उत्तराखंड की 5 सबसे सुंदर हिल स्टेशन।

यूं तो भारत के देवभूमि कहे जाने वाले राज्य उत्तराखंड में घूमने के लिए बहुत सी सुंदर जगह है। लेकिन आज हम आपको था की 5 ऐसी खास और स्वर्ग जैसी सुंदर जगहों के बारे में बताएंगे जहां आकर आपको मानसिक सुकून का अनुभव होगा। दूर तक फैले नरम घास के मैदान, उनके चारो और फैली विशाल हिमालय की बर्फीली चोटिया और उनकी



बेहद सुन्दर हिल स्टेशन है 'बिनसर'

Binsar उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्तिथ एक बेहद सुंदर और शांत जगह है। नैनीताल से महज 95 किलोमीटर की दूरी पर स्थित Binsar अपनी प्रकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। Binsar उत्तराखंड राज्य का एक फेमस टू



रानी दुर्गावती का परिचय वा खंड काव्य

महारानी दुर्गावती का जन्म सन 1527 ई. के आस-पास महोबे में हुआ था। लेकिन वे बाल काल से लेकर विवाह के समय तक अपने पिता कीर्तिसिंह(चंदेल) के साथ कालिंजर दुर्ग में रहते थे। दुर्गावती का विवाह कीर्तिसिंह की गुप्त सहमति से 'गढ़ा-मंडला' के गोंड राजा संग्राम शाह के पुत्र दलपति शाह के साथ के साथ सन 1543 ई. में



Sketches from Life: नाम में क्या रखा है

शेक्सपियर अंकल कह गए हैं कि नाम में क्या रखा है! गुलाब को चाहे किसी भी नाम से पुकारो पर खुशबू तो वही आएगी. लेकिन गुलाबी फूल का नाम तो कुछ रखना ही पड़ेगा इसलिए गुलाब ही ठीक है अब क्या बदलना. वैसे तो गुलाब के खुबसूरत फूल पर इंसानों के नाम भी हैं जैसे - गुलाब चन्द, गुलाब सिंह



Sketches from Life: पहला गियर

कहावत मशहूर है कि हज़ार मील लम्बा सफ़र हो पर शुरुआत तो एक कदम से ही होती है. ये बात एक चीनी दार्शनिक लाओ त्सू ने कही थी. आजकल तो यूँ कहना चाहिए की लम्बे सफ़र की शुरुआत पहले गियर से ही होती है. अब लाओ त्सू की तरह पैदल तो जाना मुमकिन नहीं है. हाँ आजकल बसें हैं आराम से बैठिये ड



डायबिटिज में सीनियर

शाम कोविद्यालय से घर वापिस आते ही श्रीमती जी का आदेश हुआ की कुछ जरुरी सामान लानाहै...भागते हुए बाजार गया...वापिस आते-आते रात्रि के आठ बज चुके थे...आते ही भोजनपर टूट पड़ा....अभी प्रथम निवाला ही मुंह को गया था की फोन घनघना उठा...निवालागटकते-गटकते जेब में हाथ डाला और मोबा



Sketches from Life: फ़िकर नॉट यात्रा

घंटी बजी तो फोन उठाया. उधर से आवाज़ आई, - शेट्टी बोलता ए.- बोलो शेट्टी. - चार दिन का छुट्टी आ रा भाई. दिल्ली जाएगा?- नो नो.- बोमडीला तवांग जाएगा ? सब अरेंज करेगा मैं. - जाएगा.- मेरे को मालूम. जितना वूलेन है पैक करो. सुबह 6 बजे निकलेगा. शेट्टी विजया बैंक तेज़पुर( असम ) का मै



मेरी पहली हवाई यात्रा

Meri Pehli Hawai Yatra के उत्साह, रोमांच, थोड़ा सा डर, जिज्ञासा से मन उथल पुथल हो रहा था जैसे तैसे चारबाग रेलवे स्टेशन पर पहुँचा, लखनऊ चारबाग सुबह 9 बजे ही पहुँच गया था जबकि मेरी गोवा की फ्लाइट शाम 5:30 पर थी खैर अपने एक रिश्तेदार के घर चला गया चाय नाश्ता खाना पीना करके कुछ आराम की और 3 बजे फिर आ गया



लाल छतरी वाली लड़की - डॉ दिनेश शर्मा

डॉ दिनेश शर्मा के यात्रा वृत्तान्त की एक और कड़ी... बहुत सुन्दर औरमार्मिक...लाल छतरी वाली लड़की : दिनेश डाक्टरसबसे पहले मैंने उसे शाम के समय सड़क के किनारे बने मंदिर कीसीढ़ियों के पास देखा था | हाथ में फूल, अगरबत्तीलिए वह अपने आराध्य की प्रतिमा के सामने आंख बन्द किये बड़े श्रद्धा भाव से चुपचापकुछ फुसफुसा



लाल छतरी वाली लड़की : दिनेश डाक्टर

लाल छतरी वाली लड़की : सबसे पहले मैने उसे शाम के समय सड़क के किनारे बने मंदिर की सीढ़ियों के पास देखा था । हाथ में फूल, अगरबत्ती लिए वह अपने आराध्य की प्रतिमा के सामने आंख बन्द किये बड़े श्रद्धा भाव से चुपचाप कुछ फुसफुसा रही थी । मैं लंबी वाक से होटल की तरफ लौट रहा था । थोड़ा थक गया था । मंदिर के पास बन



