ये ही तो प्यार है

07 दिसम्बर 2018   |  शिशिर मधुकर   (2 बार पढ़ा जा चुका है)

ये ही तो प्यार है  - शब्द (shabd.in)

तेरे मेरे बीच ना अब कोई दीवार है

जानेमन तू जान ले ये ही तो प्यार है


चढ़ गया एक बार तो उतरेगा ही नहीं

इस इश्क में होता सदा ऐसा खुमार है


तू पास है मुझको पता चल ही जाएगा

खुशबू भरी आती अगर कोई बयार है


तू मुस्कुरा रही है गर तन्हाई में कहीं

फूलों में दिख जाती मुझको बहार है


जो सुख मुझे तेरे क़रीब आने से मिले

मधुकर की जां तुझपे हरदम निसार है



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रेणु
07 दिसम्बर 2018

तू मुस्कुरा रही है गर तन्हाई में कहीं
फूलों में दिख जाती मुझको बहार है
अनुराग का ये शाश्वत रंग बहुत सुहाना है आदरणीय शिशिर जी | सादर आभार |

शिशिर मधुकर
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आपके खूबसूरत शब्दों के लिए रेणु जी दिल से शुक्रिया ........

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