भ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामा- कुमार विश्वास

22 नवम्बर 2018   |  अंकिशा मिश्रा   (172 बार पढ़ा जा चुका है)

Hindi poem - Kumar vishwas

भ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामा


भ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामा
हमारे दिल में कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामा
अभी तक डूबकर सुनते थे सब किस्सा मुहब्बत का
मैं किस्से को हकीकत में बदल बैठा तो हंगामा

कभी कोई जो खुलकर हंस लिया दो पल तो हंगामा
कोई ख़्वाबों में आकर बस लिया दो पल तो हंगामा
मैं उससे दूर था तो शोर था साजिश है , साजिश है
उसे बाहों में खुलकर कस लिया दो पल तो हंगामा




जब आता है जीवन में खयालातों का हंगामा
ये जज्बातों, मुलाकातों हंसी रातों का हंगामा
जवानी के क़यामत दौर में यह सोचते हैं सब
ये हंगामे की रातें हैं या है रातों का हंगामा

कलम को खून में खुद के डुबोता हूँ तो हंगामा
गिरेबां अपना आंसू में भिगोता हूँ तो हंगामा
नही मुझ पर भी जो खुद की खबर वो है जमाने पर
मैं हंसता हूँ तो हंगामा, मैं रोता हूँ तो हंगामा

इबारत से गुनाहों तक की मंजिल में है हंगामा
ज़रा-सी पी के आये बस तो महफ़िल में है हंगामा
कभी बचपन, जवानी और बुढापे में है हंगामा
जेहन में है कभी तो फिर कभी दिल में है हंगामा




हुए पैदा तो धरती पर हुआ आबाद हंगामा
जवानी को हमारी कर गया बर्बाद हंगामा
हमारे भाल पर तकदीर ने ये लिख दिया जैसे
हमारे सामने है और हमारे बाद हंगामा

