सनातन धर्म की वैज्ञानिकता

33 करोड देवी देवता !ॐ , एक ओमकार ,परमेश्वेर, ईश्वर, भगवानहिन्दू धर्म का दुष्प्रचार करने के लिए ये बात उडाई गयी की हिन्दुओ के 33 करोड़ देवी देवता हैं और अब तो मुर्ख हिन्दू खुद ही गाते फिरते हैं की हमारे 33 करोड़ देवी देवता हैं...सबसे पहली बात तो ये की अधूरा ज्ञान खतरना होता है।वैसे ही जैसे बिना सीखे



भारतीय माटी भारतीय जल

पाकिस्तानी हैं भारतीय गुजरा कलमाटी थी भारतीय और भारतीय थे फलएक समान थे भारतीय हवा, जल और स्थल सूझवान बनाओ भगवान उनको सूझवान बनाओवो भी थे कभी भारतीय घर-बाहर और भारतीय घाटवर्तमान में जो कहलाते हैं पाकिस्तानी खाट, बाट, हाट सूझवान बनाओ भगवान उनको सूझवान बनाओवो भी थे कभी भारतीय तन, मन और धनथे वो भी कभी भ



भुट्टा, पॉप-कॉर्न और गणित, विज्ञान

दिल्ली के बाराखंबा पर अख़बार के एक दफ्तर में शाम को बैठने जाता हूँ. मेट्रो के गेट न. 5 से निकलने पर वहां बाहर एक भुट्टे वाला, भुट्टे उबालकर बेचता है. हालाँकि, भुट्टे तो बचपन से खाता रहा हूँ, लेकिन सच कहूँ तो उबले भुट्टे मैंने पहले नहीं खाए थे. एक दिन टेस्ट किया तो बेहद स्वादिष्ट लगा, नींबू और काला नम



योग और ध्यान

दस साल तक बिल्कुल मासूमफिर भी पहले वर्ष से ही बस्ते में गुमबीस साल तक पढ़ाई,बाद बीस के पढ़ाई को पूर्णविरामऔर सुरक्षित भविष्य को जद्दोजहद 25 वर्ष तक शादी की आसकालसैंटरों ने किया लेकिन बहुत बुरा हालतीस वर्ष तक जब-तब काम की तलाशइंजीनियरिंग के बाद भी अर्धबेकारऑनरोड़ कनौपी लगाने की थमें न तलाशचालीस वर्ष



नेपाल में भूकंप आया तो किसी के लिए बिप्पत लाया तो किसी के लिए धन का बरसा हुवा I

दोस्तों आज भूकंप के बाद नेपाल का परिस्थिति को देखने पर मुझे दो चीजो का ख्याल आता है ई पहला तो ये की यहाँ के जो पहाड़ी मूल के नेता लोग है वो लोग अपने आप को बहुत बड़े भाग्यशाली समझते है, क्युकी इनको जिन काम के लिए यहाँ पे भेजा गया था संबिधान बनाने के लिए वह काम तो अब भूल गया या इनकी नियत उलट गयी I अब तो



अंतरिक्ष में आत्मनिर्भर भारत

टी.वी, रेडियो, दूरसंचार, मौसम की भविष्यवाणी करने, अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन संवादों, सुरक्षा उपायों, जासूसी करने, दूरस्थ ग्रह-नक्षत्रों का अध्ययन करने के लिए कृत्रिम अपग्रह अंतरिक्ष में भेजे जाते हैं। संसार का पहला उपग्रह स्पुतनिक-1 था। इसे 4 अक्तूबर, 1957 को सोवियत संघ से अंतरिक्ष में छोड़ा गया था। आज



संतुलित पर्यावरण

पर्यावरण यानी वातावरण । पृथ्वी और इसके कक्ष में आने वाली हवा, पानी, समुद्र, पहाड़ियां, पेड़ों से भरे जंगल, मिट्टी, झील, झरने जानवर, सौरमंडल इत्यादि पर्यावरण के विभिन्न अंग हैं। पर्यावरण में संतुलन होना चाहिए। इसे सदा साफ और स्वच्छ रखना सभी का कर्तव्य है। पशु-पक्षी और हम सब के जीने के लिए ऑकसीजन बहुत



क्यों धरती काँप उठी

इतना मजमा जमा कर लिया हैइतना मलबा लाद दिया है कि जमीन का सीना काँप उठा है। साथ-साथ चलने की,सारी नसीहतें गुमशुदा है,करीब इतने है पर जुदा जुदा है। हर दूसरा हर पहले की ,टांग खीच लेता है,इस फिसलन से ,जमीन पर पड़ गयी है दरारें बोलो! इन्हे कैसे बटोरे ? कैसे संवारें?घर रहे ही कहाँ जो गिर गए,लोग रहे ही कहाँ



