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International days की सीक्रेट जानकारी हिंदी में

ये जानकारी सभी को जाननी चाहिए दोस्तो क्या आपको मालूम है कि हर महीने International days पड़ते है। हमे जानकारी न होने के कारण हम इन important days को सेलिब्रेट नही कर पाते हैं। हमे तो इनके बारे में दूसरे दिन मालूम पड़ता है जब तक ये दिवस निकल चुके होते हैं। ये हमारे राष्



जीवन के अध्याय

जिन्दगी में हर पल एक नई चुनौतियों को लेकर आता हैं,जो असमान संघर्षो से भरा होता हैं.इस पल को सामने पाकर कोई सोचना लगता हैं कि शायद मेरे जीवन में नया चमत्कार होने वाला हैं.अर्थात् सभी के मन में चमत्कार की आशा पैदा होने लगती हैं.चुनौतियां जो इंसानी जीवन का अंग है,जो इन चुनौतियों का सामना दृढता के साथ क



गर्दन दर्द के लक्षण, कारण और देसी उपचार

अक्सर जब हम सोकर उठते हैं तो हमारे शरीर में पेन होता है और खासकर ये दर्द गर्दन में होता है जो सीधी नहीं हो पाती है. शरीर के दर्द को एक बार बर्दाश्त किया जा सकता है लेकिन गर्दन का दर्द बहुत तकलीफ देता है क्योंकि इसकी वजह से गर्दन में जो घुमाव होता है को पूरी तरह से हो नहीं पाता और तकलीफ बनी रहती है.



प्रेम



ज़ुनून

जूनून ने किया किस क़दर ख़ानाख़राब इस हस्ती का "रंजन", मानिंद मजनू अब न तो दर है, न दीवार है न दरवाजा !!https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.com Dear Music Lovers,You are most welcome to this encyclopedia of Indian Classical Mus



श्रद्धा एवं विश्वास :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*मानव जीवन अनेक विचित्रताओं से भरा हुआ है | मनुष्य की इच्छा इतनी प्रबल होती है कि वह इस संसार में उपलब्ध समस्त ज्ञान , सम्पदायें एवं पद प्राप्त कर लेना चाहता है | अपने दृढ़ इच्छाशक्ति एवं किसी भी विषय में श्रद्धा एवं विश्वास के बल पर मनुष्य ने सब कुछ प्राप्त भी किया है | मानव जीवन में श्रद्धा एवं वि



वो दिन और मन

वो दिन मन की उलझनों का दिन उमंगे जो सुप्त पड़ी थी मानो इसी की राह थी अब ना था बांध का रुकना असंभव -सा था सीमाओं का बंधना क्षण ही में टूटने का भय और कुछ पा जाने का लय मन को अनुनादित सा करता विचारो का जखीरा उठता उठता आंधी -सा हवा का झोका प



पंचतंत्र की कहानी: चूहे की शादी

प्राचीन समय की बात है, नदी में एक ऋषि स्नान कर रहे थे। तभी वहां से एक बाज गुजर रहा था, जो अपने पंजों में एक चूहे को पकड़े हुए था। अचानक उस बाज के पंजे से वह चूहा छूट गया और ऋषि के हाथों पर आ गिरा। ऋषि को डर हुआ कि अगर वह चूहे को अकेला छोड़ देता, तो वह उसके शरीर पर उछलेगा,



दुराग्रही :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*इस संसार में ब्रह्मा जी ने अलोकिक सृष्टि की है | यदि उन्हों ने दुख बनाया तो सुख की रचना भी की है | दिन - रात , साधु - असाधु , पाप - पुण्य आदि सब कुछ इस सृष्टि में मिलेगा | मनुष्य जन्म लेकर एक ही परिवार में रहते हुए भी भिन्न विचारधाराओं का अनुगामी हो जाता है | जिस परिवार में रावण जैसा दुर्दान्त विचा



त्रिकाल संध्या :---- आचार्य अर्जुन तिवारी

*आदिकाल से ऋषि महर्षियों ने अपने शरीर को तपा करके एक तेज प्राप्त किया था | उस तेज के बल पर उन्होंने अनेकानेक कार्य किये जो कि मानव कल्याण के लिए उपयोगी सिद्ध हुए | सदैव से ब्राम्हण तेजस्वी माना जाता रहा है | ब्राम्हण वही तेजस्वी होता था जो शास्त्रों में बताए गए नियमानुसार नित्य त्रिकाल संध्या का अनु



हालकि छंद

पितृ दिवस पर प्रस्तुत है हालकि छंद, आदणीय पिता श्री को सादर प्रणाम एवं सभी मित्रों को हर्षित बधाई, ॐ जय माँ शारदा!हालकि छंदपिता दिवस पर प्रण करें, पीर पराई मिल हरें।कष्ट न दें निश्चित करें, मातु पिता ममता भरें।बने पिता की लाठी भी, माता सुख संघाती भी।पूत कपूत नहिं हो हरे, पिता वृक्ष वट खूब फरे।।पिता



‘भारत’ मूवी देखने का बाद सेलेब्रिटी ने दिया कुछ ऐसा रिएक्शन

बॉलीवुड में दबंग अभिनेता सलमान खान और कटरीना कैफ की फ‍िल्‍म भारतीय स‍िनेमाघरों में पहुंच चुकी है। फैंस इस फ‍िल्‍म का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। अली अब्बास जफर के निर्देशन में बनी फिल्म भारत की रिलीज को लेकर मेकर्स ने बड़ी प्‍लानिंग की थी। वहीं फिल्म का संगीत विशाल-शेखर



