अब आसानी से अपनी ट्रेन टिकट किसी और को ट्रांसफ़र कर सकते हैं, जानिये कैसे?

INDIAN RAILWAY PASSENGERS TRANSFER TRAIN TICKETरेल यात्रा आम लोगों की जीवन में बेहद महत्वपूर्ण है। हर दिन लगभग करोड़ों लोग रेल से यात्रा करते हैं और यही वजह है कि भारतीय रेल आम नागरिकों की सहायता के लिए आए दिन अलग अलग नियम और सुविधाजनक योजनाएं बनाते रहते हैं। इन योजना



यह हैं दुनिया के 10 सबसे अदभुत और खूबसूरत होटल

आइये आज हम आपको बताते हैं दुनिया के10 सबसे खूबसूरत और बेहतरीन होटलों के बारे में, जिनको देख कर आप भी रह जायेंगे दंग ।प्रकृति ने दुनिया को पहले से ही बेहद खूबसूरत बनाया है, लेकिन इंसानी कारीगरी और रचनात्मकों ने इसमें और भी चार चाँद लगा दिए । वक्त के साथ इंसानी कारीग



गलत है यह रवायत

तेरी मुबहम दावेदारियां, सबब हैं,मेरी आदतन खुशगवारियों का,तूं जो यूं, करके जुल्फें परीशां,तूफां को दावते-जुनूं देती हो,अल्फाजों के सितारे बिखेर कर,कहकशां को बटुए में सहेज लेती हो,खूब दिखती हो, अच्छी लगती हो...।किसको गरज है खुलूस की आम



बग्वाल मेला

चम्पावत के देवीधूरा नामक जगह पर मां वाराही का प्रसिद्ध मन्दिर है. हर साल रक्षाबन्धन के दिन यहां विशाल मेला लगता है. इस मेले का मुख्य आकर्षण दो गुटों के बीच होने वाला पाषाण युद्ध है. कहा जाता है कि प्राचीन समय में यहां मानव बलि का प्रचलन था. एक बार किसी वृद्ध महिला के



कांधला से कैराना -हाय रे बच्चों वाली औरतें

कांधला से कैराना और पानीपत ,एक ऐसी बस यात्रा जिसे भुला पाना शायद भारत के सबसे बड़े घुमक्कड़ व् यात्रा वृतांत लिखने वाले राहुल सांकृत्यायन जी के लिए भी संभव नहीं होता यदि वे इधर की कभी एक बार भी यात्रा करते . कोई भी बात या तो किसी अच्छे अनुभव के लिए याद की जाती है



अंतिम यात्रा

अंतिम यात्रा, भाग -१किसी की चूड़ियाँ टूटेंगी,कुछ की उम्मीदे मुझसेविदा लेगी रूह जबमुस्करा कर मुझसेकितनी बार बुलाने भी जोरिश्ते नहीं आयेदौड़ते चले आएंगे वो तब आँशु बहायेकितने आँशु गिरेंगे तबजिस्म पर मेरेरुख्सती में सब खड़े होंगे मेरी मिटटी को घेरे ||अंतिम बार फिर नहलाया जायेगाबाद सजाया जायेगाअंतिम दर्श



“छुक छुक रेल” (यात्रा वृतांत)

“छुक छुक रेल” (यात्रा वृतांत) फिर वहीँ स्टेशन, वही रेल, वही पतली पट्टी वाली लोहे की डगर। चढ़ते उतरते धक्का मुक्की करती पसीने की कमाई हुई गठरी को सीने से चिपकाए परवरिश के रिश्ते। कोई आर.ए.सी., कोई कनफर्म तो कोई प्रतीक्षारत, अधीर, निराधार टिकट के साथ आशा भरी नजर के साथ सूच



विश्‍व प्रसिद्ध सरधना चर्च

मेरठ में विगत पांच दशक से रह रहा हूं पर सरधना का विश्‍व प्रसिद्ध चर्च देखने का अवसर प्राप्‍त नहीं हुआ। सन् 2016 के अन्तिम दिन 31 दिसम्‍बर को पत्‍नी सहित इसे देखने का कार्यक्रम बना तो इसे देखने का सौभाग्‍य प्राप्‍त हुआ। ... अधिक जानकारी व ज्ञानवर्धन के लिए अधोलिखित लिंक पर



अगर परिवार आपके प्यार के हैं खिलाफ तो यहां आकर पाएं अपना प्यार!

दुनियाभर में कई ऐसी जगहों के बारे में तो आपने सुना ही होगा कि जहां जाने से मनचाहा प्यार मिल जाता है। लेकिन प्रेमियों को कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं है क्योंकि हमारे देश में भी ऐसी ही एक जगह है, जो प्यार करने वालों को मिलाती है। अगर आपका परि



ये है भारत का ऐसा प्रसिद्द मंदिर जहां पाकिस्तान के गिराए ३००० बम हुए बेअसर !

