फैलोपियन ट्यूब के लिए एचएसजी टेस्ट

25 फरवरी 2020   |  बबीता राणा   (280 बार पढ़ा जा चुका है)


अगर आप माँ बनना चाहती हैं और आपका सपना पूरा नहीं हो रहा है तो इस समस्या को नज़रअंदाज़ न करके तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए ताकि समस्या के जड़ तक पहुँचा जा सके और समय रहते इसका इलाज संभव हो सके। फैलोपियन ट्यूब की समस्याओं का पता लगाने के लिए डॉक्टर कई तरह के टेस्ट करते हैं। इन्हीं टेस्ट्स में से एक है हिस्टेरोसलपिंगोग्राम टेस्ट। हिस्टेरोसलपिंगोग्राम एक प्रकार का एक्स-रे टेस्ट है जो फैलोपियन ट्यूब का एक्स-रे करता है। लेकिन, इसके एक्स-रे लेने की प्रक्रिया, आम एक्स-रे की प्रक्रियाओं से पूरी तरह भिन्न है।

आइये इसकी पूरी प्रक्रिया को जानते हैं, साथ में यह भी जानेंगे कि आखिर डॉक्टर इस प्रक्रिया से फैलोपियन ट्यूब की जांच कब नियुक्त करते हैं। गर्भधारण के लिए शरीर के विभिन्न अंगों का सुचारु रूप से काम जरुरी होता है, जैसे-अंडाशय का अंडा उत्पादन करने का काम, गर्भाशय का आकार सही होना और साथ ही साथ फैलोपियन ट्यूब का ब्लॉक न होना आदि। क्या आपको पता है, गर्भधारण न होने के कारणों में एक कारण होता है फैलोपियन ट्यूब में ब्लॉकेज की समस्या।


महिलाओं की फैलोपियन ट्यूब में अक्सर कई तरह की समस्याएं हो जाती हैं। इसलिए, डॉक्टर फैलोपियन ट्यूब का टेस्ट करते हैं।

हिस्टेरोसलपिंगोग्राम यानि एचएसजी टेस्ट एक प्रकार का एक्स रे टेस्ट है। यह टेस्ट उन महिलाओं के लिए है जो फैलोपियन ट्यूब में समस्या होने के कारण गर्भवती नहीं हो पा रही हैं। डॉक्टर इस टेस्ट की सलाह आईवीएफ या आईयूआई ट्रीटमेंट से पहले देते हैं। इस टेस्ट को पहले करवाने से आप आईवीएफ ट्रीटमेंट या आईयूआई से बच सकते हैं।

अगर फैलोपियन ट्यूब में कोई ऐसी समस्या है जिसका इलाज करने पर महिला सामान्य तरीकों से गर्भधारण कर सकें तो महिला को यह टेस्ट करवाने की सलाह दी जाती है। यह टेस्ट फैलोपियन ट्यूब के साथ-साथ गर्भाशय की समस्या को जानने के लिए उपयुक्त है।


हिस्टेरोसलपिंगोग्राम यानि एचएसजी टेस्ट (HSG test) टेस्ट की प्रक्रिया निम्न है :

इस टेस्ट के दौरान डॉक्टर एक पतली ट्यूब को महिला की योनि से गर्भाशय तक प्रवेश करवाते हैं।

गर्भाशय और फैलोपियन ट्यूब एक-दूसरे से जुड़े होते हैं।

अब इस पतली ट्यूब की मदद से डॉक्टर महिला के गर्भाशय में एक प्रकार की डाई डालते हैं।

यह डाई महिला के फैलोपियन ट्यूब की बारीक़ से बारीक़ जानकारी प्रदान करने में मददगार होती है।

जैसे ही डाई अंदर जाती है, पूरी प्रक्रिया शुरू हो जाती है।

यह रिपोर्ट फैलोपियन ट्यूब की कई समस्याओं का पता लगाती है। जिनमें से एक है फैलोपियन ट्यूब में ब्लॉकेज का पता लगाना।

ब्लॉकेज की वजह से एग ट्रांसप्लांट और स्पर्म मूवमेंट नहीं हो पाता है जिससे महिला गर्भवती नहीं हो पाती है।

फैलोपियन ट्यूब के ब्लॉकेज का इलाज होने पर महिला को आईवीएफ़ या आईयूआई ट्रीटमेंट करवाने की जरुरत नहीं पड़ती है।


हिस्टेरोसलपिंगोग्राम टेस्ट क्यों किया जाता है?

हिस्टेरोसलपिंगोग्रामटेस्टमहिला के फैलोपियन ट्यूब में ब्लॉकेज का पता लगाने के लिए किया जाता है। जब महिला की फैलोपियन ट्यूब की ब्लॉकेज का इलाज हो जाता है तो महिला गर्भधारण कर सकती है। अगर गर्भाशय और फैलोपियन ट्यूब का स्ट्रक्चर (structure) सामान्य नहीं है तो महिला को गर्भवती होने में समस्या होती है।

इसके अलावा एचएसजी टेस्ट फैलोपियन ट्यूब या गर्भाशय की कई आंतरिक समस्याओं का पता लगाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। फैलोपियन ट्यूब की नसबंदी करवाने के कुछ महीनों बाद एचएसजी टेस्ट किया जाता है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि फैलोपियन ट्यूब पूरी तरह से अवरुद्ध हुई है या नहीं।

हिस्टेरोसलपिंगोग्राम टेस्ट का इस्तेमाल फैलोपियन ट्यूब या गर्भाशय में किसी भी प्रकार की सर्जरी करने के बाद यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि सर्जरी सफल हुई है या नहीं।


हिस्टेरोसलपिंगोग्राम टेस्ट फैलोपियन ट्यूब और गर्भाशय की जांच करने के लिए उत्तम तकनीकों में से एक है। यह महिला की फैलोपियन ट्यूब की जांच करके, इससे जुड़ी समस्याओं के बारे में पता लगाता है।

अगला लेख: ओवुलेशन स्पॉटिंग क्या है व कैसे करें पहचान!



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x