कुमार विश्वास की कवितायेँ - Kumar Vishwas poems in Hindi

22 नवम्बर 2018   |  अंकिशा मिश्रा   (74 बार पढ़ा जा चुका है)

कुमार विश्वास की कवितायेँ - Kumar Vishwas poems in Hindi

डॉ.कुमार विश्वास

“कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है”

कुमार विश्वास का जन्म 10 फ़रवरी 1970 को पिलखुआ (ग़ाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश) में हुआ था। चार भाईयों और एक बहन में सबसे छोटे कुमार विश्वास ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा लाला गंगा सहाय स्कूल, पिलखुआ में प्राप्त की। उनके पिता डॉ. चन्द्रपाल शर्मा आर एस एस डिग्री कॉलेज (चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ से सम्बद्ध), पिलखुआ में प्रवक्ता रहे। उनकी माता श्रीमती रमा शर्मा गृहिणी हैं।

राजपूताना रेजिमेंट इंटर कॉलेज से बारहवीं में उनके उत्तीर्ण होने के बाद उनके पिता उन्हें इंजीनियर बनाना चाहते थे। डॉ. कुमार विश्वास का मन मशीनों की पढाई में नहीं रमा, और उन्होंने बीच में ही वह पढाई छोड़ दी। सा

हित्य के क्षेत्र में आगे बढ़ने के ख्याल से उन्होंने स्नातक और फिर हिन्दी साहित्य में स्नातकोत्तर किया, जिसमें उन्होंने स्वर्ण-पदक प्राप्त किया।उसके बाद उन्होंने "कौरवी लोकगीतों में लोकचेतना" विषय पर पीएचडी की । कुमार को इस शोध-कार्य के लिए 2001 में पुरुस्कृत भी किया गया।

कविता सूची

अगला लेख: भ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामा- कुमार विश्वास



