शायरी

वो तुम्हारी थी मगर मैं तुम्हारी बन गई हूँ

तुम मुझसे कह देता मुझको कोई गिला नहीं होता , तुम उसे चुन लेता या फिर मुझे चुन लेता ,अगर उसको खोने का डर था तो मुझे कह देता,मैं अपना दीवा खुद बुझा देती उसको खबर नहीं होता ा आखिर इस जद्दोजहद में किसी को



शायरी

कोई करता है शायरी शौक से, कोई शायरी करता है शौक में. हुए बर्बाद इश्क में हम इस कदर ,हम तो करते है शायरी शोक में. कुछ करते है सोच आला दिमाग़ से, हम तो करते है दिल की आवाज़ से.दीवानगी उनकी शायरी की इस दुनियां पे है, हमारी शायरी



ग़ज़ल

फूलों की बात कीजिए कांटे निकाल करदो शब्द भी कहें पर उनको संभाल करअपनी ही राह पर चलें ये काम है सहीक्या मिल सका किसी की पगड़ी उछाल करअपनी लकीर को यहाँ लम्बी रखो सदाओ रे मनुज हमेशा तू ये कमाल करयह ज़िन्दगी हमें कब चल देगी छोड़ करसच्चाई है यही तू थोडा खयाल करहो काम न अच्छा तो पूछे नही कोईहोता है किसका ना



नज़्म बेरोज़गार

तो और इक बार फिर मेरा सेलेक्शन हो नहीं पाया . मेरी हर एक नाकामी पे रस्सी मुस्कुराती है, ख़ुशी से ऐंठती है और नये बल उसमें पड़ते हैं . मुझे अपना गला घुटता हुआ महसूस होता है........ मैं अपनी छत से जब नीचे गली में झांकता हूँ तो ये लगता है सड़क मुझको उछलकर खींच ले जाएगी . अपने साथ



Ghazals Of Ghalib

आज हम भी जाते है देखने तमाशा सर पे क़फ़न बांध कर "रंजन" ,उनके हाथ में तेग थी और हमने भी सर झुका दिया महफ़िल में !! https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.com



कीमत

आज ज़िंदगी की क़ीमत किस क़दर गिर गई है , अफ़सोस नहीं "रंजन" ,लेकिन मौत की गिरी हुई क़दर देख कर जी घबरा रहा है मेरा !!



गुले नाशिगुफ्ता

गुले- काग़ज़ी से ना यूँ बहला दिल मेरा, हम तो गुले- नाशिगुफ्ता के दीवाने है. आलमे ख़्याल ना दिखा यूँ हमको, मेरा आशियाना तो आलमे शुहूद में है. (आलिम)



ज़ुनून

जूनून ने किया किस क़दर ख़ानाख़राब इस हस्ती का "रंजन", मानिंद मजनू अब न तो दर है, न दीवार है न दरवाजा !!https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.com Dear Music Lovers,You are most welcome to this encyclopedia of Indian Classical Mus



Dosti Shayari in Hindi | दोस्ती पर शायरी हिंदी में | JeevanDarpan

ज़िन्दगी गुज़र जाए पर दोस्ती कम ना हों।याद हमें रखना चाहें पास हम ना हों।कयामत तक चकता रहे ये प्यारा सा सफर।दुआ करे कि कभी ये रिश्ता खतम ना हो।Best Dosti Shayariदोस्ती का शुक्रिया कुछ इस तरह अदा करूँ,आप भूल भी जाओ तो मैं हर पल याद करूँ,खुदा ने बस इतना सिखाया हैं मुझे,कि ख



अच्छा लगता है।

मुझे नींद की तलब नहीं, पर रातों को जागना अच्छा लगता है। मुझे नहीं मालूम वो मेरी किस्मत में है या नहीं, पर उसे खुदा से माँगना अच्छा लगता है। जाने मुझे हक है या नहीं, पर उसकी परवाह करना अच्छा लगता है। उसे प्यार करना सही है या नहीं, पर इस एहसास में जीना अच्छा लगता है। कभी हम साथ होंगे या नहीं, पर य