अगला लेख: बांसुरी चली आओ - कुमार विश्वास



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
23 नवम्बर 2018
Ramdhari Singh Dinkar - Hindi poem बालिका से वधू – रामधारी सिंह “दिनकर”माथे में सेंदूर पर छोटीदो बिंदी चमचम-सी,पपनी पर आँसू की बूँदेंमोती-सी, शबनम-सी।लदी हुई कलियों में मादकटहनी एक नरम-सी,यौवन की विनती-सी भोली,गुमसुम खड़ी शरम-सी।पीला चीर, कोर में जिसकेचकमक गोटा-जाली,चली पिया के गांव उमर केसोलह फूलों
23 नवम्बर 2018
19 नवम्बर 2018
हर एक काम निपुणता से करता हूँ,फिर क्यूं सबकी आँखों को खलता हूँ,गाँव -गाँव शिक्षा की अलख जगाता हूँ,नित प्रति बच्चों को सबक सिखाता हूँ गर्व मुझे कि मैं प्राइमरी का मास्टर कहलाता हूँ।।सबको स्वाभिमान से रहना सिखलाता हूँ,सबको हर एक अच्छी बात बताता हूँ प्रतिदिन मेन्यू से एम.डी.एम बनवाता हूँ,खुद चखकर तब बच
19 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
Hindi poem - Kumar vishwas बांसुरी चली आओ तुम अगर नहीं आई गीत गा न पाऊँगासाँस साथ छोडेगी, सुर सजा न पाऊँगातान भावना की है शब्द-शब्द दर्पण हैबाँसुरी चली आओ, होंठ का निमंत्रण हैतुम बिना हथेली की हर लकीर प्यासी हैतीर पार कान्हा से दूर राधिका-सी हैरात की उदासी को याद संग खेला है कुछ गलत ना कर बैठें मन ब
22 नवम्बर 2018
21 नवम्बर 2018
महादेवी वर्मा हिंदी की सर्वाधिक प्रतिभावान कवयित्रियों में से एक है |शचीरानी गुर्टू ने भी महादेवी वर्मा की कविता (Mahadevi verma poems) को सुसज्जित भाषा का अनुपम उदाहरण मान
21 नवम्बर 2018
19 नवम्बर 2018
ऐतराज़...एक दौर है ये जहाँ तन्हां रात में वक़्त कट्टा नही... वो भी एक दौर था जहाँ वक़्त की सुईयों को पकड़ू तो वक़्त ठहरता नही... एक दौर है ये जहाँ नजर अंदाज शौक से कर दिए जाते है... वो भी एक दौर था... जहाँ चुपके चुपके आँखों मैं मीचे जाते थे
19 नवम्बर 2018
20 नवम्बर 2018
फैज़ अहमद फैज़ (Faiz Ahmad Faiz) उर्दू भाषा के सबसे प्रसिद्ध लेखकों में से एक थे। फैज़ की शायरी (Shayri) को न केवल उर्दू बल्कि हिंदी (Hindi) भाषी लोग भी बहुत पसंद करते है| गर मुझे इस का यक़ीं हो मेरे हमदम मेरे दोस्त, फैज़ अहमद फैज़ की सर्वा
20 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
Hindi poem - Kumar vishwas बांसुरी चली आओ तुम अगर नहीं आई गीत गा न पाऊँगासाँस साथ छोडेगी, सुर सजा न पाऊँगातान भावना की है शब्द-शब्द दर्पण हैबाँसुरी चली आओ, होंठ का निमंत्रण हैतुम बिना हथेली की हर लकीर प्यासी हैतीर पार कान्हा से दूर राधिका-सी हैरात की उदासी को याद संग खेला है कुछ गलत ना कर बैठें मन ब
22 नवम्बर 2018
20 नवम्बर 2018
Hindi poem - koshish karne walon ki लहरों से डर कर नौका पार नहीं होतीकोशिश करने वालों की हार नहीं होतीनन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती हैचढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती हैमन का विश्वास रगों में साहस भरता हैचढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता हैआख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होतीकोशिश करने वालों की हार नहीं
20 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
सलमान खान की फिल्म रेस 3 में फ़िल्माया गया गाना “अल्लाह दुहाई है” से भारतीय फैंस के दिलों में जगह बनाने वाले ब्रिटिश सिंगर ज़ायन मलिक एक बार फिर सुर्ख़ियों में आ गए हैं। दरअसल मंगलवार शाम को ज़ायन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अल्लाह दुहाई है का कवर सॉन्ग शेयर किया और शेयर करते ही इस कवर वीडियो को 2.
22 नवम्बर 2018
20 नवम्बर 2018
किसी ने सच ही कहा है काबिल बनो कामयाबी तो झक मार के पीछे आएगी। आज हम आपको एक ऐसी ही कहानी से रूबरू करने जा रहे हैं जिसने अपनी प्रतिभा से वो मुकाम हासिल किया जिसका ख़्वाब न जाने कितनी ही आँखों ने देखा होगा और ये साबित किया कि प्रतिभा ना उम्र देखती है ना जाति और ना ही अमीरी-गरीबी का फर्क जानती है। ये
20 नवम्बर 2018
21 नवम्बर 2018
भारत में जब भी अगर बात चुनाव की आती है तो यहाँ हर कोई इस चुनावी माहौल को गर्माने में लग जाता है और फिर चाहे वो पार्टियाँ या आमजान।सरकार 'पॉपुलर' घोषणाएं करने लगती है, नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने लगते हैं, जिससे सोशल मीडिया पर बहस नए रूप ले लेती है।जो कि चुनावमयी माहौल का ही एक हिस्सा है।
21 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
डॉ.कुमार विश्वास “कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है”कुमार विश्वास का जन्म 10 फ़रवरी 1970 को पिलखुआ (ग़ाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश) में हुआ था। चार भाईयों और एक बहन में सबसे छोटे कुमार विश्वास ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा लाला गंगा सहाय स्कूल, पिलखुआ में प्राप्त की। उनके पिता डॉ. चन्द्रपाल शर्मा आर एस
22 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
Hindi poem - Kumar vishwasउनकी ख़ैरो-ख़बर नहीं मिलती उनकी ख़ैरो-ख़बर नहीं मिलतीहमको ही खासकर नहीं मिलती शायरी को नज़र नहीं मिलतीमुझको तू ही अगर नहीं मिलती रूह मे, दिल में, जिस्म में, दुनियाढूंढता हूँ मगर
22 नवम्बर 2018
21 नवम्बर 2018
Aaj ka itihas - Today History in Hindi - 22 November वर्ष/साल प्रमुख घटनाएं 2008 भारती क्रिकेट टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने अपना पद छोड़ने की धमकी दी। हिन्दी के प्रख्यात कवि कुंवर नारायण
21 नवम्बर 2018
21 नवम्बर 2018
बॉलीवुड में हर हस्ती की अपनी एक अलग पहचान है और ये बड़ी हस्तियां अपनी हिफाज़त के लिए बॉडीगार्ड रखती है। सभी बॉलीवुड स्टार्स के बॉडीगार्ड है, लेकिन इन सब में हर समय सबसे ज़्यादा चर्चा में कोई होता है तो वो है बॉलीवुड के भाईजान यानि सलमान खान के बॉडीगार्ड शेरा। शेरा कोई मामूली बॉडीगार्ड नहीं है, बल्क
21 नवम्बर 2018
21 नवम्बर 2018
आजकल बॉलीवुड में स्टार किड्स की बहार छायी हुई हैं। बहुत सारे स्टार किड्स पर्दे पर अपने दमदार डेब्यू के लिए तैयार है। सैफ की लाडली सारा अली खान अपनी दो फिल्मों के साथ पर्दे पर धमाल मचाने के लिए तैयार हैं। आपको बता दें पहले इस बात को लेकर कन्फ्यूजन थी की सारा की पहली फिल्म केदारनाथ होगी या फिर सिंबा,
21 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
Hindi poem - Kumar vishwasउनकी ख़ैरो-ख़बर नहीं मिलती उनकी ख़ैरो-ख़बर नहीं मिलतीहमको ही खासकर नहीं मिलती शायरी को नज़र नहीं मिलतीमुझको तू ही अगर नहीं मिलती रूह मे, दिल में, जिस्म में, दुनियाढूंढता हूँ मगर
22 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
डॉ.कुमार विश्वास “कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है”कुमार विश्वास का जन्म 10 फ़रवरी 1970 को पिलखुआ (ग़ाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश) में हुआ था। चार भाईयों और एक बहन में सबसे छोटे कुमार विश्वास ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा लाला गंगा सहाय स्कूल, पिलखुआ में प्राप्त की। उनके पिता डॉ. चन्द्रपाल शर्मा आर एस
22 नवम्बर 2018
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x