वो दिन और मन

वो दिन मन की उलझनों का दिन उमंगे जो सुप्त पड़ी थी मानो इसी की राह थी अब ना था बांध का रुकना असंभव -सा था सीमाओं का बंधना क्षण ही में टूटने का भय और कुछ पा जाने का लय मन को अनुनादित सा करता विचारो का जखीरा उठता उठता आंधी -सा हवा का झोका प



बातूनी

बातों का खजाना  औरतों की अभिव्यक्ति को बातूनी कहकर दरकिनार कर दिया जाता है। औरत स्वयं में चलती फिरती कहानी है, वह अपनी वास्तविक जिंदगी के बहुत से क़िरदारों को जीती हैं। पिता का साया सिर पर नहीं हो तो पिता बन जाती है। घर की बड़ी स्वयं हों तो बेटा बन जाती है। औरत जिम्मेदारी की पहली जुबान है। जिसे हर



सोना के बेटे की-" हीरा" बनने की कहानी

चलिये ,सोना की कहानी को आगे बढ़ाते है और जानते है कि -कैसे उनका बेटा हीरा बन चमका और अपने माँ के जीवन में शीतलता भरी रौशनी बिखेर दी। सोना की बाते सुन माँ ने उन्हें पहले चुप कराया और फिर सारी बात बताने को कहा। सोना ने बताया कि- मेरी बहन ने मेरे बेटे को अब आगे पढ़ाने से म



मुझे रात दिन बस मुझे चाहती हो (Mujhe Raat Din Bas Mujhe Chahti Ho )- संघर्ष

Mujhe Raat Din Bas Mujhe Chahti Ho Lyrics from the movie Sangharsh is sung by Sonu Nigam, its music is composed by Jatin and Lalit and lyrics are written by Sameer.संघर्ष (Sangharsh )मुझे रात दिन बस मुझे चाहती हो (Mujhe Raat Din Bas Mujhe Chahti Ho ) की लिरिक्स (Lyrics Of Mujhe Raat Din Bas Mujhe



नाराज़ सवेरा है (Naraz Savera Hai )- संघर्ष

संघेश से नारज सेवर है के गीत: यह जम्मिन और ललित द्वारा अच्छी तरह से तैयार संगीत के साथ कुमार सानू द्वारा एक बहुत अच्छा गाया गया गीत है। नारज सेवर है गीत सुमेर द्वारा खूबसूरती से लिखा गया है।संघर्ष (Sangharsh )नाराज़ सवेरा है (Naraz Savera Hai ) की लिरिक्स (Lyrics Of Naraz Savera Hai )नाराज़ सवेरा ह



संघर्ष (Sangharsh )

'संघ' एक 1 999 की हिंदी फिल्म है जिसमें अक्षय कुमार, प्रीति जिंटा, मदन जैन, विश्वजीत प्रधान, विकी चोपड़ा, आशुतोष राणा, आरिफ जकरिया, यश टोंक, अमन वर्मा, निनाद कामत, अभय चोपड़ा, जश त्रिवेदी, कृष्णा भट्ट, एसएम मुख्य भूमिका में जहीर और सौरभ दुबे। हमारे पास संघ के 2 गीत गीत और 2 वीडियो गाने हैं। जतिन और



उम्मीदों की मशाल

रामू की माँ तो अपने पति के शव पर पछाड़ खाकर गिरी जा रही थी.रामू कभी अपने छोटे भाई बहिन को संभाल रहा था ,तो कभी अपनी माँ को.अचानक पिता के चले जाने से उसके कंधों पर जिम्मेदारियों का बोझ आ पड़ा था.पढ़ाई छोड़,घर में चूल्हा जलाने के वास्ते रामू काम की तलाश में सड़को की छान मारता।अंततःउसने घर-घर जाकर रद्दी बेच



'संघर्ष' फिल्म में अक्षय-प्रीति के साथ दिखी ये बच्ची आज की टॉप हीरोइन है

संघर्ष के एक सीन में राजेश पराशर के साथ आलिया भट्ट और दूसरे सीन में प्रीति ज़िंटा.2012 में करण जौहर डायरेक्टेड फिल्म ‘स्टुडेंट ऑफ द ईयर’ रिलीज़ हुई थी. ऐसा बताया गया कि इस फिल्म से तीन नए लोग हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने वाले हैं. डेविड धवन के बेटे वरूण धवन, करण की फिल्म में असिस्टेंट डायरेक्



संघर्ष

बिना संघर्ष के कोई महान नहीं बनता पत्थर पर जबतक चोट ना पड़े तबतक पत्थर भी भगवान् नहीं बनता



काश में दबी आह! (कहानी) #ज़हन

स्कूल जाने को तैयार होती शिक्षिका सुरभि पड़ोस के टीवी पर चलता एक गाना सुनकर ठिठक गई। पहले इक्का-दुक्का बार उसे जो भ्रम हुआ था आज तेज़ गाने की आवाज़ ने वो दूर कर दिया। जाने कब वो सब भूलकर सुनते-सुनते उस गाने के बोल पड़ोस के घर के गेट से सटकर गुनगुनाने लगी। अपनी धुन में मगन सुरभि का ध्यान पडोसी की 4 साल क



तू पथिक है !

पथिक !हम सब पथिक हैं,हमारी अनवरत यात्रा,पड़ाव कम ,अतुलनीय !जीवन अनंत,निरंतर अग्रसर है ,कर्मपथ पर ,ना रुकता और ना थकता कभी,विदित है सबको,सभी की मंज़िले भी एक हैं ,किसी को मिल गई !गर्वित !!ह्रदय हर्षित निरंतर बढ़ रहा है,कठिन....उन्नत!समय की सीढीयाँ वो ,पथिक !पथिक तो वो भी हैं ,जो राह की ठंडी हवा में,थक



शिक्षा के लिए मेरा संघर्ष

(संस्मरण)मूल अंग्रेज़ी लेखक ब्रूकर टी. वाशिंगटनएक दिन जब मैं कोयले की खान में काम कर रहा था, मुझे खान में ही काम करने वाले दो कर्मी हब्शियों के लिए वर्जीनिया स्थित किसी बढ़िया स्कूल के बारे में बात करते सुनाई दिए I ये पहला मौक़ा था जब मैंने हब्शियों के लिए अपने क़स्बे में स्थित छोटे से स्कूल से काफ़ी बढ़





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