उल्टा सीधा

18 नवम्बर 2018   |  उदय पूना   (13 बार पढ़ा जा चुका है)

शीर्षक - उल्टा सीधा


प्रस्तुत है उल्टा पर सीधा करके।


जीवन में पूरी पूरी स्वतंत्रता है;

जीवन में पूरी पूरी छूट है।


हम स्वयं की ऐसी तैसी करते रहें;

स्वयं की ऐसी की तैसी करते रहें;

स्वयं की पूरी दुर्दशा करते रहें;

इसकी भी पूरी पूरी छूट है;

हम इसका उल्टा भी कर सकते हैं, यहां इसकी भी पूरी पूरी छूट है


जीवन में पूरी पूरी स्वतंत्रता है;

जीवन में पूरी पूरी छूट है


उदय पूना

अगला लेख: निज भाषा



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
19 नवम्बर 2018
ऐतराज़...एक दौर है ये जहाँ तन्हां रात में वक़्त कट्टा नही... वो भी एक दौर था जहाँ वक़्त की सुईयों को पकड़ू तो वक़्त ठहरता नही... एक दौर है ये जहाँ नजर अंदाज शौक से कर दिए जाते है... वो भी एक दौर था... जहाँ चुपके चुपके आँखों मैं मीचे जाते थे
19 नवम्बर 2018
20 नवम्बर 2018
Hindi poem - koshish karne walon ki लहरों से डर कर नौका पार नहीं होतीकोशिश करने वालों की हार नहीं होतीनन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती हैचढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती हैमन का विश्वास रगों में साहस भरता हैचढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता हैआख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होतीकोशिश करने वालों की हार नहीं
20 नवम्बर 2018
16 नवम्बर 2018
जी
जीवन और परम्परा परम्परा होती है परम्परा, जीवन नहीं; परम्परा होती है जीवन केलिए, परम्परा केलिए जीवन नहीं; जीवन प्रथम है परम्परा नहीं; जो परम्परा जीवन विरोधी हो जाए उसको कभी मानना नहीं; समय में पीछे झांक
16 नवम्बर 2018
24 नवम्बर 2018
जी
जीवन जीना आता ही नहींहम को जीना आता ही नहीं; हम को जीना आता ही नहीं ;हम को जीना आता ही नहीं।कहीं पहुंच जाने के चक्कर में रहते हैं;जीवन यात्रा का आनंद जाना ही नहीं।और, और, और अधिक चाहते रहते हैं;नया पकड़ने केलिए, मुट्ठी ढ़ीली करना आता ही नहीं।दूसरों को जिम्मेदार ठहरता रहता है;बदलना तो स्वयं को है, पर स
24 नवम्बर 2018
23 नवम्बर 2018
जी
जीवन जीना आता ही नहीं हम को जीना आता ही नहीं; हम को जीना आता ही नहीं ; हम को जीना आता ही नहीं। कहीं पहुंच जाने के चक्कर में रहते हैं;जीवन यात्रा का आनंद जाना ही नहीं। और, और, और अधिक चाहते रहते हैं;नया पकड़ने केलिए, मुट्ठी ढ़ीली करना आता ही नहीं। दूसरों को जिम्मेदार ठहरता रहता है;बदलना तो स्वयं को है,
23 नवम्बर 2018
11 नवम्बर 2018
C
!! Use your common sense to know the truth!!हमे पढाया गया...👇👇“रघुपति राघव राजाराम,ईश्वर अल्लाह तेरो नाम”लेकिन असल मे ऋषियों ने लिखा था की....👇👇 “रघुपति राघव राजाराम पतित पावन सीताराम”लोगों को समझना चाहिए कि,जब ये बोल लिखा गया था,तब ईस्लाम का अस्तित्व ही नहीं था,“
11 नवम्बर 2018
25 नवम्बर 2018
।। भक्ति-गान।। जय महावीर स्वामी जय महावीर स्वामी, जय महावीर स्वामी, जय महावीर स्वामी।।नित तेरे दर्शन पाऊं, और तेरी कृपा पाऊं स्वामी;सामने भी आओ स्वामी, कृपा की वर्षा करो स्वामी;जय महावीर स्वामी, जय महावीर स्वामी।।नित तेरा नाम जपूं, तेरे मार्ग
25 नवम्बर 2018
03 दिसम्बर 2018
क्
भूमिका : जब हम महान उद्देश्य लेकर चलते हैं, महान अभियान पर चलते हैं;बड़े महत्वपूर्ण कार्य को पूर्ण करने केलिए हम सब मिलजुल कर आगे बढ़ते हैं;तब हम उद्देश्य प्राप्ति केलिए संवाद करते हैं। तब हम वास्तविकता से जुड़ते जाने केलिए संवाद करते हैं;जीवन को अच्छा बनाने केलिए संवाद
03 दिसम्बर 2018
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x