जरुरत खत्म होते हि

07 सितम्बर 2018   |  Vikas Khandelwal   (105 बार पढ़ा जा चुका है)

जब उनको मेरी जरुरत होती है


वो दिखा देते है की प्यार करते है


जरुरत खत्म होते हि


वो मेरे दिल को तोड़ देते है


कभी इतना करीब रखते है


कि सब दूरियाँ मिटा देते है


जरुरत खत्म होते हि


वो मुझको भुला देते है


मै तो उनके होठो पे मुस्कान बिखेर देता हु


और वो है कि मुझको रुला देते है


ए दिल आ खुद को जला लेते है


परवाने युही , शमा कि मोह्बत मे


खुद को मिटा लेते है







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