नशा माटो के शराबखाने का

आज काफी दिनों के बाद शब्दनगरी के लेखों परगई तो डॉ दिनेश शर्मा के कुछ और यात्रा संस्मरण देखे... आइये हम भी उनके साथ कुछयात्राएं कर लें...नशा माटो के शराबखाने का समुद्रके किनारे चलते चलते रास्ते में एक शान्त सी दूकान देखी तो कुछ पीने और सुस्तानेके इरादे से उसमें ही घुस गया | यह दरअसल एक शराब खाना था ज



दुनिया के सबसे खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यानों में : दिनेश डाक्टर

क्रोएशिया में लैंड होने के बाद बहुत जगह एक बात बहुत सारे क्रोएशयन ने कई बार जो बड़े गर्व से दोहराई वो है यहां के पानी के बारे में उनका विश्वास । ' आप बोतल के पानी में पैसा खराब न करे ! हमारे हर नल का पानी किसी भी बोतल के पानी से ज्यादा अच्छा और शुद्ध है । क्योंकि मेरे अपने देश में बहुत सारी बीमारियों



क्रोएशिया की खूबसूरती और बिंदास लोग : दिनेश डाक्टर

वैसे तो क्रोएशयन लोग तबियत से खासे गर्मजोश होते है पर एकदम नही खुलते । शायद काफी अरसे तक कम्युनिज्म के प्रभाव ने वहाँ के लोगों को अपनी भावनाओं पर काबू पाकर पहले दूसरों को भांपने की आदत डाल दी है । एक बार बातचीत में खुल जाएँ तो बड़े बेतकल्लुफ होकर दोस्ती गांठ लेते हैं । क्रोएशिया में जो लोग सर्बिया य



नशा माटो के शराबखाने का : दिनेश डाक्टर

समुद्र के किनारे चलते चलते रास्ते में एक शांत सी दुकान देखी तो कुछ पीने और सुस्ताने के इरादे से उसमे ही घुस गया । यह दरअसल एक शराब खाना था जो मुख्य टूरिस्ट मार्ग पर न होने की वजह से इस समय वीरान था । अंदर रेड और व्हाइट वाइन के कांच के बड़े बड़े जार थे, लकड़ी के बड़े बड़े गोल हौद थे जिनमे वाइन बनन



घुमक्कड़ी का कीड़ा

डॉ दिनेश शर्मा के साथ थोड़ा सा घुमक्कड़ हो जाएँ...घुमक्कड़ी का कीड़ा : दिनेश डाक्टरघुमक्कड़ी का कीड़ा बचपन से ही मुझे ख़ासा परेशान करता रहा है | मुझे याद है कि हमारे पड़ोस में रहने वाले एक किसान का भतीजा कुछ दिन के लिए हमारे गाँव में आया था |मेरी उम्र रही होगी बामुश्किल दस ग्यारह बरस की | वो जर्मनी मे



घुमक्कड़ी का कीड़ा : दिनेश डाक्टर

घुमक्कड़ी का कीड़ा बचपन से ही मुझे ख़ासा परेशान करता रहा है । मुझे याद है कि हमारे पड़ोस में रहने वाले एक किसान का भतीजा कुछ दिन के लिए हमारे गाँव में आया था ।मेरी उम्र रही होगी बामुश्किल दस ग्यारह बरस की । वो जर्मनी में कहीं सेटल था । जैसे ही मुझे पता लगा कि वो जर्मनी में रहता है , मैं घंटो उसके पा



उम्र भर सफ़र में रहा - डॉ दिनेश शर्मा

डॉ दिनेश शर्मा के साथ निकलते हैं आज फिर एक नए सफ़र पर...उम्र भर सफर में रहा : दिनेश डॉक्टरअगलीसुबह मार्ग्रेट का, जो मुझे साल्जबर्ग के किले से उतरते वक़्त टकराई थी और जिसने मुझे वियना कीघूमने वाली जगहों की लिस्ट बना कर दी थी, फोन आ गया | जब मैंने बताया की मैं वियना में ही हूँ तो बहुत खुश हुई और दोपहर क



वाह विएना ! वाह !!

डॉ दिनेश शर्मा का एक और शब्दचित्र - वाह विएना ! वाह !!श्वेडन प्लाटज़बड़ा स्टेशन था |यहां से मुख्य ट्रेन स्टेशन , बस स्टेशन और हवाई अड्डे केलिए अंडर ग्राउण्ड ट्यूब रेलवे के नेटवर्क थे | बगल में हीडेन्यूब के किनारे छोटा सा नाव पोर्ट था जहां से हंगरी में बुडापेस्ट औरस्लोवाकिया में ब्रात्सिलावा के लिए जेट



ख़ूबसूरत वियना की बाहों में - डॉ दिनेश शर्मा

डॉ दिनेश शर्मा का यात्रा वृत्तान्त... हमेशा की तरह एक ख़ूबसूरतशब्दचित्र...खूबसूरत वियना की बाहों में : दिनेश डॉक्टरविएना पहुंचा तोलगा जैसे विएना शहर नही एक खूबसूरत लड़की है जिसने मुझे आगे बढ़कर अपनी बाहों में भरलिया है| सबसे पहले उतर करपूछताछ खिड़की पर गया और लोकल ट्रामों, ट्रेनों और अंडरग्राउंड ट्यूब र



साल्जबर्ग में आखिरी दिन : दिनेश डॉक्टर

डॉ दिनेश यात्रा वृत्तान्तों में पूरा शब्दचित्र उकेर देने में माहिर हैं...पूरी सैर करा देते हैं उन स्थलों की जहाँ जहाँ उन्होंने भ्रमण किया है... ऐसा हीएक और यात्रा वृत्तान्त...साल्जबर्ग में आखिरी दिन : दिनेश डॉक्टरकेबल कार सुबहसाढ़े सात बजे चलनी शुरू होती थी । नाश्ता सुबह साढ़े छह बजे ही लग जाता था । ज



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