पल...

26 नवम्बर 2018   |  Harshad kalidas molishree   (36 बार पढ़ा जा चुका है)

पल...


पल.... पल वो पल जो हर किसी के जिंदगी मैं आता है... कुछ पल जो सुनहरी यादें बन जाती है, तो वही कुछ पल जिंदगी के अंधेरे साएँ मैं रह जाते है.... ये पल बहोत अजीज है, इस पल में जी रहे है हम.... हम खुशनसीब है हर पल हमे कुछ सिखाता है... कभी हराता है, कभी जिताता है.... कभी ये रुलाता है, कभी ये हँसाता है ये पल वो पल है जो जिंदगी जीना सिखाता है.... हम जिन पलों मैं रहते है, हम जिन यादों में खोए रहते है.... हम जिन वक़्त को पीछे छोड़ देते हैं , हम जिस वक़्त के साथ चलते है... हम जहा हर लम्हा किसी सोच मैं जीते है, हम जहा हर लम्हा खामोश रहते है.... हम जहा हर लम्हा मुस्कुराते है, हम जहा हर लम्हे मैं रो पड़ते है... हम जहा हर पल कुछ पुरानी यादें भूल जाते हैं, हम जहा हर पल कोई खुशनुमा यादें बनाते है.... यही होते हैं वो पल.... जो पल हमे जीना सिखाते है पल हर पल हर लम्हा कुछ खास होता है... यही वो पल है जो जिंदगी जीने का अंदाज़ होता हैं......

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उदय पूना
22 दिसम्बर 2018

वर्तमान ही जीवन है, वर्तमान में ही जीवन घटित होता है, बधाई, शुभकामनाएं, प्रणाम,

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