मेरे लिए पर्याप्त है ( लघु )

07 दिसम्बर 2018   |  उदय पूना   (64 बार पढ़ा जा चुका है)

मेरे लिए पर्याप्त है ( लघु )



पूरा रास्ता,

नहीं मालूम;

वांछनीय गंतव्य, जहां जाना है,

नहीं मालूम;

एक बार में, एक कदम संभाल लूं, तो मेरे लिए काफी है।


सीधा,

नहीं मालूम;

कुछ कुछ उलटा,

दिखता रहता है;

उसी उलटे से स्वयं को बचा लूं, तो मेरे लिए काफी है।


पूरा ज्ञान,

नहीं मालूम;

जितना भी समझ में आता है;

उतना ही संभाल लूं, तो मेरे लिए काफी है।


उतना ही जीवन में उतार लूं, तो मेरे लिए काफी है।


उदय पूना

अगला लेख: निज भाषा



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
09 दिसम्बर 2018
मा
मां पहले पत्नी थी; पत्नी रूप में कितना था सम्मान ??मां का, समाज, व्यक्ति और संतान, करें इतना सम्मान;<p style="color: rgb(34, 34, 34); font-fam
09 दिसम्बर 2018
06 दिसम्बर 2018
सम्बन्ध सम्बन्ध, यानि बराबरी का बंधन, मन से स्वीकार किया जाता है;सम्बन्ध, किसी प्रकार की कोई मजबूरी नहीं। सम्बन्ध, आपसी प्यार, समझ, साझा उद्देश्य से आगे बढ़ता है;सामान्यता सम्बन्ध में कुछ भी थोपना नहीं। को
06 दिसम्बर 2018
23 नवम्बर 2018
गु
" गुस्सा -- Balance Sheet दर्पण "हम गुस्सा, करते रहते हैं;और गुस्सा करने को, उचित भी ठहराते रहते हैं;और साथ साथ, यह भी, मानते रहते हैं;कि गुस्सा देता, सिर्फ घाटा;. . . सिर्फ हानी;और होते, कितने नुकसान हैं। .. . इस उलझन को, हम देखते हैं।।1।।.. .जब जब हमारा काम हो जाता है, गुस्सा करने से;सफलता मिल जात
23 नवम्बर 2018
25 नवम्बर 2018
मै
*गहराई की छिपी वर्जनाओं के स्वर*( "स्वयं पर स्वयं" से )मैं भटकता रहामैं भटकता रहा; समय, यूं ही निकलता रहा;मैं भटकता रहा। उथला जीवन जीता रहा;तंग हाथ किये, जीवन जीता रहा।न किसी को, दिल खोल कर अपना सका;न किसी का, खुला दिल स्वीकार कर सका;न आपस की, दूरी मिटा सका;न सब कुछ दे सक
25 नवम्बर 2018
10 दिसम्बर 2018
कु
कुछ कुछ - किस्त पहलीमेरी ओर से प्रयास, एक लघु कदम, मेरे हिंदी के ज्ञान में सुधार हेतु। जो भी हिंदी के जानकार हैं, विद्वान हैं, उनसे निवेदन है, आग्रह है की वो आगे आयें। इस कार्य में योगदान, सहयोग, सहायता करें। इस उद्देश्य के साथ लेख प्रक
10 दिसम्बर 2018
06 दिसम्बर 2018
सम्बन्ध सम्बन्ध, यानि बराबरी का बंधन, मन से स्वीकार किया जाता है;सम्बन्ध, किसी प्रकार की कोई मजबूरी नहीं। सम्बन्ध, आपसी प्यार, समझ, साझा उद्देश्य से आगे बढ़ता है;सामान्यता सम्बन्ध में कुछ भी थोपना नहीं। को
06 दिसम्बर 2018
24 नवम्बर 2018
क्
क्या चाहिए जीवन केलिए जीवन सुन्दर है, जीवन आंनद है, प्रत्येक व्यक्ति केलिए;पर हम, स्वयं की कैद में रहते हैं, घुट घुटकर मरने केलिए। जो कमाई करते रहते हैं, केवल पेट पालने केलिए;वो भर पेट भोजन क्यों त्यागते, केवल कमाई करने केलिए। न जाने क्या क्या जुटाते रहते हैं, बाद में
24 नवम्बर 2018
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x