दोराहा

28 नवम्बर 2018   |  उदय पूना   (92 बार पढ़ा जा चुका है)

- = + = दोराहा - = + =

हर क्षण, नया क्षण, सदा साथ लाता है दोराहा


हर क्षण, नया क्षण, सदा साथ लाता है दोराहा;

भटकन से भरा, स्थायित्व से भरा होता है दोराहा।


जिसे जो राह चलना है, चुन ले, सब देता है दोराहा;

होश में रहें, साफ साफ देखें, सब से भरा होता है दोराहा।


भटकते ही रहना है तो, बाहर बाहर रहें सदा, यह अवसर भी देता दोराहा;

स्थायित्व की राह अंदर की ओर है, स्वयं से जुड़ने का अवसर भी देता दोराहा।


हर क्षण, नया क्षण, सदा साथ लाता है दोराहा।

-----------------------------------------------------------------------

हर क्षण, नया क्षण, सदा साथ लाता है दोराहा;

हित से भरा, अहित से भरा होता है दोराहा।


हम स्वयं जो चाहें चयन कर लें, अवसर देता दोराहा;

हम स्वयं का हित चुने, अहित चुने, अवसर देता दोराहा।


हित, अहित को खण्ड खण्ड करें तो हम कह सकते हैं कि;


भटकन से भरा, स्थायित्व से भरा;

खुशी से भरा, उदासी से भरा;

शांति से भरा, अशांति से भरा;

उत्थान से भरा, पतन से भरा;

मुक्ति से भरा, बंधन से भरा;

आनंद से भरा, दुख परेशानी से भरा;

इस तरह की जोड़ियों से भरा होता है दोराहा।


हम स्वयं जो चाहें चयन कर लें, अवसर देता दोराहा;

हम स्वयं का हित चुने, अहित चुने, अवसर देता दोराहा।


हर क्षण, नया क्षण, सदा साथ लाता है दोराहा।

---------------------------------------------------------------------------

हम हर क्षण स्वयं का हित चुने, क्यों करें मन का चाहा;

हम विचारें, क्या होता है जब हम करतें हैं मन का चाहा।


सचेत रहें, तैयार रहें, हित चुनते रहें, यह सतत क्रिया है;

क्योंकि हर क्षण में सदा छिपा रहता है दोराहा;

हम सदा चुनेंगे हित, क्या हुआ जो हर क्षण में छिपा रहता है दोराहा।


हर क्षण, नया क्षण, सदा साथ लाता है दोराहा;

हर क्षण, नया क्षण, सदा साथ लाता है दोराहा।


उदय पूना

अगला लेख: निज भाषा



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
06 दिसम्बर 2018
झगड़ा और दुश्मनीयदि आपस में कुछ या गंभीर;मनमुटाव, गलतफहमी, तकलीफ, घाटा आदि हो जाये;और बहुत गुस्सा आ जाये;तो भले ही छोटा झगड़ा कर लेना;पर दुश्मनी करना नहीं।। दुश्मनी कर लेने के बाद, पछताना ही शेष रहता है;फिर रिश्ता बचता ही नहीं; फिर से एक
06 दिसम्बर 2018
04 दिसम्बर 2018
जी
जीवन यात्रा कदम कदम, जिन्दगी बढ़ती रहती, आगे की ओर;बचपन से जवानी, जवानी से बुढ़ापे की ओर।. . . . जवानी से बुढ़ापे की ओर।। जीवन में आते हैं, कुछ ऐसे क्षण;शादी, सेवनिवृत्ती हैं, कुछ ऐसे ही क्षण। जब बदल जाती है जिंदगी, एकदम से;. . . . एकदम से;सिर्फ एक कदम च
04 दिसम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
गु
" गुस्सा -- Balance Sheet दर्पण " हम गुस्सा, करते रहते हैं;और गुस्सा करने को, उचित भी ठहराते रहते हैं;और साथ साथ, यह भी, मानते रहते हैं;कि गुस्सा देता, सिर्फ घाटा; . . . सिर्फ हानी;और होते, कितने नुकसान हैं। . . . इस उलझन को, हम देखते हैं।।1।।. . . जब जब हमारा काम हो जाता है, गुस्सा करने से;स
22 नवम्बर 2018
23 नवम्बर 2018
** यह मेरा जीवन कितना मेरा है ? ** यह जीवन जो मैं जी रहा हूं, वो किस का है? वो किस किस का है? हम में से प्रत्येक यह प्रश्न, इस तरह के प्रश्न स्वयं से कर सकता है। यह जीवन जो मैं जी रहा हूं, मैं उसको मेरा कहता हूं, समझता हूं। परयह मेरा जीवन कितना मेरा है?हम कहते तो हैं कि यह मेरा जीवन है;कौन नहीं कहता
23 नवम्बर 2018
13 दिसम्बर 2018
माध्यम की भाषा (1)जिस कार्य-क्षेत्र में उपयोग में आती रहे जो भाषा; उस क्षेत्र केलिए विकसित होती रहती वो भाषा। काम केलिए उपयोग में न लाएं निज-भाषा; फिर क्यों कहें विकसित नहीं हमारी निज भाष।।(2)व्यक्तिगत क्षमता, सामूहिक क्षमता में; सार्वजनिक रूप में, सरकारी काम में;भ
13 दिसम्बर 2018
05 दिसम्बर 2018
वि
विपरीत के विपरीत कुछ-कुछ लोग कुछ-कुछ शब्दों को भूल गए, बिसर गए;हमारे पास शब्द हैं, उपयुक्त शब्द हैं, पर कमजोर शब्द पर आ गए। कुछ-कुछ शब्दों के अर्थ भी भूल गए, बिसर गए;और गलत उपयोग शुरू हो गए;मैं भी इन कुछ-कुछ लोगों में हूं, हम जागरूकता से क्यों दूर हो गए।।अनिवार्य है,इस विपरीत धारा के विपरीत जाना;भाष
05 दिसम्बर 2018
24 नवम्बर 2018
क्
क्या चाहिए जीवन केलिए जीवन सुन्दर है, जीवन आंनद है, प्रत्येक व्यक्ति केलिए;पर हम, स्वयं की कैद में रहते हैं, घुट घुटकर मरने केलिए। जो कमाई करते रहते हैं, केवल पेट पालने केलिए;वो भर पेट भोजन क्यों त्यागते, केवल कमाई करने केलिए। न जाने क्या क्या जुटाते रहते हैं, बाद में
24 नवम्बर 2018
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x