क्या यह समझदारी है

20 नवम्बर 2018   |  उदय पूना   (83 बार पढ़ा जा चुका है)

* क्या यह समझदारी है *
? ? ?

हर समय समझदारी का बोझ लिये रहना (गंभीर बने रहना), क्या समझदारी है;
हर बार समझदारी दिखलाते रहना, क्या समझदारी है। ???


कुछ कुछ गलती करते रहना (सीखते रहना), भी समझदारी है;
कभी कभी समझदारी न दिखलाना, भी समझदारी है।


कुछ कुछ प्रयोग करते रहना (नया या नये तरीके से करना), भी समझदारी है;
जीवन के भिन्न भिन्न अनुभव लेना, भी समझदारी है।


परस्थिति के अनुरूप, लचीलापन लिये, सिद्धांतों (जो समाविष्ट न हो सके) को छोड़, जो उचित लगे करना, ही समझदारी है;
यह है अपनी जिंदगी, खुल कर जीना, स्वयं अनुसार जीना, ही समझदारी है।

जीवन का सम्मान करना, बोझ मुक्त रहना, आनंद में रहना, आपस में जुड़े रहना, ही समझदारी है;
निज को जो अनुभव होते हैं, उनका निज केलिये महत्त्व समझना, सम्मान करना, ही समझदारी है।

कौन है मूर्ख, सभी समझदार हैं, फिर समझदारी पर चर्चा, क्या समझदारी है; ???
हम स्वयं को समझदार मानते हैं, फिर समझदारी को समझना, क्या समझदारी है।।
? ? ?

उदय, पूना

अगला लेख: निज भाषा



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
20 नवम्बर 2018
** यह मेरा जीवन कितना मेरा है ? ** यह जीवन जो मैं जी रहा हूं, वो किस का है? वो किस किस का है? हम में से प्रत्येक यह प्रश्न, इस तरह के प्रश्न स्वयं से कर सकता है। यह जीवन जो मैं जी रहा हूं, मैं उसको मेरा कहता हूं, समझता हूं। पर यह मेरा जीवन कितना मेरा है? हम कह
20 नवम्बर 2018
25 नवम्बर 2018
।। भक्ति-गान।। जय महावीर स्वामी जय महावीर स्वामी, जय महावीर स्वामी, जय महावीर स्वामी।।नित तेरे दर्शन पाऊं, और तेरी कृपा पाऊं स्वामी;सामने भी आओ स्वामी, कृपा की वर्षा करो स्वामी;जय महावीर स्वामी, जय महावीर स्वामी।।नित तेरा नाम जपूं, तेरे मार्ग
25 नवम्बर 2018
16 नवम्बर 2018
कविता को हमेशा इंसान को जीना चाहिए और उनसे कुछ ना कुछ सीखना चाहिए। यहां पर मैंने जो कविता लिखी है वो उनके लिए है जो दिल और दिमाग से पूरे बच्चे हैं।, जिन्होंने स्वयं के अंदर स्वयं का बचपन जीवित रखा है। अपने आपको इन कविता से जोड़कर देखिए
16 नवम्बर 2018
24 नवम्बर 2018
जी
जीवन जीना आता ही नहींहम को जीना आता ही नहीं; हम को जीना आता ही नहीं ;हम को जीना आता ही नहीं।कहीं पहुंच जाने के चक्कर में रहते हैं;जीवन यात्रा का आनंद जाना ही नहीं।और, और, और अधिक चाहते रहते हैं;नया पकड़ने केलिए, मुट्ठी ढ़ीली करना आता ही नहीं।दूसरों को जिम्मेदार ठहरता रहता है;बदलना तो स्वयं को है, पर स
24 नवम्बर 2018
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x