आईयूआई उपचार की जरूरत किन परिस्थितियों में पड़ती है?

30 जनवरी 2020   |  बबीता राणा   (5552 बार पढ़ा जा चुका है)

IUI

आईयूआई, गर्भधारण के लिए की जाने वाली एक प्रक्रिया है जिसमें एक पतली और फ़्लेक्सिबल कैथेटर ट्यूब की मदद से स्पर्म को गर्भाशय के अंदर फर्टिलाइज़ेशन के लिए डाला जाता है। इसमें एक से दो मिनट का समय लगता है।


वैसे मेल आईयूआई उपचार के लिए आईयूआई उपचार किया जाता है। मगर पुरुष बांझपन या महिला बांझपन दोनों ही परिस्थितियों में आईयूआई उपचार की जरूरत पड़ सकती है।


आईयूआई से गर्भधारण की आवश्यकता के कारण -


अस्पष्टीकृत बांझपन - सामान्य कारणों के मूल्यांकन के बावजूद बांझपन का कोई कारण नहीं पाया गया हो। ऐसे में इंफर्टिलिटी की समस्या हो सकती हैं, जिस स्थिति में कपल आईयूआई उपचार का विकल्प चुन सकते हैं।


एंडोमेट्रियोसिस- यह एक मेडिकल कंडीशन है जब यूटेरस की लाइनिंग जिसे एंडोमेट्रियम कहा जाता है, असामान्य तरीके से दूसरे अंगों की तरफ बढ़ने लगती है जैसे फैलोपियन ट्यूबों, ओवरी और पेलविस। एंडोमेट्रियोसिस के कारण गर्भधारण में बाधा आती है, ऐसी परिस्थिति में बांझपन के उपचार के लिए आईयूआई की तकनीक का सहारा लेना पड़ता है।


ग्रीवा कारक बांझपन - ओव्यूलेशन के समय के आस-पास, गर्भाशय ग्रीवा द्वारा प्रोड्यूस होने वाला म्यूकस, आपकी योनि से फैलोपियन ट्यूब तक के यात्रा के लिए, शुक्राणु को एक आदर्श वातावरण प्रदान करता है। लेकिन अगर आपका सर्वाइकल म्यूकस बहुत मोटा है, तो यह शुक्राणु की यात्रा को बाधित कर सकता है। गर्भाशय ग्रीवा खुद भी शुक्राणु को अंडे तक पहुंचने से रोक सकती है। ऐसे में आईयूआई आपके गर्भाशय ग्रीवा को न देख कर, शुक्राणु को सीधे आपके गर्भाशय में डाल देता है और मौजूद अंडे से फर्टिलाइज होने में सहायता करता है।


डिम्बग्रंथि कारक बांझपन- आईयूआई उन महिलाओं के लिए भी किया जा सकता है, जिनमें ओवुलेशन की समस्या के कारण बांझपन होता है। अंडे का उत्पादन कम होना, पीसीओएस, अनियमित मासिक धर्म चक्र सहित जैसी समस्या के कारण इंफर्टिलिटी की समस्या हो सकती है।


पुरुष बांझपन - सीमेन एनालिसिस के दौरान आपके साथी में शुक्राणु एकाग्रता औसत से कम दिख सकता है, स्पर्म की गतिशीलता में कमी दिख सकती है या फिर स्पर्म के आकार में असमानताएँ भी दिख सकती हैं। ऐसे में आईयूआई इनमें से कुछ समस्याओं को दूर कर सकता है क्योंकि आईयूआई उपचार में स्पर्म वॉश के दौरान , उच्च गुणवत्ता वाले स्पर्म को निम्न गुणवत्ता वाले स्पर्म से अलग कर किया जाता है।(भारत में आईयूआई स्पेशलिस्ट डॉक्टर)


वीर्य एलर्जी - कुछ महिलाओं को अपने साथी के सीमेन में मौजूद प्रोटीन से एलर्जी हो सकती है। इस स्थिति में जब सीमेन स्किन के कांटेक्ट में आता है तब एलर्जी के कारण योनि में लालिमा, जलन और सूजन हो सकती हैं। अगर आपकी त्वचा प्रोटीन से संवेदनशील है तो भी आईयूआई प्रभावी हो सकता है क्योंकि स्पर्म को गर्भाशय में डालने से पहले सीमेन में से कई प्रोटीन हटा दिए जाते हैं।

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