हालात बदले हुए है।

हालात बदले हुए है। शाम दिल्ली में हवाएं रूप, बदल बदल कर आ रही थी। हवाओं ने नीम और जामुन के पत्ते फूल गिरा दिए।चौक-चौराहे में लहराते, तिरंगों को फाड़ कर रख दिए।बादलों की गर्जन से, आसमानी बिजली भी चमक गई।काली खाली सड़को में, सायरन एम्बुलेंस के बज रहे।किसी मे कराहती सासे, या कफ़



जरा दिल को थाम के

कोरोना बीमारी की दूसरी लहर ने पूरे देश मे कहर बरपाने के साथ साथ भातीय तंत्र की विफलता को जग जाहिर कर दिया है। चाहे केंद्र सरकार हो या की राज्य सरकारें, सारी की सारी एक दूसरे के उपर दोषरोपण में व्यस्त है। जनता की जान से ज्यादा महत्वपूर्ण चुनाव प्रचार हो गया है। दवाई, टीका, बेड आदि की कमी पूरे देश मे



बैंक में Sweep in fd करके लाभ उठाये

बैंक की स्वीप-इन-एफडी का लाभ लेकर आप ज्यादा पैसे बचा सकते हैं। कैसे ? जानने के लिए पोस्ट पढ़े। Bank me sweep in fd karke labh uthaye Sweep in fd ये एक ऐसा शब्द है जिसे शायद आपने बैंक से संबंधित कार्यों में सुना हो, लेकिन इसके बारे में पूरी और सही तरह से नहीं जानते होंगे। ye



मान लो सरकार

मान लो सरकारदुनियाँ का हर दर्द भुलाया बिसराया जा सकता है।बस अपने दर्द न दे वरना ये दर्द पत्थरों के वार से, ज्यादा घाव देते है, कोमल जिंदगी को नासूर बना देते है।इसमें कोई भी मलहम काम नही करता सिवा आपसी प्यार के। कहने को तो कहते है लोग, जलने से पहले धुँआ उठता जरूर है। लेकिन जब जिंदा लाशें जलती है तो उ



धनहर और मनहर

धनहर और मनहरधनहर मनहर दोनो साथी और संघाती है।गंगा में धनहर नाव तो मनहर पतवार है।बीज बोता धनहर खेत मे, ध्यान मनहर देता है।ट्यूबवेल धनहर का बरहा होता मनहर का।फसल बड़ी हुई धनहर की काटता मनहर है।धनहर फसल लाया शहर में मनहर गांव में।धनहर की झोली भरी मनहर की जेब ऊँची हो गई।धनहर की कोठी हवेली, मनहर की झोपड़ी



पंजाब के किसानों का आंदोलन

वर्त्तमान में दिल्ली की सीमा पर चल रहे पंजाब के किसान आंदोलन की जो रूप रेखा है वह एक आदर्श हो सकती है। लम्बे संघर्ष की रणनीतिक तैयारी गजब की है। रसद सप्लाई। थोड़े थोड़े दिन बाद लोगों का घर लौटना और नये लोगो का आकर जुड़ना। मौसम के हिसाब से कपड़ों का इंतजाम। मेडिकल सुविधाएँ



किसान आंदोलन! उत्पन्न ‘‘आशंका के परसेप्शन‘‘ को दूर करने के लिए सरकार को ‘‘कदम उठाने‘‘ ही होंगे।

अभी हाल में ही मैंने बिहार विधानसभा के आम चुनाव और मध्य प्रदेश के उपचुनावों के संबंध में यह लिखा था कि ‘‘अंकगणित की जीत‘‘ के साथ ही उससे उत्पन्न ‘‘परसेप्शन‘‘ को जीतने पर ही ‘‘जीत पूर्ण‘‘ कहलाती है। किसान आंदोलन को देखते हुए परसेप्शन का उक्त सिद्धांत संसद एवं सरकार द्वारा लागू अधिनियम एवं लि



हम धरती पुत्र है।

हम धरती पुत्र है।सरकार ने मुँह फेर लिया, किसानों ने बॉर्डर पर डेरा डाल लिया।डेरा डाल, किसानों ने ललकारा है। अब धरती पुत्र ने जवानों का कर विरोध, सरकार से कानून वापस लेने का पैगाम भेजा है। मान लो किसानों का कहना मान लो। फसल को बड़ा कर किसान काटना जानता है।ये तो सरकार है, इसको भी जड़ से गाजर मूली की तरह



इस्लामिक गणराज्य ईरान अपने में एक पहेली है

इस्लामिक गणराज्य ईरान अपने में एक पहेली हैडॉ शोभा भारद्वाज इस्लामिक गणराज्य ईरान अपने में एक पहेली है इस मुल्क को वही समझ सकते हैं जो लम्बे समय तक वहाँ रहें हैं जिनका जनता से सम्पर्क रहा है ईरान अपने में ही पहेली है सत्ता पर पूरी ईरान को समझना आसान नहीं



वाद को पनपने मत दो।

वाद को पनपने मत दो।गाँव मे जातिवाद, जिले में गैंगेस्टर, प्रदेश में माववादी, प्रदेश बॉर्डर में नक्सलवादी, देश बॉर्डर में आतंकवादी। इन सब से हारे तो वायरस वाद, इन सब का बाप राजनीतिवाद। यह आम जनता को न जीने देते है न मारने देते है। इन सब का झूठ का पुलिंदा बांधने वाला मीडियावाद, आजकल समाजवाद पर हॉबी है।



क्या परिपक्व होते लोकतंत्र में ‘‘सरकारे’’ ‘‘गिराई’’ जाती है? अथवा ‘‘बनाई’’ जाती है?

