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महिलाओं में ल्यूकोरिया की समस्या तथा इसका आयुर्वेदिक समाधान

महिलाओं में होने वालील्यूकोरिया की समस्या एक आम समस्या है। यह अधिकतर महिलाओं या युवतियों को प्रभावितकरती है। ल्यूकोरिया को श्वेत प्रदर या सफ़ेद पानी की समस्या भी कहा जाता है। यहसमस्या अलग अलग कारणों से उत्पन्न होती है। अनियमित खानपान, बदलती जीवन शैली इस समस्याके प्रमुख कारण हैं। ल्यूकोरिया की समस्या



गर्भावस्था की समस्याएं तथा उनका आयुर्वेदिक समाधान

महिलाओं के लिए मां बनना किसी वरदान जैसाहोता है। लेकिन सामान्य महिला से मां बनने का यह सफ़र काफी मुश्किल होता है।गर्भावस्था में महिलाओं को कई प्रकार की शारीरिक तथा मानसिक समस्याओं का सामनाकरना होता है। यदि इस अवस्था में आयुर्वेदिक उपचार लिया जाए तो GynecologicalDisorders में अत्यंत लाभ प्राप्त होता है



Business Ideas for women in detail

Business Ideas for women -अगर आप एक महिला हैं और एक बिज़नेस शुरू करना चाहती हैं तो ये लेख जरूर पढ़ें best Business Ideas for women in hindi आज भी दुनिया में लोगों का मानना है कि किसी भी बिज़नेस को सिर्फ पुरुष ही शुरू कर सकते है या फिर बेहतर तरीके से सम्हाल सकते हैं | आज के बढ़ते समय में भी बिज़नेस या बाह



महिलाओं में कमजोरी के कारण तथा उनका सरल समाधान

महिलाओं में कमजोरी एक आम समस्या है।महिलाओं की शारीरिक संरचना पुरुषों से भिन्न होती है इसलिए महिलाओं में कमजोरी भीअलग कारणों से होती है। महिलाओं को प्रति माह मासिक धर्म का सामना करना होता हैतथा बच्चे को भी जन्म देना पड़ता है अत: यह माना जाता है की ये चीजें भी WomenWellness को काफी प्रभावित करती हैं। म



स्तनों को बढ़ाने का सरल तथा प्रभावी आयुर्वेदिक उपाय

किसी भी महिला के आकर्षक व्यक्तित्व मेंउसके स्तन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सुडौल स्तनों को महिलाओं की सुंदरताके लिए परिभाषित किया जाता है। देखा जाए तो प्रत्येक महिला सुंदर तथा सुडौल स्तनचाहती है लेकिन बहुत सी महिलाओं के स्तनों का आकार पर्याप्त नहीं होता है। इस कारणवे हीन भावना से भी ग्रसित हो



A Hindi poetry on International women day - क्यों ; अर्चना की रचना

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हिंदी कविता क्यों क्यों एक बेटी की विदाई तक ही एक पिता उसका जवाबदार है ?क्यों किस्मत के सहारे छोड़ कर उसको कोई न ज़िम्मेदार है?क्यों घर बैठे एक निकम्मे लड़के पर वंश का दामोदर है ?क्यों भीड़ चीरती अपना आप खुद लिखती ए



स्तनों की प्राकृतिक वृद्धि का आयुर्वेदिक समाधान

प्रत्येक महिला सुंदर दिखना चाहती है और सुंदर दिखाई पड़ने के लिए हर महिला खुद के शरीर को सुडौल बनाए रखती है। हर महिलायें अपनी काया का विशेष ध्यान रखती है पर प्रकृतिक देन से वो तब हार मान जाती है जब उनकी बेडोल काया को लेकर शर्मिंदगी महसूस करती है या फिर वे औरतें जिनके स्‍तन देखने में छोटे लगते हैं। इन्



Hindi poetry on life of river and women - शिवांशी ; अर्चना की रचना

नदी और स्त्री जीवन को दर्शाती हिंदी कविता शिवांशी मैं शिवांशी , जल की धार बन शांत , निश्चल और धवल सी शिव जटाओं से बह चली हूँ अपने मार्ग खुद ढूँढती और बनातीआत्मबल से भरपूर खुद अपना ही साथ लिए बह चली हूँ कभी किसी कमंडल में पूजन को ठहर गई हूँ कभी नदिया बन किसी सागर में विलय



Hindi poetry on woman - मेरे जैसी मैं ; अर्चना की रचना

नारी पर आधारित एक विचारणीय हिंदी कविता मेरे जैसी मैं मैं कहाँ मेरे जैसी रह गयी हूँ वख्त ने बदल दिया बहुत कुछमैं कोमलांगना से काठ जैसी हो गई हूँमैं कहाँ मेरे जैसी रह गयी हूँ समय के साथ बदलती विचारधारा ने मेरे कोमल स्वरुप कोएक किवाड़ के पीछे बंद तो कर दिया है पर मन से आज



Archana Ki Rachna: Preview " मेरी ज़िन्दगी का रावण "

