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 पर्दे की समृद्धि छलावा

 पर्दे की समृद्धि छलावाटी वी सीरियल्स, सिनेमा आदि में दिखाई जाने वाली चकाचौंध, अमीरी, पात्रों का रौबदाब, रुतबा आदि देखकर आज युवा दिग्भ्रमित हो रहे हैं। वे सपने लेते रहते हैं कि वे भी इसी तरह का साम्राज्य अपने लिए जुटा लेंगे। इसलिए वे जिन्दगी की सच्चाइयों से दूर अपने लिए, अपने चारों ओर एक छद्म संसार


रोक्किंग चेयर्स

Our rocking chairs are made from the finest quality hardwoods of Oak and Ash. Each chair is custom made to order, using time tested techniques of turning and bending wood, and inter-locking joinery. Made to last for generations, for smooth rocking relaxation.



गुरु ही सफलता का स्रोत

*गुरु ही सफलता का स्रोत*🌲🥀🌲🥀🌲🥀🌲🥀 *जय श्रीमन्नारायण* *भाग:-२*☘️🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿इस दुनिया के लिए एक और शब्द है संसार संसार शब्द दो शब्दों के सहयोग से बना है सम सार इसका अर्थ है कि जो अवस्था मेरी प्रकृति के अनुरूप है वही संसार है इसलिए अगर मैं कामों को हूं तो सुंदर स्त्री को देखने में अ



Bangalore Escorts Service

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पारिवारिक विघटन

परिवारिक विघटनपरिवारों का विघटन या टूटकर बिखरना बहुत ही दुखदाई है। भारतीय संस्कृति में परिवार एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण इकाई हे। कभी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी कि इसमें कभी ऐसी स्थिति बन सकती है। इसका कारण चाहे कोई भी हो सकता है, पर इसका परिणाम  वास्तव में चिन्तनीय है। परिवार के हर सदस्य को चाहे-अनच


🔱🔱⚜️शिव⚜️🔱🔱🔱

शिव को चाहिये🔱⚜️ॐ⚜️🔱भगवान् शिव का स्थानमूलाधार चक्र में है।कुलकुण्डलिनी त्रिशूलधारीशिव अधिष्ठाता हैं।।प्राणवायु उठ वहीं सेसुसुम्ना नाड़ी का नाता।नाद सुन भक्त त्रिनेत्र तकजब अंत:यात्रा पर जाता।।भ्रिकुटी पर चारों तीर्थधाम एक साधक देख पाता।त्रिकालदर्शिता का स्वामि बन सिद्ध वह कहलाता।।द्रव्य नहीं सदाश



साहित्यकार

साहित्यकार के लियेसम्मान अपमानबेअसर है।रमता जोगी बहता पानीरखता सबकीखबर है।।गुरु कहता धरती कोजिसपर धरता कविआगे पग है।सूर्य नमन करताजिसकी उष्णता से४तत्व वाष्पित हैं।।चँद्रमा की शितलता देख मुग्ध,छाया भले सघन है।निहारिकाओं संग विचरता,कहता कवि निर्मल है।।डॉ. कवि कुमार निर्मल "आशुकवि"समिक्षार्थ🙏🙏🙏🙏



सावन का झूला

🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃सावन का झूला🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃पिछला सावन बीता उदास-इसबार भी उदास हीं जाएगा।सत् त्याग तम् का संक्रमणयह सावन भी सूना जाएगा।।प्रदूषण कम कर हीं सावनसुहाना फिर आ पायेगा।बाढ़ से जलजला झूलाबगियन में कैसे लटकायेगा।।रिम झिम फुआर सावन की पुकार रहा साजन को।अकेला देख इज़हार कर,मना रूठे अपने



गुरु ही सर्वस्व है

*जय श्रीमन्नारायण*🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 *भाग:-१* *गुरु ही सफलता का स्रोत*🥀🌲🥀🌲🥀🌲🥀 गुरु चाहते हैं कि शिष्य दिव्यता के इस मार्ग पर अग्रसर हो और तुम इस पद पर पहुंच जाओगे तो तुम्हें अपने आप एहसास होगा तुम्हें संतोष होगा कि तुम इस पद पर खड़े हो औरों को तो इस पद का ज्ञान भी नहीं है वह पत्र जहां



हिंसा मान्य नहीं

हिंसा मान्य नहींहिंसा किसी भी प्रकार की हो, सभ्य समाज में कदापि, किसी भी शर्त पर मान्य नहीं हो सकती, फिर वह चाहे किसी भी धर्म या जाति से सम्बन्धित हो अथवा राजनीति से ही प्रेरित क्यों न हो। अपने तुच्छ स्वार्थों की पूर्ति के लिए जन साधारण अथवा अपने देश के बहुमूल्य जान और माल को हानि पहुँचाना किसी भी त


