युवाओ में बढ़ती प्री-डायबिटीज का आयुर्वेदिक समाधान

02 अगस्त 2019   |  दिएबिएंट शुगर केयर   (4362 बार पढ़ा जा चुका है)

वर्तमान समय में ब्लड शुगर कि समस्या आम हो चुकी है। गलत जीवन शैली तथा खानपान के कारण ब्लड शुगर के मरीजों में प्रतिदिन बढ़ोतरी होती जा रही है। इस समस्या से पीड़ित लोग अपनी शुगर कंट्रोल करने के लिए हमेशा परेशान रहते हैं। इसी प्रकार युवाओ में प्री-डायबिटीज की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस समस्या का तत्काल समाधान करने पर यह समस्या ही आगे चल कर डायबिटीज की समस्या में बदल जाती है।


आखिर क्या है प्री-डायबिटीज कि समस्या -

चिंता, तनाव तथा बदलती जीवन शैली और खानपान में कई समस्याओं को जन्म दिया है। प्री-डायबिटीज इनमें से ही एक समस्या है। यह बिमारी अधिकतर युवा लोगों में पाई जा रही है। सामान्य तौर पर प्री-डायबिटीज की समस्या डायबिटीज टाइप-2 से पहले पाई जाती है। इसका अर्थ यह होता है की व्यक्ति के ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ रही है लेकिन उसके ब्लड में शुगर का स्तर नार्मल से थोड़ा ज्यादा आता है। दूसरे शब्दों में यदि ब्लड की जांच की जाएं और खाली पेट 100 से 110 तथा भोजन के बाद 140 से 150 की रिपोर्ट आती है तो इस स्थिति को प्री-डायबिटीज कहा जाता है।


पुरुष तथा महिलाओं में प्री डायबिटिक की समस्या -

वर्तमान समय में प्री-डायबिटीज की समस्या तेजी से युवाओं में बढ़ती जा रही है। 20 से अधिक की उम्र के युवाओं में यह अधिक देखी जा रही है। इस आयु वर्ग के अधिकतर लोग स्कुल या कॉलेज के छात्र होते हैं। इस प्रकार के लोगों का अधिकतर समय घर के बाहर ही बीतता है। ऐसे में बाहरी खानपान तथा पढ़ाई, कोचिंग या एक्जाम आदि के तनाव के कारण ये लोग प्री-डायबिटीज की समस्या से ग्रस्त हो सकते हैं। वहीं दूसरी और 20 वर्ष से अधिक के कुछ युवा लोग जॉब या व्यापार करते हैं। इस प्रकार का कार्य करने वाले लोग भी दूषित खानपान, वातावरण तथा तनाव आदि के कारण प्री-डायबिटीज से ग्रस्त हो सकते हैं।


प्री-डायबिटीज के लक्षण -

1 - थकान का अधिक महसूस होना।

2- अधिक प्यास का लगना।

3 - बेहोशी आना।

4 - धुंधला दिखाई पड़ना।

5 - सोने में समस्या होना।

6 - स्किन पर काले तथा गहरे धब्बों का हो जाना।


प्री-डायबिटीज का आयुर्वेदिक समाधान -

प्री-डायबिटीज की समस्या के समाधान के लिए एम्बिक आयुर्वेदिक कंपनी की डायबियंट औषधी बहुत लाभकारी होती है। डायबियंट शुगर केयर टेबलेट पुर्णतः आयुर्वेदिक तत्वों से निर्मित हुई है और यही कारण है की इसका मानव शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। डायबियंट औषधी में नाग भस्म, बंग भस्म, चन्द्रप्रभा वटी, अर्जुन छाल, हल्दी, त्रिफला, मेथी दाना, कुटकी, शुद्ध शिलाजीत जैसे प्राकृतिक घटक हैं। डायबियंट शुगर केयर टेबलेट ब्लड शुगर तथा यूरिन शुगर को नियंत्रित करती है। प्री-डायबिटीज के रोगी की रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है। परंतु डायबियंट औषधी के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने लगती है अतः प्री-डायबिटीज ग्रसित व्यक्ति बहुत से रोगों से आसानी से बच जाता है। इस रोग में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगता है परंतु इस औषधी का सेवन कोलेस्ट्रॉल लेवल को घटाता है। इसके अलावा आंखों तथा किडनी पर होने वाले दुष्प्रभावों को भी यह औषधी रोकती है। यह रोगी के ह्रदय को मजबूत बनाती है तथा शारीरिक और पौरुष कमजोरी को दूर करती है। प्री-डायबिटीज की समस्या से ग्रस्त वयस्क व्यक्ति डायबियंट शुगर केयर टेबलेट की एक एक टेबलेट का सेवन सुबह शाम भोजन से पहले कर इस समस्या में काफी लाभ प्राप्त कर सकता है।



anubhav
03 अगस्त 2019

बेहतरीन जानकारी के साथ आपका ये लेख बहुत अच्छा है। धन्यवाद

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