अपनी ज़िन्दगी के रावणअब मुझे जलाने हैंमान मर्यादा लोक लाजके बंधन अब मुझेभुलाने हैंमैं प्यारी और दुलारी थीजब तक अपनीउपेक्षा सेहती रहीतुम्हारे बेटा बेटी के दुर्भाव मेंमैं अपने अधिकार छोड़ती रहीतुम्हारी इस मानसिक सोचसे मुखौटे अब हटाने हैंअपनी ज़िन्दगी के रावणअब मुझे जलाने हैंतु



स्त्रियों के लिए आज भी सुरक्षित नहीं माहौल

आज के दौर में भले ही स्त्रियों ने अपनी काबिलियत से हर क्षेत्र में परचम लहराया हो, लेकिन फिर भी देश का माहौल उनके लिए आज भी सुरक्षित नहीं है। आज के समय में भी जब एक लड़की घर से निकलती है तो उसके वापिस लौट आने तक उसके माता-पिता को चिंता ही लगी रहती है। इतना ही नहीं, बहुत से क्षेत्र में माता-पिता अपनी ल



महिला दिवस पर विशेषः कभी खुद के लिए भी जीने दो

स्त्री, कहने को भले ही एक छोटा सा नाम लेकिन मानो उसमें पूरा संसार समाया है। वह एक बेटी है, एक पत्नी, एक बहू और एक मां और न जाने कितने ही रूपों में वह अपने कत्र्तव्यों का निर्वहन चुपचाप करती है। फिर चाहे स्त्री गृहिणी हो या कामकाजी, वह दुनिया की एक ऐसी इंसान है, जिसके नसीब में कभी छुट्टी नहीं लिखी हो



बेटियां अच्छी, लेकिन चाह फिर भी एक बेटे की ही

आज अंतरराष्टीय महिला दिवस के दिन जब पूरे विश्व में महिलाओं की कामयाबी, उनके गुणों व क्षमताओं का बखान किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर फिर भी लोग मन ही मन एक बेटे की ही आस करते हैं। यह सच है कि आज के समय में स्त्रियों ने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन हर मोर्चे पर किया है। मैरी काॅम से लेकर मानुषी छिल्लर, हि



अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (Happy Women's Day)

आज पूरा विश्व अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस(Happy Women's Day) मना रहा है, इसी को ध्यान में रखते हुए गूगल ने भी अपना आज का डूडल (Google’s Doodles) महिलाओं के नाम समर्पित किया है और नारी के प्रति अपने सम्मान को बताया है। गूगल में बेहतरीन तरीके से लगभग 14 भाषाओं में महिलाओं



महिला सशक्तिकरण

तितली के पंखों के जैसे रंग बिरंगे सपने हो नहीं किसी गैर के रंग बस मेरे अपने होमेरे सपनो की डोर बस मेरे हाथ होमन चाहे जहाँ उड़ चलू इस पार या उस पार कोमेरी सोच की लहरों का आकाश अपार होकब, कहाँ, किस ओर को जाना है ऐसा न कोई ख्याल होबाहों



‘वुमन्स डे’ के मौके पर रणवीर सिंह ने पहनी स्कर्ट, पहनावे को लेकर पहले भी हो चुके हैं ट्रोल

Content Credit : Buzzhawker Hindi Womens day Special अभिनेता रणवीर सिंह का नाम बॉलीवुड के उन चर्चित सितारों में शुमार है जो आज किसी परिचय के



Tejaswita Khidake: your life your choice

Women, I feel sorry for most of them who didn't even realized their strengths and reason behind their existence. sometimes I get confused while thinking about them, that how can I help them who don't know tha



एक परिचय - आज की महिला

मित्रो मै एक छोटा प्रयास कर रहा हूँ , शायद कोई त्रुटि या भरी शब्द मिले तो .....माफ करना । इसी आशा और विश्वास के साथ मै अपनी बात शुरू करता हूँ। महिला , स्त्री , नारी और अंग्रेजी में " woman " मानव संस्कृति की एक महत्वपूर्ण अंग है ।



असम की पहली महिला आईपीएस अधिकारी जिसने मार गिराया आतंकियों को

यूपीएससी परीक्षा में उसे 85 वें रैंक (पूरे भारतमे)के साथ, “संजुक्ता पाराशर” एक आरामदायक डेस्क काम के लिए चुनी जा सकती थीं। जवाहरलाल विश्वविद्यालय से Ph.Dकरने के बाद औरदो साल बेटे के होने के बावजूद उन्होनें एक कठिन रास्ता चुना जैस्पर चलते हुए वो हर रोज आतंक से लड़ रही



बेटी को तू क्यो मार रहा है ।।

ये केसा दौर आ गया इंसान खुद ही खुद को मार रहा है ।बेटे की अती चाहत में बेटी को तु क्यों मार रहा है ।।अपने मान समान के कारण ग़लत क़दम तु क्यों उठा रहा है ।बेटे की अती चाहत में बेटी को तु क्यो मार रहा है ।।बेटीयॉं घर की लक्ष्मी है पगले बेटीयॉं घर की शान है ।बेटियों की ही बदौलत से तो यह सारा संसार है ।



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