मैंने देखा था एक सपना

06 दिसम्बर 2018   |  अजय अमिताभ सुमन   (14 बार पढ़ा जा चुका है)












अगला लेख: कविता बहती है



रेणु
08 दिसम्बर 2018

मैंने मजाक किया था अजय जी | गुलीवर की यात्रा में इसी तरह के प्रसंग आते हैं | बहुत रोचक है आपकी रचना |

नहीं , नहीं , दादी को हीं देखा था. धन्यवाद रेणु जी

रेणु
06 दिसम्बर 2018

अत्यंत रोचक और मुस्कुराते रचना अजय जी -- कहीं आपने दादी की बजाय लेडी गुलीवर को तो सपने में नहीं देख लिया था | हास्य रंग से सजी रचना के लिए हार्दिक बधाई |

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
22 नवम्बर 2018
डॉ.कुमार विश्वास “कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है”कुमार विश्वास का जन्म 10 फ़रवरी 1970 को पिलखुआ (ग़ाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश) में हुआ था। चार भाईयों और एक बहन में सबसे छोटे कुमार विश्वास ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा लाला गंगा सहाय स्कूल, पिलखुआ में प्राप्त की। उनके पिता डॉ. चन्द्रपाल शर्मा आर एस
22 नवम्बर 2018
23 नवम्बर 2018
Ramdhari Singh Dinkar - Hindi poem बालिका से वधू – रामधारी सिंह “दिनकर”माथे में सेंदूर पर छोटीदो बिंदी चमचम-सी,पपनी पर आँसू की बूँदेंमोती-सी, शबनम-सी।लदी हुई कलियों में मादकटहनी एक नरम-सी,यौवन की विनती-सी भोली,गुमसुम खड़ी शरम-सी।पीला चीर, कोर में जिसकेचकमक गोटा-जाली,चली पिया के गांव उमर केसोलह फूलों
23 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
Hindi poem - Kumar vishwasउनकी ख़ैरो-ख़बर नहीं मिलती उनकी ख़ैरो-ख़बर नहीं मिलतीहमको ही खासकर नहीं मिलती शायरी को नज़र नहीं मिलतीमुझको तू ही अगर नहीं मिलती रूह मे, दिल में, जिस्म में, दुनियाढूंढता हूँ मगर
22 नवम्बर 2018
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x