१७ से २३ जून तक का साप्ताहिक राशिफल

17 से 23 जून 2019 तक का साप्ताहिक राशिफलनीचे दिया राशिफल चन्द्रमा की राशि परआधारित है और आवश्यक नहीं कि हर किसी के लिए सही ही हो – क्योंकि लगभग सवा दो दिनचन्द्रमा एक राशि में रहता है और उस सवा दो दिनों की अवधि में न जाने कितने लोगोंका जन्म होता है | साथ ही ये फलकथन केवलग्रहों के तात्कालिक गोचर पर आध



कर्म धर्म और जाति की सुन्दर व्याख्या - यादव योगेश कुमार "रोहि"

गुप्त काल में -जब ब्राह्मण वाद का विखण्डन होने लगा तो परास्त ब्राह्मण वाद ने अपने प्रतिद्वन्द्वी भागवत धर्म को स्वयं में समायोजित कर लिया ।यह भागवत धर्म अहीरों का भक्ति मूलक धर्म था ।और ब्राह्मणों का धर्म था - वर्ण व्यवस्था मूलक व स्वर्ग एवं भोग प्राप्ति हेतु पशु बलि व यज्ञ परक कर्म काण्डों पर आधार


कर्म और धर्म के सिद्धान्त - यादव योगेश कुमार" रोहि"

कर्म का स्वरूप और जीवन का प्रारूप :- विचारक यादव योगेश कुमार 'रोहि' कर्म का अपरिहार्य सिद्धान्त - श्रीमद्भगवद् गीता अध्याय 3 का श्लोक 5 भागवत धर्म के सार- गर्भित सिद्धान्त--जैसे कर्म सृष्टि और जीवन का मूलाधार है निम्न श्लोक देखें-_________________________________________न हि कश्चित्क्षणमपि जातु तिष्


सूर्य का मिथुन में गोचर

सूर्य का मिथुन में गोचर आज सायं पाँच बजकर उन्तालीस मिनट केलगभग भगवान भास्कर अपने शत्रु गृह शुक्र की वृषभ राशि से निकल कर बुध की मिथुनराशि में प्रविष्ट हो जाएँगे, जहाँ उनके लिए विचित्र परिस्थिति बनी हुई है | एक ओरउनका मित्र ग्रह मंगल वहाँ गोचर कर रहा है तो वहीं दूसरी ओर एक शत्रु ग्रह राहु कागोचर भी व



कृष्ण के मौलिक आध्यात्मिक सिद्धान्त सदैव पुरोहित वाद और वैदिक यज्ञ मूलक कर्म--काण्डों ते विरुद्ध हैं ।

भागवत धर्म एवं उसके सिद्धान्तों का प्रतिपादन करने वाला एक मात्र ग्रन्थ श्रीमद्भगवद् गीता थी ।--जो उपनिषद् रूप है । परन्तु पाँचवी शताब्दी के बाद से अनेक ब्राह्मण वादी रूपों को समायोजित कर चुका है --जो वस्तुत भागवत धर्म के पूर्ण रूपेण विरुद्ध व असंगत हैं ।--जो अब अधिकांशत: प्रक्षिप्त रूप में महाभारत क


भागवत धर्म का स्वरूप-भाग प्रथम एवं द्वितीय -प्रस्तुति करण :- यादव योगेश कुमार "रोहि"

भागवत धर्म वैष्णव धर्म का अत्यन्त प्रख्यात तथा लोकप्रिय स्वरूप है । 'भागवत धर्म' का तात्पर्य उस धर्म से है जिसके उपास्य स्वयं भगवान्‌ श्री कृष्ण हों ; वासुदेव कृष्ण ही 'भगवान्‌' शब्द के वाच्य हैं "कृष्णस्तु भगवान्‌ स्वयम्‌ (भागवत पुराण १/३/२८) अत: भागवत धर्म में कृष्ण ही परमोपास्य तत्व हैं; जिनकी आर


डिप्रेशन से दूर रहना है तो अपनाइए ये आसान उपाय

आजकल के समय में हर इंसान के लिए नॉर्मल रह पाना मुश्किल है. हर व्यक्ति अपने किसी ना किसी निजी परेशानियों के बारे में चिंतित रहता है, बस कुछ लोग किसी ना किसी को बता देते हैं तो कुछ लोग अपने अंदर ही रखे रहते हैं. किसी को अपनी परेशानी बता देना अच्छा है लेकिन अगर आपने किसी बात को अपने मन या दिमाग में उता



एडी के दर्द का इस तरह करें इलाज

अक्सर आपने देखा होगा कि अगर हम ज्यादा चल लेते हैं या फिर गर्म जगह खड़े रहते हैं तो सबसे पहले पैर की एडियां प्रभावित होती हैं. एडी का दर्द बहुत कष्टकारी होता है और ये समस्या ज्यादातर महिलाओं में हो जाती है. महिलाएं सारा दिन ऊंची हिल की सैंडल पहने रहती हैं जिसका असर सीधे उनकी एडी की हड्डियों पर ही पड़



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