"हाइकु"

12 दिसम्बर 2018   |  महातम मिश्रा   (65 बार पढ़ा जा चुका है)

"हाइकु"


ठंडी की ऋतु

घर घर अलाव

बुझती आग।।-1


गैस का चूल्हा

न आग न अलाव

ठिठुरे हाथ।।-2


नया जमाना

सुलगता हीटर

धुआँ अलाव।।-3


नोटा का कोटा

असर दिखलाया

मुरझा फूल।।-4


खिला गुलाब

उलझा हुआ काँटा

मूर्छित मन।।-5


महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी


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