जन संपर्क एक महत्वपूर्ण जिम्मेंदारी

सार्वजनिक, गैरसरकारी, कॉर्पोरेट व निजी क्षेत्र की स्थापनाओं को अपने कार्य को सफल बनाने के लिए अनेक योजनाएं तैयार करनी होती हैं। अनेक उत्पादन/सेवा क्षेत्र की उपयोगिता सिद्ध करने के लिए आवश्यक, यहां तक कि आवश्यक प्रचार-प्रसार भी किया जाता है जिससे अधिक से अधिक जनो का ध्यान आकर्षित करने में सफलता मिले



भारत की छुपी प्रतिभाएं

भारत एक विशाल देश है और हर एक क्षेत्र में इसने बहुत ही उन्नति करली है। हर क्षेत्र में उन्नति करने के बावजूद कुछ प्रतिभाएं अभी भी छुपी हुई हैं जो अभी तक अपना उपयुक्त स्थान पाने के लिए प्रयत्नशील हैं। उन्हीं में से कुछ प्रतिभाओं का वर्णन मैं नीचे कर रहा हूं।गत वर्ष घर के बाहर चौराहे में मैने मदारी को



परिवर्तन लहरें और उनके प्रभाव

प्रकृति के नियम अनुसार पुरातन काल से ही परिवर्तन की लहरें चल रही हैं। समाज एवं प्रकृति में परिवर्तन एक शास्वत प्रक्रिया है। दुनिया में शायद ही कोई ऐसा समाज होगा जो इस परिवर्तन से अछूता होगा। जहां तक भारत का प्रश्न है, यह सर्विदित है कि उसके राजनीतिक इतिहास के आरंभ से बहुत पहले ही सामाजिक इतिहास का आ



गाय

भारत के इतिहास में गाय का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। अलग-अलग कालों में इसने अलग-अलग भूमिका निभाई है। सामान्यत: मानव जाति के उदयकाल तथा श्री कृष्ण जी के अवतार काल से विशेषत: गाय को भारत में बहुत श्रद्धा से पूजा जाता रहा है। भागवत में भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि समुद्र-मंथन के समय क्षीरसागर से पां



सुंदर होना बुद्धिमता की निशानी नहीं

हजारों वर्ष पहले का किस्सा है कि सिकंदर के गुरू अरस्तु एक बाग में बैठकर अध्ययन कर रहे थे। एक महिला आई ओर अरस्तु से शादी करने की जिद करने लगी। अरस्तु ने ऐसा करने से साफ मना कर दिया। किंतु महिला नहीं मानी तथा अपनी बात मनवाने को अड़ी रही। अरस्तु ने उससे पूछा कि तुम मेरे साथ शादी क्यों करना चाहती हो। उस



वातावरण प्रदूषण रोकने को उपाए

बिल्लु एक टांगेवाला है। उसका रोजगार का साधन ही टांगा और घोड़ा हैं। रोजाना टांगा स्टैंड पर जाना और सवारियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाना। जब अच्छी कमाई हो गई तो अच्छा खाना पीना, मंदी रही तो जेब अनुसार घर का खर्च। एक दिन जब वह घर से निकल रहा था तो उसकी बीवी ने उसे बोला कि आज घर खर्च चलाने ला



29 जनवरी 2015

उन्नाव जिला आज जल प्रदूषण से जूझ रहा

लखनऊ- गंगा के किनारे बसा उन्नाव जिला आज जल प्रदूषण से किस कदर जूझ रहा है कि जिले के अधिकांश भाग के जलस्तर में क्रोमियम और फास्फोरस घर बना चुका है। पानी जहरीला बन चुका है जबक‍ि प्रशासन कारगर कदम उठाने की जगह शायद मौत का खेल शुरू होने का इंजतार कर रहा है। प्रदूषण विभाग कागजी बाजीगरी में मस्त है वहीं म



सकारात्मक दर्शन में आपका स्वागत है...

“सकारात्मक दर्शन” भारत में दार्शनिक चिन्तन को जमीन से जोड़ने का प्रयास है. दर्शन वही सार्थक है जिसमे सामाजिक संवेदना हो. व्यक्तिगत चिन्तन के साथ साथ सामाजिक समानता, भाईचारे की शिक्षा हो. हमनें यह प्रयास 2008 में शुरू किया था और आज इसका विस्तार 15 से ज्यादा वेबसाइट, दो शोध-पत्रिकाओं, एक ऑनलाइन संस्था,



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