योनि

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योनि में प्रसव के बाद बदलाव!

गर्भावस्था के नौ माह बीतने के बाद जब एक नया जीवन माँ के समक्ष आता है, तब वह पल अनमोल होता है। इन पलों को शब्दों और भावों में व्यक्त करना किसी के लिए भी सरल नहीं होता है। लेकिन इस पल को वास्तविक रूप में बदलने के लिए जिस प्रक्रिया का सहारा लिया जाता है उसे प्रसव कहते है



नक्षत्र - एक विश्लेषण

नक्षत्रों की योनियाँपिछले लेख में हमनेनक्षत्रों की नाड़ियों पर बात की थी | सारे 27 नक्षत्र आद्या, मध्या औरअन्त्या इन तीन नाड़ियों में विभक्त होते हैं और प्रत्येक नाड़ी में नौ नक्षत्र होतेहैं | नाड़ियों के साथ साथ योनियों में भी नक्षत्रों का वर्गीकरण होता है |प्रत्येक नक्षत्र एक विशेष योनि से सम्बन्ध रखत



छाए हैं दृग पर

 छाए हैं अब दृग पर, वो अतुल मिलन के रम्य क्षण! वो मिल रहा पयोधर, आकुल हो पयोनिधि से क्षितिज पर, रमणीक क्षणप्रभा आ उभरी है इक लकीर बन। छाए हैं अब दृग पर, वो अतुल मिलन के रम्य क्षण! वो झुक रहा वारिधर,युँ आकुल हो प्रेमवश नीरनिधि पर, ज्युँ चूम रहा जलधर को प्रेमरत व्याकुल महीधर। छाए हैं अब दृग पर, वो अ





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