रंजिश

ताकि अब कभी भी न मुलाकात मुमकिन हो "रंजन ", मुझे जब ज़मीदोज़ देखा , वो ग़र्क़-ऐ-दरिया हो गए !! #jahararanjan https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.com



लिखी हुई कविताओं

प्रतिमाओं की सीमा लांग दी थी उसने,मेरी लिखी हुई कविताओं से ज़्यादा अपने आप को जान गई थी वो ,फ़ासले कुछ नादन से थेलेकिन फिर भीमेरे इशारों को जान गई थी वो।



याद कारोगे

जब जब सुनोगे मेरा नाम याद करोगे, जब भी याद आएगी वो शाम याद करोगे, अब हम ही न रहे तो क्या कहोगे 'रंजन', मज़ार पे उड़ेंगी मेहँदी की पात पयाम याद करोगे !! #जहरारंजन Dear Music Lovers,You are most welcome to this encyclopaedia of Indian Classical Music. He



शायरी

जो मशवरा लोगों ने मुझे दिया , वही मशवरा मैं तुम्हे भी देती हूँ ...... मोहब्बत में क़ुरबत बहुत है , मोहब्बत करना छोड़ दो ,ये और बात है की मैं भी नहीं मानी थी , मगर तुम देख लो ा किसी ने मुझसे कहा ....... प्यार यूँ हीं नहीं होता ...



ताजमहल को शायरों ने भी बनाया उनवान

सभी जानते हैं कि बादशाह शाहजहां अपनी बेगम मुमताज़ से बहुत प्यार करते थे। उन्होंने अपनी बेगम की याद में संगमरमर की इमारत तामीर कराई थी, जिसको हम ताजमहल के नाम से जानते हैं। यह ताज दुनिया के सात अजूबों में से एक है। संगमरमर की यह इमारत बेहद खूबसूरत है। इसकी खूबसूरती ने श



शायरी

अगर चुभे तुझे कोई काँटा कभी , मैं फूल बन तेरी राहों में बिछ जाऊँ , है यही दिल की ख्वाहिश , तेरे हर जख्म का मैं ही मरहम बन जाऊँ ,बस धीरे से मेरा नाम पुकारना , अगर रह जाओ कभी तुम तनहा ,मैं सुन के तुम्हारी धड़कन बिहार से एम.पी. दौड़ी चली



सच्ची मोहब्बत

कैसे शक करूं..........उसकी मोहब्बत पर........जब लाइट नहीं होती...........वो मोमबत्ती जलाकर.............वीडियो कॉल करती थी............



शायरी रंजन की

लोग वही राह दिखाते हैं "रंजन' को हरदम,जिस राह पे अक्सर रहजन फिरा करते हैं ! #jahararanjan https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.comDear Music Lovers,You are most welcome to this encyclopaedia of Indian Classical Music. Here you will find the most easiest example of defining RAGAS.The de



चलता रहा मैं

उम्मीदों के साए में पलता रहा मैं,अपने जख्मों पर मरहम मलता रहा मैं,जिंदगी गोल राहों पर घुमाती रही मुझे,और चाहत का हाथ थामकर चलता रहा मैं।हर चाहत के लिए पतंगे सा जलता रहा मैं,मुट्ठी भर जीत के लिए मचलता रहा मैं,हीरे-सी तेज चमक लेकर भी आंखों में ,हर श्याम को सूरज सा ढलता रहा मैं।दर्द को खामोशी से कुचलता



राह कोई नज़र आज आती नहीं

राह कोई नज़र आज आती नहीं छोड़ कर आस फिर भी जाती नहीं वादियां ये कभी कितनी खुशहाल थी ज़िन्दगी अब कहीं मुस्कुराती नहीं कोयल भी ना जाने क्यूँ चुप हो गई चमेली भी अब आँगन सजाती नहीं अलहदा अलहदा लोग क्यूँ हो गएदूरियां कोई शय क्यूँ मिटाती नहीं हाल क्या पूछते हो मेरा अब तुम क्या नज़र ये हमारी बताती नहीं? अश



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