सीने में दर्द

26 नवम्बर 2018   |  उदय पूना   (33 बार पढ़ा जा चुका है)

सूचना - जो समझने के लिये वयस्क हैं, पुराने दर्द से छुटकारा चाहते हैं, केवल उन्हीं के लिये।


*सीने में दर्द*


कहने वाले कहते हैं, सीने में दर्द छिपा है;
पर, यह नहीं कहते, स्वयं ही भर कर रखा है, क्यों ??


सीने में इतना दर्द संभाल के रखा है, क्यों ??
इतनी गहराई में पाल कर रखा है, क्यों ??


घटना तो घट कर बीत चुकी;
और अब, बाहर में दर्द का कोई कारण शेष नहीं;
फिर भी, दर्द को बार बार जीते हैं, क्यों ??


क्या यह दर्द जीवन की गाढ़ी कमाई है ??
जो यतन कर के बड़ी मेहनत से कमाई है ??


कहते हैं, दर्द पीछा नहीं छोड़ता, दर्द ने पकड़ रखा है;
जब कि बाहार दर्द का कोई कारण शेष नहीं है;
फिर भी यह नहीं कहते कि,
हमने ही दर्द को स्वयं जकड़ रखा है, पकड़ रखा है, क्यों ??


उदय पूना

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रेणु
29 नवम्बर 2018

जी आदरणीय सृजन में आनन्द ही आनन्द है |

रेणु
26 नवम्बर 2018

जी आदरणीय सर -- यही दर्द सृजन का मूल होता है | दर्द से जन्मे गीत और रचनाएँ साहित्य की अनमोल थाती हैं | अपनों से आहत मन सृजन की जन्म स्थली है | सादर नमन |

उदय चंद्र जैन
28 नवम्बर 2018

प्रिय रेणु ! हां, दर्द है, अज्ञान से ; शायद इसी सृजन के रस्ते से मेरा अज्ञान कुछ कम हो. हां, वैसे लाभ होना शुरूं है. आभार!

उदय चंद्र जैन
28 नवम्बर 2018

प्रिय रेणु ! हां, दर्द है, अज्ञान से ; शायद इसी सृजन के रस्ते से मेरा अज्ञान कुछ कम हो. हां, वैसे लाभ होना शुरूं है.

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