वैसे तो यह मंदिर सदैव ही आस्था का केंद्र रहा है पर 1965 कि भारत – पाकिस्तान लड़ाई के बाद यह मंदिर देश – विदेश में अपने चमत्कारों के लिए प्रशिद्ध हो गया। तनोट माता का मंदिर जैसलमेर से करीब 130 किलो मीटर दूर भारत – पाकिस्तान बॉर्डर के निकट स्थित है। यह मंदिर लगभग 1200 साल पुराना है। 1965 कि लड़ाई में



उत्तम क्षमा, सबको क्षमा, सबसे क्षमा

उत्तम क्षमा, सबको क्षमा, सबसे क्षमाक्षमावाणी पर्व का अपना एक अलग ही महत्व होता है। क्षमा पर्व हमें सहनशीलता से रहने की प्रेरणा देता है।अपने मन में क्रोध को पैदा न होने देना और अगर हो भी जाए तो अपने विवेक से, नम्रता से उसे विफल कर देना। अपने भीतर आने वाले क्रोध के कारण को



Sketches from Life: मैसूर पैलेस

मैसूर शहर बंगलौर से लगभग 150 किमी की दूरी पर है और समुद्र तल से इसकी उंचाई 770 मीटर है. शहर की आबादी दस लाख से कम है और मौसम गर्म और उमस भरा है. परन्तु अक्टूबर से मार्च तक सु



जब पहाड़ पर नागा बाबा से मिली अकेली घुमंतू लड़की

गांव चमारी में घर की ढलान से उतरते ही महादेव कक्का का घर था. उनके घर में खूब सारी छिरिया (बकरी) थीं. कक्का की एक बेटी थीं. लक्ष्मी दीदी. उनकी शादी हो चुकी थी. पर वह कक्का की अकेली औलाद थीं. तो यहीं रहती थीं. मैं मम्मी से छुटपन में कह देते. कक्का की तो छिरिया भी रोज घूमने जाती हैं लैन (रेलवे लाइन) तक



सफ़र और हमसफ़र : एक अनुभव

 अकसर अकेली सफ़र करतीलड़कियों की माँ को चिंताएं सताया करती हैं और खासकर ट्रेनों में . मेरी माँ केहिदयातानुसार दिल्ली से इटारसी की पूरे दिन की यात्रा वाली ट्रेन की टिकट कटवाईमैंने स्लीपर क्लास में . पर साथ में एक परिवार हैबताने पर निश्चिन्त सी हो गयीं थोड़ी .फिर भी इंस्ट्रक्शन मैन्युअल थमा ही दीउन्होंने



गाँव की ओर

खादी के एक झोले में टूथब्रश डाला, कुछ कपड़े डाले आैर बस गाँव जाने की तैयारी हो गई......Sketches from Life: गाँव की ओर स्कूल की शिक्षा पूरी हो चुकी थी और कॉलेज जाने के बीच कुछ अन्तराल था. सो कुछ समय गाँव मे रहने का मन बना लिया. खादी के एक झोले में टूथब्रश डाला, कुछ कपड़े डाले आैर बस गाँव जाने की तैया



हिमालयन बर्ड के साथ दार्जीलिंग में हमारा आखिरी दिन

   इससे पहले का हिस्सा यहाँ पढ़ें:आज दार्जीलिंग में हमारा तीसरा दिन है. हमारे यात्रा-कार्यक्रम में अब तीन चीज़ें शेष हैं – थ्री पॉइंट टूर, रॉक गार्डन और गंगा-माया पार्क तथा दार्जीलिंग का गौरव – हिमालयन रेल की सवारी! टाइगर-हिल जाने वाले पर्यटक परंपरागत तौर पर अल-सुबह पहुँच, वहाँ से कंचनजंगा की चोटियों



शहर की सैर : दार्जीलिंग में हमारा दूसरा दिन

पहला हिस्सा पढ़ने के लिए क्लिक करें: सुबह के सात बजे हैं और ये दार्जीलिंग में हमारे दूसरे दिन की शुरुआत है. यूँ तो हमें आठ बजे तैयार रहने को कहा गया था किन्तु मैंने ड्राईवर को नौ बजे आने को कहा था. मुझे लगा था कि लंबी यात्रा की थकान से उबरने में थोड़ा समय तो लगेगा ही. आठ बजते-बजते नाश्ता भी तैयार हो ग



कांवड़ यात्रा 2016

सावन के महीने के साथ ही तैयारी कांवड़ की. कांवड़ लेकर हरिद्वार जाना और गंगाजल लाना कभी पैदल हुआ करता था. .....कांवड़,यात्रा,शिव,हरिद्वार Sketches from Life: कांवड़ यात्रा 2016



कांधे पर कांवर, जुबां पर 'बोलबम' और थामा बाबा धाम की डगर

न कोई निमंत्रण, न ही कोई बुलावा। न कोई पोस्टर और न ही पम्फलेट का वितरण। न मुनादी और न किसी का आह्वान। बिना किसी अपील और उकसावे के युवा अपने घरों से निकलने को बेताब हैं। कहीं-कहीं से कांवरियों का जत्था रवाना भी हो चुका है। कांधे पर कांवर, गेरुआ वस्त्र पहने, कमर में इलाहाबाद की शान कहा जाने वाला गमछा।



स्वर द्वारा सफल यात्रा व कार्यसिद्धि कैसे करे?

     स्वर दो होते हैं-सूर्य स्वर(दायां) और चन्द्र स्वर(बायां)।      सूर्य स्वर दाएं नथुने से और चन्द्र स्वर बाएं नथुने से आता-जाता रहता है।      दोनों स्वर ढाई-ढाई घड़ी में बदलते रहते हैं।     जिस नथुने  से श्‍वास अधिक तेजी से अन्‍दर जाए या निकले वह स्‍वर चल रहा होता है।       आप यात्रा करने जा र



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