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स्वर्गीय बाला साहब का नारा मराठा मानुष ,से सत्ता की चाह तक उद्धव ठाकरे

स्वर्गीय बाला साहब का नारा ‘मराठा मानुष’ से सत्ता की चाह तक उद्धव ठाकरे डॉ शोभा भारद्वाज एक मई 1960 बाम्बे प्रेसिडेंसी टूटने के बाद दो नये राज्यों का निर्माण हुआमहाराष्ट्र एवं गुजरात बाला साहब ठाकरे कोमहाराष्ट्र के राजनीतिक धरातल का भरपूर ज्ञान था | वह ‘मराठी मानुष के गौरव’ के ना



एक सपना

जिंदगी तू बता दे, ये सपने तो है पर रास्ता कहाजब गले मौत के लगने ही है , तो दर्द से मुलाकात न करा जख्म तो बहुत है पर , मरहम लागू कौन सा ये लहू की लाली को भी मिट जाना, फिर क्यों सुरमे से है, सजना सवारना इस मुकद्दर ने भी



राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अभी तक का सफर। कितना सफल।

वर्ष 1925 में विजयादशमी के पावन दिवस पर डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा एक शाखा प्रांरभ कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की गई थी। वर्ष 2025 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी सौवीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है। किसी भी संगठन के लिये 100 वर्ष पूर्ण करने का अत्यधिक महत्व होता है, क्योंकि इतने लम्बे सम



महाबलीपुरम में दो प्राचीन संस्कृतियों का मिलन आपसी रिश्तों की मजबूत कड़ी साबित होगा

महाबली पुरम में दो प्राचीनसंस्कृतियों का मिलन आपसी रिश्तों की मजबूत कड़ी साबित होगा ? डॉ शोभा भारद्वाज तमिलनाडू की राजधानी चेन्नई से 60किलोमीटर दूर महाबलीपुरम प्राचीन ऐतिहासिक शहरों में से एक ,बंगाल की खाड़ी केकिनारे स्थित प्राचीन बन्दरगाह था |सातवीं सदी में इसकी स्थापना पल्लव वंश के शक्तिशाली राजा



कसक

लघुकथा कसकदिन ढले काफी देर हो चुकी थी ।शाम, रात की बाहों में सिमटने को मजबूर थी । वो कमरे में अकेला था । सोफे का इस्तमाल बैड की तरह कर लिया था उसने । आदतन अपने मोबाईल पर पुरानी फिल्मों के गाने सुनकर रात के बिखरे अन्धेरे में उसे मासूमियत पसरी सी लगी । वो उन गानों के सुरीलेपन के बीच अपने तल्ख हुए सु



दोस्त का प्यार

ओ मेरे दोस्त मत रूठ जाना,ये शरीर बेजान हो जायेगा २ तू जिए हजारो साल मेरी उमर तुझे लग जाये ,पता नही मेरे मरने का तुफान कब आयेगा।



ये रिश्ता क्या कहलाता है में कार्तिक और नायरा का पुनर्मिलन | आई डब्लयू एम बज

स्टार प्लस के प्रसिद्ध शो ये रिश्ता क्या कहलता है डायरेक्टर्स कट द्वारा प्रोड्यूस में इन कुछ हफ्तों में खूब ड्रामा देखा गया है। यह शो अपने ट्विस्ट और टर्नस से दर्शकों के मनोरंजन में कभी पीछे नहीं रहता है।अभी चल रहे प्लॉट के मुताबिक, नायरा अपने बेटे को बड़ा सच बताती है। ना



कहानी "शायद यही प्यार है"

कहानी ,,,,शायद यही प्यार है,,,,,,,,,नीचे से किरायेदार अंकल की गुस्सा होने की आवाज़ आ रही थी | ये दोनों दिन भर आपस में लड़ते ही रहते है रात को भी चैन नही | सुबह ही जाकर मकान खाली करने को कह दूँगी | पर सोचकर चुप हो जाती हूँ कि कौन इस उम्र में इनको मकान देगा ?एक ही बेटा है वो भी विदेश मैं है बस आप



आपकी सफलता में सलाहकार की भूमिका

संजय कुमार सुमन sk.suman379@gmail.comदोस्तो सलाहकार ये ऐसा सब्द है, जो कि हम सब के जीवन मे लागू होता है।ऐसा कोई व्यक्ति नही जिसे अपने जीवन मे किसी की सलाह की आवश्यकता नही पड़ी हो। कभी अपने व्यापार संबंधी या फिर अपने निजी जीवन संबंधी हमे



2019 के आम चुनाव के मुद्दे, क्या ‘‘स्थापित चुनावी मुद्दों से’’ हटकर हैं।

स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् वर्ष 2019 में देश का यह 17 वाँ आम चुनाव हो रहा है। प्रारंभ में स्वतंत्रता संग्राम में बढ़ चढ़ कर भाग लेने वाली पार्टी (सत्य से परे) एक मात्र कांग्रेस ही मानी जाती रही। वर्ष



क्या सुरक्षा परिषद में चीन का वीटो भारत की कूटनीतिक हार थी ?