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
20 नवम्बर 2018
Hindi poem - koshish karne walon ki लहरों से डर कर नौका पार नहीं होतीकोशिश करने वालों की हार नहीं होतीनन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती हैचढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती हैमन का विश्वास रगों में साहस भरता हैचढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता हैआख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होतीकोशिश करने वालों की हार नहीं
20 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
Hindi poem - Kumar vishwasभ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामाभ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामाहमारे दिल में कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामाअभी तक डूबकर सुनते थे सब किस्सा मुहब्बत कामैं किस्से को हकीकत में बदल बैठा तो हंगामाकभी कोई जो खुलकर हंस लिया दो पल तो हंगामाकोई ख़्वाबों में आकर बस लिया द
22 नवम्बर 2018
11 नवम्बर 2018
C
!! Use your common sense to know the truth!!हमे पढाया गया...👇👇“रघुपति राघव राजाराम,ईश्वर अल्लाह तेरो नाम”लेकिन असल मे ऋषियों ने लिखा था की....👇👇 “रघुपति राघव राजाराम पतित पावन सीताराम”लोगों को समझना चाहिए कि,जब ये बोल लिखा गया था,तब ईस्लाम का अस्तित्व ही नहीं था,“
11 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
Aaj ka itihas वर्ष/साल प्रमुख घटनाएं1165 पोप एलेक्जेंडर तृतीय निर्वासन के बाद रोम वापस लौटे।1744 ब्रिटिश प्रधानमंत्री जान कार्टरे ने इस्तीफा दिया।1848 अमेरिका के वोस्टन में महिला मेडिकल शैक्षणिक सोसाइटी का गठन।1857 कोलिन कैंपबेल ने लखनऊ में सिपाही विद्
22 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
Hindi poem - Kumar vishwasउनकी ख़ैरो-ख़बर नहीं मिलती उनकी ख़ैरो-ख़बर नहीं मिलतीहमको ही खासकर नहीं मिलती शायरी को नज़र नहीं मिलतीमुझको तू ही अगर नहीं मिलती रूह मे, दिल में, जिस्म में, दुनियाढूंढता हूँ मगर
22 नवम्बर 2018
23 नवम्बर 2018
Ramdhari Singh Dinkar - Hindi poem हो कहाँ अग्निधर्मा नवीन ऋषियों – रामधारी सिंह “दिनकर”कहता हूँ¸ ओ मखमल–भोगियो।श्रवण खोलो¸रूक सुनो¸ विकल यह नादकहां से आता है।है आग लगी या कहीं लुटेरे लूट रहे?वह कौन दूर पर गांवों में चिल्लाता है?जनता की छाती भिदेंऔर तुम नींद करो¸अपने भर तो यह जुल्म नहीं होने दूँगा।त
23 नवम्बर 2018
21 नवम्बर 2018
महादेवी वर्मा हिंदी की सर्वाधिक प्रतिभावान कवयित्रियों में से एक है |शचीरानी गुर्टू ने भी महादेवी वर्मा की कविता (Mahadevi verma poems) को सुसज्जित भाषा का अनुपम उदाहरण मान
21 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
Hindi poem - Kumar vishwas मेरे पहले प्यार ओ प्रीत भरे संगीत भरे!ओ मेरे पहले प्यार!मुझे तू याद न आया करओ शक्ति भरे अनुरक्ति भरे!नस-नस के पहले ज्वार!मुझे तू याद न आया कर।पावस की प्रथम फुहारों से जिसने मुझको कुछ बोल दियेमेरे आँसु मुस्कानों कीकीमत पर जिसने तोल दियेजिसने अहसास दिया मुझको मै अम्बर तक उठ
22 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
बॉलीवुड में बॉक्स ऑफिस की दौड़ तो लगातार चलती ही रहती है और जब साल का अंत आता है तो ये दौड़ और तेज़ हो जाती है हर कोई बॉक्स ऑफिस का रिजल्ट देखना चाहता है कि पूरी साल आयी फिल्मो में से कौन सी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। आपको बता दें कि इस साल भारत में 600 करोड़ की लागत में बनी अब तक की स
22 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
Hindi poem - Kumar vishwas बांसुरी चली आओ तुम अगर नहीं आई गीत गा न पाऊँगासाँस साथ छोडेगी, सुर सजा न पाऊँगातान भावना की है शब्द-शब्द दर्पण हैबाँसुरी चली आओ, होंठ का निमंत्रण हैतुम बिना हथेली की हर लकीर प्यासी हैतीर पार कान्हा से दूर राधिका-सी हैरात की उदासी को याद संग खेला है कुछ गलत ना कर बैठें मन ब
22 नवम्बर 2018
21 नवम्बर 2018
बॉलीवुड में हर हस्ती की अपनी एक अलग पहचान है और ये बड़ी हस्तियां अपनी हिफाज़त के लिए बॉडीगार्ड रखती है। सभी बॉलीवुड स्टार्स के बॉडीगार्ड है, लेकिन इन सब में हर समय सबसे ज़्यादा चर्चा में कोई होता है तो वो है बॉलीवुड के भाईजान यानि सलमान खान के बॉडीगार्ड शेरा। शेरा कोई मामूली बॉडीगार्ड नहीं है, बल्क
21 नवम्बर 2018
19 नवम्बर 2018
हर एक काम निपुणता से करता हूँ,फिर क्यूं सबकी आँखों को खलता हूँ,गाँव -गाँव शिक्षा की अलख जगाता हूँ,नित प्रति बच्चों को सबक सिखाता हूँ गर्व मुझे कि मैं प्राइमरी का मास्टर कहलाता हूँ।।सबको स्वाभिमान से रहना सिखलाता हूँ,सबको हर एक अच्छी बात बताता हूँ प्रतिदिन मेन्यू से एम.डी.एम बनवाता हूँ,खुद चखकर तब बच
19 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
सलमान खान की फिल्म रेस 3 में फ़िल्माया गया गाना “अल्लाह दुहाई है” से भारतीय फैंस के दिलों में जगह बनाने वाले ब्रिटिश सिंगर ज़ायन मलिक एक बार फिर सुर्ख़ियों में आ गए हैं। दरअसल मंगलवार शाम को ज़ायन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अल्लाह दुहाई है का कवर सॉन्ग शेयर किया और शेयर करते ही इस कवर वीडियो को 2.
22 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
Hindi poem - Kumar vishwasभ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामाभ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामाहमारे दिल में कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामाअभी तक डूबकर सुनते थे सब किस्सा मुहब्बत कामैं किस्से को हकीकत में बदल बैठा तो हंगामाकभी कोई जो खुलकर हंस लिया दो पल तो हंगामाकोई ख़्वाबों में आकर बस लिया द
22 नवम्बर 2018
23 नवम्बर 2018
Ramdhari Singh Dinkar - Hindi poem कलम, आज उनकी जय बोल – रामधारी सिंह “दिनकर”जला अस्थियाँ बारी-बारीचिटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी परलिए बिना गर्दन का मोलकलम, आज उनकी जय बोल।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे,जल-जलाकर बुझ गए किसी दिनमाँगा नहीं स्नेह मुँह खोलकलम, आज उनकी जय बोल।पी
23 नवम्बर 2018
15 नवम्बर 2018
जीवन में बहुत से उतार-चढ़ाव आते हैं जिसमें इंसान अपने आप को निखारता है और फिर एक पक्का खिलाड़ी बनाता है। हर इंसान हर फील्ड में चैम्पियन नहीं बन सकता है और हर किसी की अपनी-अनपी स्किल्स होती है जिसके हिसाब से व्यक्ति उसमें आगे बढ़ता है। य
15 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
Hindi poem - Kumar vishwasउनकी ख़ैरो-ख़बर नहीं मिलती उनकी ख़ैरो-ख़बर नहीं मिलतीहमको ही खासकर नहीं मिलती शायरी को नज़र नहीं मिलतीमुझको तू ही अगर नहीं मिलती रूह मे, दिल में, जिस्म में, दुनियाढूंढता हूँ मगर
22 नवम्बर 2018
20 नवम्बर 2018
फैज़ अहमद फैज़ (Faiz Ahmad Faiz) उर्दू भाषा के सबसे प्रसिद्ध लेखकों में से एक थे। फैज़ की शायरी (Shayri) को न केवल उर्दू बल्कि हिंदी (Hindi) भाषी लोग भी बहुत पसंद करते है| गर मुझे इस का यक़ीं हो मेरे हमदम मेरे दोस्त, फैज़ अहमद फैज़ की सर्वा
20 नवम्बर 2018
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x