क्या चाहिए जीवन केलिए

24 नवम्बर 2018   |  उदय पूना   (19 बार पढ़ा जा चुका है)

क्या चाहिए जीवन केलिए


जीवन सुन्दर है, जीवन आंनद है, प्रत्येक व्यक्ति केलिए;

पर हम, स्वयं की कैद में रहते हैं, घुट घुटकर मरने केलिए।


जो कमाई करते रहते हैं, केवल पेट पालने केलिए;

वो भर पेट भोजन क्यों त्यागते, केवल कमाई करने केलिए।


न जाने क्या क्या जुटाते रहते हैं, बाद में ही जीवन जीने केलिए;

जो पास में होता है, बहुत होता है, जीने केलिए।


न जाने किस किस केलिए, मन में जगह बनाते हैं;

पर भूले रहते हैं, स्वयं को ही जगह देने केलिए।


परेशान हो, न न उपाय करते हैं, स्वयं की ही कैद में रहने केलिए;

जीवन सुन्दर है, एक हो जाएं, जुड़ जाएं स्वयं से स्वयं केलिए।


स्वयं को स्वयं की कैद से मुक्त करें, जीवन है प्रसन्न रहने केलिए।


उदय पूना

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