राजस्थान में राज्य सभा के हो रहे चुनाव के संदर्भ में कांग्रेस का यह बयान आया है कि, राजस्थान में भी भाजपा ने मध्य प्रदेश के समान ही‘ ऑपरेशन कमल‘ पर अमल करना शुरू कर दिया है। भाजपा खरीद फरोख्त के द्वारा लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को गिराने का प्रयास कर रही है। विधायक दल के सचेतक द्वारा इसकी भ्



बेबसी सरकार की...

बेबसी सरकार की...हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई, आपस में सब भाई-भाई।कोरोना ने इनमे दूरियाँ बढ़ाई, नेताओ ने मौज मनाई।जहाँ हो वही रहो यह बात, जनता को समाझ न आई।कोटा के विद्यार्थियों ने,सत्ता में खूब उठापटक मचवाई।जाग परेशान सत्ता ने, एक मई से श्रमिक ट्रेन चलवाई।चढ़ भेड़ बकरियों की तरह, ट्रकों में अपनी जान गवाई।स



#कोरोना त्रासदी । #मजदूरों का #पलायन #मोदी_सरकार_की_विफलता

#कोरोना त्रासदी । #मजदूरों का #पलायन#मोदी_सरकार_की_विफलता#निष्पक्ष व सटीक #विश्लेषणसंविधान की शक्तियों का उपयोग करें।नागरिकों की जान माल स्वास्थ्य व कोरोना की राष्ट्रीय त्रासदी में सुप्रीम कोर्ट व जनता कि नाराजगी कोई मोल लेने का दुस्साहस नहीं करेगा किंतु इच्छाशक्ति तो मोदी साहिब को ही दिखानी होगी।वि



सरकारी लूट से मंदिरों को मुक्त करो

हिन्दू इकोनॉमी, मन्दिर साध्वी ऋतम्भरा आचार्य धर्मेंद्र जी को सन्त व साधुओं को अखाड़ों को साथ लेकर प्रवीण तोगड़िया, विनय कटियार विश्व हिंदू परिषद सनातन व हिन्दुहितैषी संगठनों हिन्दू महासभा व हिन्दू चेतना विद्वानों को प्रेरित होकर सरकारी नियंत्रण से मन्दिरो की मुक्ति व एक स्वायत्त स्वतंत्र देवस्थान बोर



निर्धनता नहीं सरकार की यह खामोशी मार देती है

घायल मेरे मन की आशा मन में व्याप्त भरी निराशा क्यों चुप है सत्ता में बैठी सरकारेंनहीं सुनाई देती क्या निर्धनों के चीख पुकारे। हर बार बात तो करते हैं ये अर्थव्यवस्था ठीक हो जाएगी लेकिन के यह क्या जाने इनकी बातों से नहीं होगा कुछ निर्धनों



भारत है ये इसके चर्चे...

सुविधा की कमी नही, आलस की भरमार हैभारत है ये इसके चर्चे सात समंदर पार हैसरकारी दफ्तर में घूमो पता तुम्हें चल जाएगाआता नही अगर रिश्वत देना तो वो भी आ जायेगाएक करे काम अगर तो, दूजा निकले गद्दार हैभारत है ये, इसके चर्चे सात समंदर पार हैअफवाहों का जोर बहुत है, नही कोई भी



जनता कर्फ़्यू

अब अपने को अपने ही घर मे कैद कर,अपने और अपने देश की कर लो हिफ़ाजत आज।अब जो आयीं ये संकट की घड़ी तो मिलकर काट लो आजबस ये मानों , आज ख़ुद से खुद के लिये एक जंग हैं,,पर ये देश हमारा ही एक अभिन्न अंग हैं।हा माना,, हमनें कभी इतनी बंदिशों में जीना नहीं सीखा,, पर यह तो समझो ये बंदिशे ही,, हमारा आने वाला कल है



विचारणीय प्रश्न (*जागो और जगाओ *)

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चुनावी दंगल जीतने की साईंस समय के साथ विकसित

"चुनावी दंगल जीतने की साईंस समय के साथविकसित होती है डॉ शोभाभारद्वाजदिल्ली में चुनाव प्रचार का दौर थम गया अब मत पत्र पेटियों में पड़ने बाकी है इस चुनाव के मुख्यतया तीनदिग्गज हैं आप पार्टीं के मुख्यमंत्री पद का चेहरा केजरीवाल पांच वर्ष का सत्तासुख ले चुके हैं |बीस वर्ष



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