, समय का सदुपयोग ही सफलता की कुंजी है। समय किसी के लिए नहीं रुकता बिता हुआ समय दुबारा नहीं आता अगर व्यक्ति यह सोचता है समय आने पर कोई कार्य पूरा करना है उसका यह सोचना व्यर्थ है क्योंकि समय किसी का नहीं होता, अगर व्यक्त



जाने समय से पहले प्रसव के कारण और लक्षण !

समय से पहले प्रसव, जिसे प्रीमैच्योर लेबर भी कहा जाता है,



क्या काले रंग की ब्रा पहने से स्तन कैंसर हो सकता है !

ब्रा पहनने का कारण ख़ास तौर पर स्तनों को सपोर्ट देना है।



सेक्स के समय दर्द क्यों होता है?

सेक्स के समय दर्द



हे माँ, तुझे समर्पण ...

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समय गणना की वैदिक पद्धति

तिथि के लिए आकाश-दर्शन तथा वेधशाला का प्रयोग(वैदिक पञ्चाङ्गपद्धति में वेधशाला तथा दृक् गणना की उपयाेगिता)------------हरितालिका तृतीया (तीजा) पर्व सेप्टेम्बर १ तारिख (भाद्र १५ आदित्यवार) को अथवा २ तारिख (भाद्र १६ सोमवार) को मनाना चाहिए इस विषय में विज्ञों के बीच विवाद चल रहा है । इस प्रसङ्ग में वैदि



कुछ जिस्मानी तकल्लुफ़ से....

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व्यायाम करने का सही समय |Best Time for Exercise in Hindi

आज के समय भाग-दौड़ भरी जिदंगी मेंलोगों के पास शारीरिक फिटनेस के लिए समय नहीं बच पाता है ऐसे में लोगों को बहुतसारी बीमारी घेर लेती है जिससे कि उनका जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। हालांकि कीकुछ लोग ऐसे भी है जो अपने शरीर की फिटनेस को लेकर काफी चिंतित रहते है और उनके मनमें ये सवाल रहता है कि आखिर दिन के



कलश स्थापना मुहूर्त १०अक्टूबर

http://ptvktiwari.blogspot.com/2018/10/blog-post.html?m=1http://ptvktiwari.blogspot.com/2018/10/blog-post.html?m=1 जानिए : नवदुर्गा में कलश/ धट स्थापना सही समय पर क्यों जरूरी है।



अक्सर समझ नहीं पाते हैं लोग

अक्सर समझ नहीं पाते हैं लोग मन से मन की बातों को,शब्दों के जज्बातों को, सोचती जागती रातों को, अक्सर समझ नहीं पाते हैं लोग.......संबंधों की गहराई को, समय की दुहाई को, अपनों की अच्छाई को,अक्सर समझ नहीं पाते हैं लोग....... नेह से



समय बड़ा “बलवान”

इंसान की नजर में, इस दुनिया में व्यवहारिक रूप में, सबसे छोटी उम्र अवधि किसकी है ? आप कहेंगे अमीबा, वाइरस, की... ! जी नहीं, श्रीमानजी !! इस दुनिया में सबसे छोटी उम्र है सुख की । क्योंकि आनंद को मातम में बदलने में कुछ भी समय नहीं लगता है



13 सितम्बर 2018

हिंदी:वर्तमान संदर्भ में

"किसी देश की सांस्कृतिक सभ्यता तभी समृद्ध होगी जब उस देश की राजभाषा का उचित सम्मान होगा।"मात्र एक सुंदर भावपूर्ण पंक्ति से ज्यादा उपर्युक्त कथन का अभिप्राय हमने कभी समझा ही नहीं या यों कहें हिंदी की औपचारिकता पूरी करने में हम हिंदी को आत्मसात करना भूल गये।सोच रही हूँ हिंदी दिवस की बधाई किसे देनी चाह



समय होत बलवान :----- आचार्य अर्जुन तिवारी

*इस पृथ्वी पर आदिकाल से लेकर वर्तमान काल तक एक से बढकर एक बलवान हुए हैं जिन्होंने अपने जनबल , धनबल एवं बाहुबल का प्रदर्शन करके संसार में सर्वश्रेष्ठ बनने का प्रयास किया है | अनेकों वीर तो ऐसे हुए हैं जिन्होंने तीनों लोकों को जीतने का श्रम किया और सफल भी हुए | परंतु तीनों लोकों में सबसे बलवान एक ही ह



बदले समय में

मित्र कल से आज के बदले समय में, रूठ जायें हम तो फिर आश्चर्य क्या है.



“कुंडलिया” आगे सरका जा रहा समय बहुत ही तेज।

“कुंडलिया” आगे सरका जा रहा समय बहुत ही तेज। पीछे-पीछे भागते होकर हम निस्तेज॥ होकर हम निस्तेज कहाँ थे कहाँ पधारे। मुड़कर देखा गाँव आ गए शहर किनारे॥ कह गौतम कविराय चलो मत भागे-भागेकरो वक्त का मान न जाओ उससे आगे॥महातम मिश्र गौतम गोरखपुरी



समय

समय का बोध सिर्फ उनको होता है जिनका जन्म होता है. जिसका जन्म हुआ हो उसकी मृत्यु भी निश्चित है और जन्म और मृत्यु के बीच जो है वो ही समय है. जन्म ना हो तो मृत्यु भी ना हो और समय भी ना हो. समय सिर्फ शरीर धारियों के लिए है , आत्मा के लिए नहीं. आत्मा



क्या देश के नागरिको के रहवासी भवन के प्रति सुरक्षा की गांरटी हेतु कानूनी प्रावधान बनाने का समय नहीं आ गया है?

विगत एक हफ्ते के भीतर देश की राजधानी दिल्ली के पास एनसीआर में नवनिर्मित या निर्माणाधीन या पुरानी बिंल्डिग अचानक ढ़ह जाने की लगातार चार घटनाएँ हो गई जिस कारणं सम्पत्ति के अलावा जानमाल का भी बड़ा नुकसान हो गया। ये घटनाएं 17, 21, 22 जुलाई 2018 के बीच गाजियाबाद, शाहबेरी, मसूरी, साहिबाबाद में हुई हैं। शाहब



क्षण क्या है ??????

एक बार पलक झपकने भर का समय ..... , पल - प्रति पल घटते क्षण मे, क्षणिक पल अद्वितीय अद्भुत बेशुमार होते, स्मृति बन जेहन मे उभर आआए वो बीते पल, बचपन का गलियारा, बेसिर पैर भागते जाते थे, ऐसा लगता था , जैसे समय हमारा गुलाम हो, उधेड़बुन की दु



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