सिरदर्द दूर करने के लिए दवाई नहीं, करें यह योगासन

10 जनवरी 2019   |  मिताली जैन   (29 बार पढ़ा जा चुका है)

सिरदर्द दूर करने के लिए दवाई नहीं, करें यह योगासन - शब्द (shabd.in)

आज के समय में लोग हर छोटी-बड़ी बीमारी के उपचार के लिए दवाईयों पर निर्भर रहते हैं लेकिन वास्तव में जरूरत से ज्यादा दवाईयों का सेवन स्वास्थ्य को हानि पहुंचाता है। ऐसी बहुत सी स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जिनका उपचार बिना दवाईयों के भी किया जा सकता है। ऐसी ही एक स्वास्थ्य समस्या है, सिरदर्द की समस्या। वर्तमान में जिस तरह हर व्यक्ति काम के बोझ तले दबा हुआ है, उसके कारण उसे सिरदर्द की परेशानी का सामना करना ही पड़ता है। लेकिन सिरदर्द होने पर दवाई का सेवन उचित नहीं। अगर आप हर दिन कुछ आसनों का अभ्यास करें तो इससे सिरदर्द में तो आराम होगा ही, साथ ही यह परेशानी आपको बार-बार तंग नहीं करेगी। इसके अतिरिक्त प्रतिदिन योगाभ्यास से अन्य भी कई तरह के लाभ होंगे। तो चलिए जानते हैं सिरदर्द के उपचार हेतु कारगर योगासनों के बारे में-

सर्वांगासन


सर्वांगासन संपूर्ण शरीर का एक योगाभ्यास है। इसके अभ्यास से शरीर के सभी अंगों को राहत मिलती है। यह आसन तनाव के कारण होने वाले सिरदर्द को दूर करने में बेहद असरकारक है। इतना ही नहीं, इस आसन के अभ्यास से थकावट, अपच, आंखों का दर्द, कब्ज, दमा, खांसी, पेट के रोग, बालों का झड़ना, मोटापा, झुर्रियां, थाॅयराइड आदि जैसी समस्याएं दूर होती है। इस आसन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल जमीन पर सीधे लेट जाइये। इसके बाद अपने दोनों पैरों को ऊपर की ओर कुछ इस कदर उठाइए कि जमीन से 90 डिग्री का कोण बन जाए। इसके बाद कमर को हाथों का सपोर्ट देते हुए कमर को ऊपर की ओर उठाएं तथा पैरों को सिर की ओर पीछे से धकेलें। इस अवस्था में पैर, पीठ और कमर सीधे तने होने चाहिए। अब पैरों की उंगलियों को आसमान की तरफ खींचिए और अपनी आंखों को पैर की उंगलियों पर केंद्रित रखिए। कुछ क्षण इसी अवस्था में रूकें। अब धीरे-धीरे पहले की अवस्था में वापस लौट आइये।


विपरीतकर्णीआसन


यह एक ऐसा आसन है, जो सिरदर्द को दूर करने के साथ-साथ चक्कर आने की परेशानी को भी दूर करता है। दरअसल, जब आप इस आसन का अभ्यास करते हैं तो मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह बेहतर होगा। अगर आप पहली बार इस आसन का अभ्यास कर रहे हैं तो दीवार का सहारा लें । इसके लिए दीवार के नजदीक पीठ के बल लेट जाएं। अब पैरों को दीवार से लगाकर सीधा करें। अब दीवार के सहारे अपने पैरों को ऊपर उठाएं। यह धीरे−धीरे करें। अब अपने कूल्हों को ऊपर की तरफ उठाएं। शरीर को अपने हाथों से सहारा दें। अपनी गर्दन, कंधे और चेहरे को स्थिर रखें। इस अवस्था में 5 मिनट तक गहरी सांस लें और फिर सांस छोड़ें। धीरे−धीरे इस अवस्था से बाहर आएं। यह आसन सिरदर्द दूर करने के साथ-साथ शरीर को मजबूत व लचीला बनाने का काम भी करता है।


