निदा फ़ाज़ली -दिल में ना हो ज़ुर्रत तो मोहब्बत नहीं मिलती In Hindi

27 नवम्बर 2018   |  अंकिशा मिश्रा   (96 बार पढ़ा जा चुका है)

निदा फ़ाज़ली -दिल में ना हो ज़ुर्रत तो मोहब्बत नहीं मिलती In Hindi

Hindi poem -Nida Fazli


दिल में ना हो ज़ुर्रत तो मोहब्बत नहीं मिलती


दिल में ना हो ज़ुर्रत तो मोहब्बत नहीं मिलती

ख़ैरात में इतनी बड़ी दौलत नहीं मिलती


कुछ लोग यूँ ही शहर में हमसे भी ख़फा हैं

हर एक से अपनी भी तबीयत नहीं मिलती


देखा था जिसे मैंने कोई और था शायद

वो कौन है जिससे तेरी सूरत नहीं मिलती


हँसते हुए चेहरों से है बाज़ार की ज़ीनत

रोने को यहाँ वैसे भी फुरसत नहीं मिलती


अगला लेख: सैफ की लाडली कर रहीं हैं इस बॉलीवुड अभिनेता को डेट



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
19 नवम्बर 2018
हर एक काम निपुणता से करता हूँ,फिर क्यूं सबकी आँखों को खलता हूँ,गाँव -गाँव शिक्षा की अलख जगाता हूँ,नित प्रति बच्चों को सबक सिखाता हूँ गर्व मुझे कि मैं प्राइमरी का मास्टर कहलाता हूँ।।सबको स्वाभिमान से रहना सिखलाता हूँ,सबको हर एक अच्छी बात बताता हूँ प्रतिदिन मेन्यू से एम.डी.एम बनवाता हूँ,खुद चखकर तब बच
19 नवम्बर 2018
21 नवम्बर 2018
इतिहास की बात की जाये तो पूरे देश के इतिहास को यदि तराजू के एक तरफ रख दें और केवल मेवाड़ के ही इतिहास को दूसरी ओर रख दें, तो भी मेवाड़ का पलड़ा हमेशा भारी ही रहेगा | कभी गुलामी स्वीकार न करने वाले शूरवीर महाराणा प्रताप ने इतने संघर्षों के बाद अकबर को मेवाड़ से खदेड़ने पर मजबूर कर दिया था |न जाने मेव
21 नवम्बर 2018
21 नवम्बर 2018
हिंदी साहित्य जगत की मीरा कही जाने वाली महान लेखिका महादेवी वर्मा का साहित्य जगत में उसी प्रकार से नाम है जै
21 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
Hindi poem - Kumar vishwasउनकी ख़ैरो-ख़बर नहीं मिलती उनकी ख़ैरो-ख़बर नहीं मिलतीहमको ही खासकर नहीं मिलती शायरी को नज़र नहीं मिलतीमुझको तू ही अगर नहीं मिलती रूह मे, दिल में, जिस्म में, दुनियाढूंढता हूँ मगर
22 नवम्बर 2018
20 नवम्बर 2018
किसी ने सच ही कहा है काबिल बनो कामयाबी तो झक मार के पीछे आएगी। आज हम आपको एक ऐसी ही कहानी से रूबरू करने जा रहे हैं जिसने अपनी प्रतिभा से वो मुकाम हासिल किया जिसका ख़्वाब न जाने कितनी ही आँखों ने देखा होगा और ये साबित किया कि प्रतिभा ना उम्र देखती है ना जाति और ना ही अमीरी-गरीबी का फर्क जानती है। ये
20 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
Hindi poem - Kumar vishwasभ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामाभ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामाहमारे दिल में कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामाअभी तक डूबकर सुनते थे सब किस्सा मुहब्बत कामैं किस्से को हकीकत में बदल बैठा तो हंगामाकभी कोई जो खुलकर हंस लिया दो पल तो हंगामाकोई ख़्वाबों में आकर बस लिया द
22 नवम्बर 2018
20 नवम्बर 2018
Hindi poem - koshish karne walon ki लहरों से डर कर नौका पार नहीं होतीकोशिश करने वालों की हार नहीं होतीनन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती हैचढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती हैमन का विश्वास रगों में साहस भरता हैचढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता हैआख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होतीकोशिश करने वालों की हार नहीं
20 नवम्बर 2018
21 नवम्बर 2018
भारत में जब भी अगर बात चुनाव की आती है तो यहाँ हर कोई इस चुनावी माहौल को गर्माने में लग जाता है और फिर चाहे वो पार्टियाँ या आमजान।सरकार 'पॉपुलर' घोषणाएं करने लगती है, नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने लगते हैं, जिससे सोशल मीडिया पर बहस नए रूप ले लेती है।जो कि चुनावमयी माहौल का ही एक हिस्सा है।
21 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
Hindi poem - Kumar vishwas बांसुरी चली आओ तुम अगर नहीं आई गीत गा न पाऊँगासाँस साथ छोडेगी, सुर सजा न पाऊँगातान भावना की है शब्द-शब्द दर्पण हैबाँसुरी चली आओ, होंठ का निमंत्रण हैतुम बिना हथेली की हर लकीर प्यासी हैतीर पार कान्हा से दूर राधिका-सी हैरात की उदासी को याद संग खेला है कुछ गलत ना कर बैठें मन ब
22 नवम्बर 2018
27 नवम्बर 2018
Hindi poem -Nida Fazliनयी-नयी आँखें नयी-नयी आँखें हों तो हर मंज़र अच्छा लगता हैकुछ दिन शहर में घूमे लेकिन, अब घर अच्छा लगता है ।मिलने-जुलनेवालों में तो सारे अपने जैसे हैंजिससे अब तक मिले नहीं वो अक्सर अच्छा लगता है ।मेरे आँगन में आये या तेरे सर पर चोट लगेसन्नाटों में बोलनेवाला पत्थर अच्छा लगता है ।च
27 नवम्बर 2018
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x