से सम्बंधित लेख निम्नलिखित है :-

आसक्ति :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*इस संसार में जन्म लेने के बाद मनुष्य माया में लिप्त हो जाता है और इसी के वशीभूत होकर वह सांसारिक जीवों , पदार्थों के आसक्ति में डूब जाता है | किसी भी प्राणी या वस्तु के विषय में दिन रात सोंचते रहना एवं उसे प्राप्त ही कर लेने कामना , या पहले से उपलब्ध वस्तु को कभी भी न छोड़ने का भाव ही आसक्ति कहा गय



तब क्यों नहीं

तब क्यों नहीं ,(व्यंग्य)"ये जमीं तब भी निगल लेने को आमादा थीपाँव जब जलती हुई शाखों से उतारे हमने इन मकानों को खबर है ना मकीनों को खबर उन दिनों की जो गुफाओं में गुजारे हमने "ये सुनाते हुए उस कश्मीरी विस्थापित के आँसूं निकल पड़े जो अपने घर वापसी के लिये दिल्ली से जम्मू की ट्



अखंडभारत

अखंडभारत की परिकल्पना हिंदुत्ववादी संघठन हर वक्त करते है तो सबसे पहले यह जानना ज़रूरी है कि अखंडभारत क्या है? अखंडभारत से मतलब है पाकिस्तान और बंगला देश ? नहीं इनकी सोच इससे भी आगे जाती है. अफगानिस्तान, पाकिस्तान, भारत, नेपाल, तिब्बत,



सत्यनारायण की कथा तो होती है पर चापेकर बंधुओं को क्यों भूल गए ? हरि कुमार को भी याद रखिए स्कन्द पुराण का हिंदी अनुवाद !

आज अगर कोई कहे कि घर में पूजा है, तो ये माना जा सकता है कि “सत्यनारायण कथा” होने वाली है। ऐसा हमेशा से नहीं था। दो सौ साल पहले के दौर में घरों में होने वाली पूजा में सत्यनारायण कथा सुनाया जाना उतना आम नहीं था। हरि विनायक ने कभी 1890 के आस-पास स्कन्द पुराण में मौजूद इस संस्कृत कहानी का जिस रूप में अन



राम सीता लक्ष्मण और भरत सुमेरियन और मिश्र की संस्कृतियों में...

आचार्य नीलकण्ठ चतुर्धर जोकि (सत्रहवीं सदी ईस्वी) के संस्कृत साहित्य के सुप्रसिद्ध टीकाकार और भाष्य कार भी हैं ।जो सम्पूर्ण महाभारत की टीका के लिए विशेष प्रख्यात हैं।आचार्य नीलकण्ठ चतुर्धर ने ऋग्वेद के दशम मण्डल के अन्तर्गत तृतीय सूक्त की तृतीय ऋचा में राम और सीता के होने का वर्णन किया है।☣⬇देखें--


Seo Kya Hota Hai? Full Guide A To Z

SEO क्या है ( what is seo in hindi , seo kya hota hai ) – Blogging शुरू करने से पहले हर एक Blogger के दिमाग मे यह सवाल आता है। Blogging के लिए SEO बहुत ही अहमियत रखता है। इसी लिए SEO के बारे में जानना आवश्यक होता है। तो आज की इस Post में हम आपको SEO के बारे में पूरी अच्छी तरह बातेंगे। और आपके हर स



राम और सीता ऋग्वेद में तो हैं ही ; ये प्राचीनत्तम पात्र सुमेरियन तथा मिश्र की संस्कृतियों में भी

आचार्य नीलकण्ठ चतुर्धर जोकि (सत्रहवीं सदी ईस्वी) के संस्कृत साहित्य के सुप्रसिद्ध टीकाकार और भाष्य कार भी हैं ।जो सम्पूर्ण महाभारत की टीका के लिए विशेष प्रख्यात हैं।आचार्य नीलकण्ठ चतुर्धर ने ऋग्वेद के दशम मण्डल के अन्तर्गत तृतीय सूक्त की तृतीय ऋचा में राम और सीता के होने का वर्णन किया है।☣⬇देखें--


हमेशा मुस्लिम ने किया प्रताड़ित नहीं बदल सकते स्वयं को संस्कार dna में है विचार ख़ून में -direct action plan १९४६ paksitan की नीव !

15 अगस्त 1946 में मुस्लिम लीग के द्वारा ‘डायरेक्ट एक्शन डे’ की घोषणा कर दी गई. मुस्लिम लीग के इस एलान ने 16 अगस्त 1946 को कलकत्ता में भीषण दंगे का रूप ले लिया. हर तरफ खून की होली खेली जाने लगी. देखते ही देखते कलकत्ता का सांप्रदायिक दंगा बंगाल और बिहार की सीमा पर भी शुरू हो गया.इस सांप्रदायिक दंगे को



सनातन की काल गणना :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*इस सृष्टि के आदिकाल में जहाँ सनातन धर्म के अतिरिक्त कोई अन्य धर्म नहीं था वहीं सनातन धर्म के विद्वान ऋषि वैज्ञानिकों ने ऐसे - ऐसे रहस्यों को संसार के समक्ष रखा जिसको आज के वैज्ञानिक अभी तक नहीं समझ पा रहे हैं | मानव जीवन में समय के महत्त्वपूर्ण स्थान एवं योगदान को समझते हुए हमारे पूर्वज ऋषि वैज्ञान



