आईवीएफ व टेस्ट ट्यूब बेबी क्या है ? आईवीएफ की जरूरत किसे होती है ?

28 जनवरी 2020   |  बबीता राणा   (6070 बार पढ़ा जा चुका है)

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आईवीएफ़ जिसे बहुत से लोग टेस्ट ट्यूब बेबी के नाम से भी जानते हैं। आईवीएफ उन दम्पत्तियों के लिए वरदान है जो कई कारणों से बच्चे का सुख प्राप्त नहीं कर पाते हैं। आईवीएफ़ एक प्रकार की सहायक प्रजनन तकनीक है। इस तकनीक में सबसे पहले अधिक अंडों के उत्पादन के लिए महिला के गर्भाशय को उत्तेजित किया जाता है। मैच्योर एग के अधिक संख्या में उत्पादन के बाद, निर्धारित समय पर एक छोटी सर्जरी की मदद से इन्हें बाहर निकाला जाता है। इसके बाद एग को पुरुष के निकाले गए स्पर्म के साथ फर्टिलाइज होने के लिए रख दिया जाता है। जब ये प्रक्रिया पूरी हो जाती है तो भ्रूण को मां के गर्भ में डाल दिया जाता है ताकि उसका विकास हो सके और वो भ्रूण से शिशु के रूप में आ सके।


वहीं आईवीएफ के माध्यम स्वस्थ बच्चा होने की संभावना एक महिला की उम्र और उसकी इनफर्टिलिटी के कारण पर निर्भर करती है।


आईवीएफ ट्रीटमेंट करने से पहले आपको और आपके साथी को उपचार के कुछ विकल्प दिए जा सकते हैं। इनमें प्रजनन दवाएँ लेना या अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान शामिल हो सकते हैं।


आईवीएफ की ज़रूरत किसे होती है!


  1. अगर किसी महिला की फैलोपियन ट्यूब के डैमेज या ब्लॉक हो तो अंडे का रिलीज़ होना या भ्रूण के लिए गर्भाशय तक पहुँचना मुश्किल हो जाता है।
  2. एंडोमेट्रियोसिस एक तरह का विकार (disorder) होता है जिसमें टिश्यू सामान्य रूप से गर्भाशय के बाहर बढ़ता है। जो अक्सर फैलोपियन ट्यूब, ओवरीज़ और यूटरस के काम को प्रभावित करता है।
  3. अक्सर देखा जाता है कि 40 साल की उम्र के बाद महिलाओं में प्रजनन क्षमता कम हो जाती है, जिस कारण वो माँ नहीं बन पाती हैं।
  4. पुरुषों में स्पर्म के असामान्य होने के कारण अंडे को रिलीज़ करना मुश्किल हो सकता है।
  5. अगर एक महिला का ओव्यूलेशन समय पर नहीं होता है या फिर अस्थिर रहता है तो अंडे की संख्या में कमी आ जाती है, जिस कारण ओव्यूलेशन प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है और प्रेग्नेंट होना मुश्किल हो जाता है।
  6. जब सामान्य कारणों के मूल्यांकन के बावजूद इनफर्टिलिटी के कारण का पता न चल सके। इसके अलावा अगर माता-पिता अपने आने वाले बच्चे को किसी भी तरह के जेनेटिक डिसऑर्डर से दूर रखना चाहते हैं तो वो आईवीएफ चुन सकते हैं।(आईवीएफ़ ट्रीटमेंट के लिए फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट डॉक्टर)

वैसे तो आईवीएफ़ के परिणाम ज्यादातर अच्छे ही होते हैं पर कई बार ऐसे मामले सामने आते हैं जिनमे टेस्ट ट्यूब से निषेचन एक से अधिक गर्भावस्था की ओर चला जाता है, और एक की जगह जुड़वां या तीन गुना गर्भ धारण हो जाता है। ऐसी अवस्था में उस महिला के कहने पर अनावश्यक भ्रूण को समाप्त किया जा सकता है। लेकिन इसमें भी खतरा बना रहता है बहुत बार इससे शेष की मृत्यु और बाद में गर्भपात होने का भी दर बना रहता है।

अगला लेख: आईयूआई की प्रक्रिया के बारे में जाने !



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