नानी

एक व्यक्ति की मृत्यू हो गई, इसका मतलब ये नहीं की वह चला गया. A person is dead, it does not mean he or she has gone.https://www.sahityasangeet.com/Naanee/



श्रावण माह के व्रत और पर्व

श्रावणमाह – 25 जुलाई से 22 अगस्त 2021 तक आने वाले व्रत और पर्वजैसा कि सभी जानते हैं, श्रावण माह – जो समर्पित है भगवान शिव की पूजाआराधना के लिए - आरम्भ हो चुका है | श्रावण शुक्ल प्रतिपदा यों तो शनिवार 24 जुलाई कोप्रातः आठ बजकर छह मिनट के लगभग आरम्भ हुई थी, किन्तु सूर्योदयकाल में 25 जुलाई को होने के क



मनुष्य बनो

मनुष्य बनोवेद हम मनुष्यों को निर्देश देते हैं - ‘मनुर्भव’ अर्थात मनुष्य बनो। आप कह सकते हैं कि हम अच्छे भले मनुष्य हैं, इन्सान हैं। हमारे पास दो आँखें, दो कान, दो हाथ, दो पैर, सुन्दर-सा चेहरा हैं और फिर यह इन्सानी शरीर भी है। हम किसी भी तरह से पशुओं की भाँति नहीं दिखाई देते हैं, हम उनसे सर्वथा अलग ह


कयास

मधुमिता और स्मिताबहुत अच्छी सहेलियां थी। दोनों में खूब जमती थी।एक दिन मधुमिता ने स्मिताके को एक प्रोफेशनली क्वालिफाइ़ड, सुंदरऔर सुशील लड़के की तस्वीर दिखाई।तभी स्मिता के चेहरेपर उदासी आ गई वो कहने लगी “हां तु



जिंदगी का फलसफ़ा

जिंदगी का फलसफ़ाजिंदगी प्यार का दूजा नाम,साँस है बाकी कर पूरा अधुरा काम।ज़िंदगी की अधुरी किताब,अश्कों की अज़िबोगरीब दॉस्ता है।मानो न मानो दोस्त,यह जिंदगी मुकम्मल बेज़ुवाँ है।उल्फ़त का यह है जनाजा,बेवफ़ाई हीं इसका इन्तिहॉ है।सिद्दतों का असर यक़िनन,फ़रिस्ते गर चे हमपर मेहरवॉ है।खुदगर्ज- जाहील इन्सान पे,



तथाकथित धर्मगुरुओं से किनारा

तथाकथित धर्मगुरुओं से किनाराबहुत आश्चर्य होता है यह देखकर कि लोग इतने अधिक असभ्य और असहिष्णु कैसे हो सकते हैं? जिनकी कोई गलती नहीं है, ऐसे निर्दोष लोगों को हानि कैसे पहुँचा सकते हैं? उनका मन प्रायश्चित करने के स्थान पर हिंसा के लिए कैसे उतारू हो जाता है? उनका हृदय आगजनी करने और तोड़फोड़ करने की गवाही


ये दिल कह रहा है।

बिन तेरे, मुझमें कहीं, कोई कमी सी है। पलकों के, सुर्ख चादरों पे, कुछ नमी सी है। किस जहां में हो गुम,लौट के आ जाओ तुम, ये दिल कह रहा है।


शिव पञ्चाक्षर स्तोत्रम्

शिव पञ्चाक्षर स्तोत्रम्आजश्रावण माह का प्रथम सोमवार है | श्रावण माह समर्पित होता है भगवान शिव की आराधना केलिए | ऐसी कथा है कि सतीने जब अपने पिता महाराज दक्ष के द्वारा अपने पति शिव का अपमान देखकर दक्ष के यज्ञका विध्वंस करने के लिए उस यज्ञाग्नि में आत्मदाह कर लिया तब क्रुद्ध शिव ने दक्षके यज्ञ का पूर्



पानी में रहकर मगरमच्छ से बैर

पानी में रहकर मगरमच्छ से बैरकहते हैं पानी में रहकर मगरमच्छ से बैर नहीं करना चाहिए। इस उक्ति को सरल भाषा में हम कह सकते हैं कि जिस स्थान पर मनुष्य रहता है अथवा जहाँ वह कार्य करता है, वहाँ के बॉस से या समर्थ कहे जाने वाले व्यक्तियों से शत्रुता मोल नहीं लेनी चाहिए। उनका विरोध करने का अर्थ होता है अपनी


सावन आयो रे

आषाढ़ मास समाप्तहो चुका है और आज से श्रावण मास आरम्भ हो रहा है और इस मदमस्त कर देने वाली रुतमें मेघराज अपनी प्रियतमा रत्नगर्भा को अपने अमृतरस की धार से आप्लावित करना नहींभूल रहे हैं, ताकि ग्रीष्म का ताप झेलती प्रेयसि वसुन्धरा पुनःप्रफुल्लित होकर और अधिक रत्नराशि अपने गर्भ में धारण कर सके... इसी माह म



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