"पद" कोयल कुहके पिय आजाओ, साजन तुम बिन कारी रैना,डाल पात बन छाओ।।

04 दिसम्बर 2018   |  महातम मिश्रा   (28 बार पढ़ा जा चुका है)

"पद"


कोयल कुहके पिय आजाओ,

साजन तुम बिन कारी रैना, डाल-पात बन छाओ।।


बोल विरह सुर गाती मैना, नाहक मत तरसाओ ।

भूल हुई क्यों कहते नाहीं, आकर के समझाओ।।


जतन करूँ कस कोरी गगरी, जल पावन भर लाओ।

सखी सहेली मारें ताना, राग इतर मत गाओ।।


बोली ननद जिठानी गोली, आ देवर धमकाओ।

बनो सुरक्षा कवच हमारो, हरियाली लहराओ।।


सुन लो अपना फर्ज निभाओ, मत झूठे इतराओ।

गौतम तुम बिन जग अँधियारा, ला सूरज दिखलाओ।।


महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी

अगला लेख: "गज़ल" छोड़कर जा रहे दिल लुभाते रहे झूठ के सामने सच छुपाते रहे



महातम मिश्रा
06 दिसम्बर 2018

रचना को विशिष्ट श्रेणी का सम्मान प्रदान करने के लिए मंच का हृदय से आभारी हूँ

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
22 नवम्बर 2018
"
"छंद मुक्त गीतात्मक काव्य"जी करता है जाकर जी लूबोल सखी क्या यह विष पी लूहोठ गुलाबी अपना सी लूताल तलैया झील विहारकिस्मत का है घर परिवारसाजन से रूठा संवादआतंक अत्याचार व्यविचारहंस ढो रहा अपना भारकैसा- कैसा जग व्यवहारजी करता है जाकर जी लूबोल सखी क्या यह विष पी लूहोठ गुलाबी अपना सी लू।।सूखी खेती डूबे बा
22 नवम्बर 2018
15 दिसम्बर 2018
"
"मुक्तक" हार-जीत के द्वंद में, लड़ते रहे अनेक।किसे मिली जयमाल यह, सबने खोया नेक।बर्छी भाला फेंक दो, विषधर हुई उड़ान-महँगे खर्च सता रहे, छोड़ो युद्ध विवेक।।-1हार-जीत किसको फली, ऊसर हुई जमीन।युग बीता विश्वास का, साथी हुआ मशीन।बटन सटन है साथ में, लगा न देना हाथ-यंत्र- यंत्र में तार है, जुड़ मत जान नगीन।।-2
15 दिसम्बर 2018
30 नवम्बर 2018
"
"मुक्तक" हार-जीत के द्वंद में, लड़ते मनुज अनेक।किसे मिली जयमाल यह, सबने खोया नेक।बर्छी भाला फेंक दो, विषधर हुई उड़ान-पीड़ा सतत सता रहीं, छोड़ो युद्ध विवेक।।-1हार-जीत किसको फली, ऊसर हुई जमीन।युग बीता विश्वास का, साथी हुआ मशीन।बटन सटन दुख दर्द को, लगा न देना हाथ-यंत्र- यंत्र में तार है, जुड़ते जान नगीन।।-2
30 नवम्बर 2018
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x