मिलन व वियोग :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*इस सृष्टि में चौरासी लाख योनियों में सर्वोत्तम योनि मनुष्य की कही गयी है | अपने सम्पूर्ण जीवनकाल में मनुष्य यत्र - तत्र भ्रमण करता रहता है इस क्रम में मनुष्य को समय समय पर अनेक प्रकार के अनुभव भी होते रहते हैं | परमात्मा की माया इतनी प्रबल है कि मनुष्य उनकी माया के वशीभूत होकर काम , क्रोध , मोह , प



कुकू एफएम पर मेरी ऑडियो कहानियां #ज़हन

Talented Kuku FM team is creating audio stories, audio books on my stories and poems. 🤖 🥳Kuku FM वेबसाइट और ऐप्लिकेशन पर सुनिए कई जॉनर में मेरी कहानियाँ और काव्य। पहली दो कहानियों के लिंक ये रहे -https://kukufm.com/channels/07905dfe-e7aa-424f-bbc0-f15b4759efe5/https://kukufm.com/channels/diljala-k



शनिदेव के प्रकोप से बचना है तो हर शनिवार करें इस विधि के साथ पूजा

हिंदू धर्म में पूजा पाठ का अलग ही स्थान होता है और हर देवता का अलग ही महत्व होता है। यहां सोमवार का दिन शंकर जी, मंगलवार का दिन बजरंगबली, बुधवार का दिन गणेश जी, गुरुवार का दिन विष्णु जी, शुक्रवार का दिन वैभव लक्ष्मी, शनिवार का दिन शनिदेव और रविवार का दिन सूर्यदेव को समर्पित होता है। भक्त के जीवन में



शहीद का परिवार झोपड़ी में रहने को था मजबूर, सरकार ने नहीं सुनी तो गांव वालों ने उठाया ये कदम

भारत बलिदानों का देश यूहीं नहीं कहा जाता है, यहां पर ना जाने कितने वीरों ने अपनी जान दे दी आजादी के लिए और जब आजादी हुई तो पड़ोसी देश के हमलों से ही ना जाने कितने वीरों की जान चली गई। हमारे देश के जवानों मे यही खासियत है कि वे आखिरी समय तक डटे रहते हैं और भले अपनी जान खत्म कर दें लेकिन भारत पर आंच न



पुण्यतिथि: 'भारत रत्न' अटल बिहारी वाजपेयी के 10 बेबाक बोल, जरूर पढिए

अटल बिहारी बाजपेयी..राजनीति का एक ऐसा चेहरा जिसकी जगह शायद ही कोई ले पाए। जिन्होंने सोचा तो पत्रकार बनने का था लेकिन आ राजनीति में गए थे। इस वजह से वे पत्रकारों का बहुत सम्मान करते थे और उनसे कहते थे 'जो मैं करना चाहता था वो आप लोग कर रहे हैं।' अटल बिहारी बाजपेयी 16 अगस्त, 2018 को लंबे समय से बीमारी



देश का चौकीदार

आमिर रोज़ सुबह सवेरे बड़ी ख़ुशी ख़ुशी त्यार हो कर अपने पिताजी के साथ स्कूल के लिए निकल जाता । आज भी वो अपने पिता के साथ स्कूल के लिए निकल पड़ा, स्कूल के गेट पर चौकीदार हर दिन की तरह सभी बच्चों को अंदर दाख़िल कर रहा था, आमिर हर रोज़ उसे देखता । आज स्कूल , से वापसी के बाद खाने की मेज़ पर आमिर ने पिताजी से कह



नेत्रहीन पिता ने की आत्महत्या -सरकार का धार्मिक मुखौटा !

राजस्थान के हरीश जाटव मॉब लिचिंग मामले में हरीश के पिता रत्तीराम जाटव ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली है. परिजनों का आरोप है कि मामले में न्याय नहीं मिलने के कारण रत्तीराम जाटव ने ये कदम उठाया. दरअसल राजस्थान के अलवर के भिवाड़ी के झिवाना गांव निवासी हरीश जाटव की मॉब लीचिंग में मौत हो गई थी. घटना 17 जुला



सूर्य का सिंह में गोचर

सूर्य का सिंह में गोचरकल भाद्रपद कृष्ण द्वितीया यानी 17 अगस्तको दिन में एक बजकर तीन मिनट के लगभग गर करण और अतिगण्ड योग में सूर्यदेव अपनेमित्र ग्रह चन्द्र की कर्क राशि से निकल कर अपनी स्वयं की राशि सिंह और मघा नक्षत्रमें प्रस्थान कर जाएँगे | यहाँ भ्रमण करते हुए 31 अगस्त को पूर्वा फाल्गुनीनक्षत्र और च



राम और सीता पश्चिमीय संस्कृतियों में....

राम और सीता के भाई-बहिन माना जाने के मूल में अर्थों का प्रासंगिक न होना ही है __________________________________________ प्राचीन संस्कृत में बन्धु शब्द का अर्थ भाई और पति दौनों के लिए प्रयोग होता था। कालिदास ने रघुवंश महाकाव्य के 14 वे सर्ग के 33 वें श्लोक में श्री राम को सीता का बन्धु कहा है: ‘वैदे


आज़ाद है हम आजाद रहेंगें ।

आज़ाद है हम आज़ाद रहेंगे 🌷🌷🌷🌷🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻आज स्वतंत्रता दिवस की प्रातः कालीन वेला मैं प्रस्तुत है ये कुछ मेरे विचार इस रूप में ........आज़ादी की सुबह ये कुछ इस तरह से संदेश लायी है.............आज बहिन ने भी रक्षा सूत्र बांध दिया है।बदले मैं न चाहिये उसको उपहार कोई ।बस भाई के चेहरे पर हंसी


जीवन की सच्चाई



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