आनंद बालासन


आनंद बालासन एक ऐसा आसन है, जो उर्जा का संचार करने के साथ-साथ शारीरिक तनाव को दूर करता है। जिससे व्यक्ति रिलैक्स महसूस करता है और दिमाग शांत होने के साथ-साथ सिरदर्द से भी छुटकारा मिलता है। इस आसन का अभ्यास करने के लिए सर्वप्रथम कमर के बल लेट जाएं और सांस को अन्दर लेते हुए पैरों को ऊपर सीधा उठाएं। फिर अपने दोनों हाथों से पैरों की उंगलियों को पकड़ें। अब अपने घुटनों को मोडें और कूल्हों को फैलाते हुए पैरों को साइड में ले आएं। लेकिन ध्यान रहे कि सिर और कमर पूरी तरह जमीन पर रखी हो। आराम से सांस लेते रहे और इसी अवस्था में कुछ क्षण रूकें। अब सांस को बाहर छोड़ते हुए हाथों और पैरों को उल्टी प्रक्रिया में दोहराएं और कुछ देर जमीन पर सीधा लेटे रहें।


अधोमुखश्वासन


इस आसन में भी विपरीतकर्णीआसन की तरह सिर की तरफ रक्त व ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर तरीके से होता है, जिससे सिरदर्द से राहत मिलती है। इस आसन के अभ्यास के दौरान शरीर उल्टे वी के समान दिखाई देता है। इस आसन का अभ्यास करने के लिए सर्वप्रथम पेट के बल लेटें। इसके बाद अपने हाथों व पैरों को जमीन से लगाते हुए त्रिभुज की भांति शरीर की आकृति बनाते हुए कमर को उपर उठाएं। इस पॉश्चर में कुछ देर रूकें और गहरी सांस लें। इसके बाद सामान्य अवस्था में लौट आएं।


उत्तानासन


उत्तानासन सिरदर्द को दूर करने के लिए सर्वोत्तम आसन माना गया है। इस आसन के अभ्यास के दौरान आपके तंत्रिका तंत्र में रक्त की आपूर्ति बढ़ती है, जिससे मस्तिष्क शांत होता है। इसके अतिरिक्त यह आसन कोशिकाओं में ऑक्सीजन प्रवाह को बेहतर बनाता है। उत्तानासन का अभ्यास करने के लिए पहले सीधे खड़े हो जाएं। अब सांस छोड़ते हुए कूल्हों की तरफ से मुड़ते हुए नीचे झुके। ध्यान रहे कि आपके घुटने न मुड़ें तथा पैर एक−दूसरे के समानांतर हों। अब अपनी छाती को पैरों के बीच में करें तथा कूल्हे की हड्डियों में खिंचाव को महसूस करें तथा हाथों से अपने पंजों को छुएं। आपका सिर अब फर्श तक पहुंच जाएगा। अब कुछ देर तक इसी अवस्था में रहें। अब सांस लेते हुए हाथों को अपने कूल्हें पर रखें तथा धीरे−धीरे सामान्य अवस्था में लौट आएं।


पवनमुक्तासन


कई बार सिरदर्द का एक कारण पेट की गैस भी होतीे है। जब खान-पान में गड़बड़ी के कारण पेट में गैस बनने लगती है तो उसके कारण सिर में तीव्र दर्द होता है। इस स्थिति में पवनमुक्तासन का अभ्यास करना अच्छा रहेगा। यह आसन पेट तथा आंतों में फंसी हुई गैस को बाहर निकालने का काम करता है और जब यह गैस बाहर निकल जाती है तो सिर का दर्द खुद ब खुद ठीक हो जाता है। इस आसन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले हाथ-पैरों को सीधा खोलकर मैट पर कमर के बल लेट जाएं। अब श्वास छोड़ें और श्वास भरते हुए दाएं पैर को उपर 90 डिग्री के कोण पर उठाएं। अब श्वास छोड़ते हुए पैर को घुटने से मोड़ें। अब फिर से श्वास भरते हुए दोनों हाथों से घुटने को पकड़ें। इसके पश्चात श्वास छोड़ते हुए पैर को पेट पर दबाएं और सिर को घुटनों पर लगाएं। पंजे को बाहर निकालें और कुछ देर इसी अवस्था में रहें। अब इसे दूसरी तरफ से भी दोहराएं। अब श्वास छोड़ते हुए वापिस आ जाएं।


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