क्या चीन का वीटो भारत की कूटनीतिक हार थी डॉ शोभा भारद्वाज फ़्रांस अमेरिका एवं ब्रिटेन ने 27 फरवरी को सुरक्षा परिषद में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर चीन ने वीटो के अधिकार का प्रयोग किया | अमेरिका फ्रांस एवं ब्रिटेन द्वारा क्षुब्ध होकर जैश के प्रमुख मसूद अजहर को फिर से अंतर्राष्



ईरानी खानम मुझे जीना सिखा गयी

ईरानी खानम मुझे जीना सिखा गयी पार्ट - 2 डॉ शोभा भारद्वाज इंकलाब ने हमारे सपने तोड़ दिए ईरान में बदअमनी फैल रही थी योरोपियन डाक्टरपहले ही जा चुके थे पाकिस्तानी डाक्टर जाह्दान के रास्ते अपने देश लौट गये भारतीयडाक्टरों के लिए उनके सिफारतखाने ने एक साथ निकालने का इंतजाम किया डाक्टर साहबसबसे बाद में



आखिर देश को क्या हो गया है।

‘‘पुलवामा’’ में हुई बड़ी वीभत्स आंतकी घटना में 40 सैनिकों के शहीद हो जाने की प्रतिक्रिया स्वरूप पाकिस्तान में घुस कर बालाकोट में किये गये हवाई हमलों के द्वारा ‘‘जैश-ए-मोहम्मद’’के आंतकवादी कैम्प (प्रशिक्षण शिविर) को नष्ट करने के बाद सम्पूर्ण देश ने एक जुट होकर सेना व सरकार को बधाई दी थी। कांग्रेस सहि



ये रिश्ता क्या कहलाता है के स्पिन ऑफ में सोनिया कौर

सुंदर महिला सोनिया कौर, जो टीवी से गायब है, धमाकेदार वापसी के लिए तैयार है।स्टार प्लस के सबसे बड़े शो ये रिश्ता क्या कहलाता है में राजा भैया की दुल्हनिया फेम अभिनेत्री सोनिया, राजन शाही के सबसे लंबे समय तक चलने वाले शो में दिखाई देंगी।श्रृंखला में शहीर शेख और रिया शर्मा क



सोनी टीवी के ये अन अननोन की बात है में शादी से पहले नैना पर गुस्सा करेंगें समीर

शशि सुमीत प्रोडक्शन द्वारा निर्मित सोनी टीवी के बेहद लोकप्रिय शो ये उन दिनों की बात है के वफादार दर्शक, समीर (रणदीप राय) और नैना (आशी सिंह) की शादी के लिए पूरी तरह तैयार हैं।हालांकि, शादी से पहले शो में दर्शकों के लिए बहुत सारा ड्रामा होगा।हमने पहले नैना और समीर दोनों के



स्वतंत्रता के 70 सालों के पश्चात भी क्या यही ‘‘परिपक्व’’ लोकतंत्र है?

पाँच राज्यों के चुनाव परिणाम आ गये हैं। चुनाव पूर्व का ‘‘ओपीनियन पोल’’ तुरन्त चुनाव बाद का ‘‘एक्जिट पोल’’ व अब ‘‘वास्तविक परिणाम’’ आपके सामने है। मैं यहाँ पर परिणामों का विश्लेषण नहीं कर रहा हूूंँ। ये सब ‘‘पोल’’ अनुमान के कितने नजदीक थे, सही थे, या आश्चर्य जनक थे, इस संबंध में भी कोई विशेष मूर्धन्य़



स्वतंत्रता के 70 सालों के पश्चात भी क्या यही ‘‘परिपक्व’’ लोकतंत्र है?

पाँच राज्यों के चुनाव परिणाम आ गये हैं। चुनाव पूर्व का ‘‘ओपीनियन पोल’’ तुरन्त चुनाव बाद का ‘‘एक्जिट पोल’’ व अब ‘‘वास्तविक परिणाम’’ आपके सामने है। मैं यहाँ पर पर



"गज़ल" अजी यह इस डगर का दायरा है सहज होता नहीं यह रास्ता है

वज़्न - 1222 1222 122 , अर्कान - मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन फऊलुन बह्र - बह्रे हज़ज मुसद्दस महज़ूफ़, काफ़िया - डूबता(आ स्वर) रदीफ़- है"गज़ल"अजी यह इस डगर का दायरा है सहज होता नहीं यह रास्ता है कभी खाते कदम बल चल जमीं परहक़ीकत से हुआ जब फासला है।।उठाकर पाँव चलती है गरजबहुत जाना पिछाना फैसला ह



"मुक्तक" हार-जीत के द्वंद में, लड़ते रहे अनेक। किसे मिली जयमाल यह, सबने खोया नेक।

"मुक्तक" हार-जीत के द्वंद में, लड़ते रहे अनेक।किसे मिली जयमाल यह, सबने खोया नेक।बर्छी भाला फेंक दो, विषधर हुई उड़ान-महँगे खर्च सता रहे, छोड़ो युद्ध विवेक।।-1हार-जीत किसको फली, ऊसर हुई जमीन।युग बीता विश्वास का, साथी हुआ मशीन।बटन सटन है साथ में, लगा न देना हाथ-यंत्र- यंत्र में तार है, जुड़ मत जान नगीन।।-2



"छंद मुक्त गीतात्मक काव्य" जी करता है जाकर जी लू बोल सखी क्या यह विष पी लू

"छंद मुक्त गीतात्मक काव्य"जी करता है जाकर जी लूबोल सखी क्या यह विष पी लूहोठ गुलाबी अपना सी लूताल तलैया झील विहारकिस्मत का है घर परिवारसाजन से रूठा संवादआतंक अत्याचार व्यविचारहंस ढो रहा अपना भारकैसा- कैसा जग व्यवहारजी करता है जाकर जी लूबोल सखी क्या यह विष पी लूहोठ गुलाबी अपना सी लू।।सूखी खेती डूबे बा



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