ग़मगीन

16 दिसम्बर 2018   |  शिशिर मधुकर   (84 बार पढ़ा जा चुका है)

ग़मगीन

निभाना ही नहीं तुमको, तो क्यों, रिश्ता बनाते हो

इतने नज़दीक आ कर के, कहो क्यों, दूर जाते हो

ज़माने से डरे हो तुम, हर इक शमा, बुझा डाली

अँधेरों में तन्हा कर के, मुझे, हर पल सताते हो


एक तेरा साथ क्या छूटा, मैं तो, ग़मगीन बैठा हूँ

कुछ अपनी कहो, दिन रात तुम, कैसे बिताते हो


तुम्हें मालूम तो होगा, अलहदा, कर नहीं सकते

किसी की सांस में, जब भी तुम, घुल के समाते हो


मुझे तेरी जुदाई ने, तो मधुकर, तोड़ ही डाला

हिज्र के बोझ को, तुम भी कहो, कैसे उठाते हो


शिशिर मधुकर

अगला लेख: ये बारिश प्रेम की



रेणु
17 दिसम्बर 2018

बेहतरीन गजल आदरणीय शिशिर जी - सादर

रेणु
17 दिसम्बर 2018

बेहतरीन गजल आदरणीय शिशिर जी | सादर

शिशिर मधुकर
17 दिसम्बर 2018

तहे दिल से शुक्रिया आदरणीय रेणु जी ........

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
04 दिसम्बर 2018
""""" """""मरा जा रहा हूँ (हास्य)""""" """' ************************* प्रिय मुझसे तेरा यूँ मुंह का फुलाना, नखरे दिखाना यूँ रूठ के सो जाना, गजब ढा रहा है, गजब ढा रहा है। न हँसना तनिक भी न सजना सवरना, न आँखें दिखाना न लड़ना झगड़ना, गजब ढा रहा है, गजब ढा रहा है। ओ तिरछी नजर से न मुझको रिझाना, न कसमों
04 दिसम्बर 2018
19 दिसम्बर 2018
ने
मुहब्बत हो गई तुमसे, करे क्या, दिल ये बेचारातन्हा बैठा है यादों में, मगर हिम्मत, नहीं हाराआस तो अब भी, जिंदा है, इस जीवन के, मेले मेंमिलन होगा यहाँ, अपना भी देखो, फिर से दोबारानहीं है भूख, इस तन की, तड़प है, मेरे सीने मेंमैं तो असली, पुजारी हूँ, नहीं हूँ , कोई आवारानिक
19 दिसम्बर 2018
12 दिसम्बर 2018
ढूँढते हैं तुम्हें जब भी, किसी महफिल में जाते हैंसिवा तेरे हाल ए दिल औरों को, हम ना बताते हैं ढूँढ़ने का सबब तुमको, जो कोई पूछे यहाँ हमसेकई बरसों की शनासाई है, फ़कत हम ये जताते हैंप्यार नज़रों से मिलता है, जुबां से फूल झरते हैंबोल मीठे तेरे दिल को हमारे, कुछ ऐसे सुहाते हैं
12 दिसम्बर 2018
07 दिसम्बर 2018
किस्मत के धोखे,ज़िन्दगी में, जब भी आते हैंकुछ भी करो, दिल को मगर, वो तो दुखाते हैंकभी सोचा ना था, यूँ ज़िन्दगी भी, रूठ जाएगीकुछ अपने , मुझे तो कोस के , हरदम सताते हैं मेरी कमजोरियां, मुझपे हमेशा, राज करती हैंसितारे भी, नई कोई राह ना, मुझको दिखाते हैं बिना चाहत के रिश्तों के, बोझ सब, सह नहीं सकते मेर
07 दिसम्बर 2018
14 दिसम्बर 2018
ये कैसा प्रेम है, मुझको नहीं तुम, याद करते होमैं कैसे मान लूँ, तुम मेरी छवि, सीने में धरते होदर्द तुमको अगर होता, तो चेहरे से, बयां होताजुदाई तुमको भाती है, तुम तो ऐसे, संवरते होबस एक सूरत है पहचानी, नहीं है, कोई भी नाता मेरे नज़दीक से, तुम तो फ़कत, ऐसे गुजरते होमुझे भी वो हुनर दे दो, फ़कत है पास, जो
14 दिसम्बर 2018
16 दिसम्बर 2018
बा
"बाबा तेरी चिरैया मै....मैं तो ना जाऊ परदेश रे....बाबा तेरी चिरैया मै....मैं तो ना जाऊ परदेश रे....तेरा हाथ छोड़कर, तेरा हाथ छोड़कर ना थामु मैं दूजा हाथ रे....बाबा ओ... बाबा....काहे भेजे मुझे दूर तू... मै चिरैया तेरे आंगण की...न बना मुझे तुलसी किसके आंगण की...मै तेरी बि
16 दिसम्बर 2018
02 दिसम्बर 2018
मु
मैं नहीं कहता कि सर्वस वर दूंगा। कदमों में तेरे चाँद-सूरज डाल दूंगा। कल्पना जितनी किया होगा प्रिये, उससे अधिक 'कक्का' मैं तुमको प्यार दूंगा।
02 दिसम्बर 2018
14 दिसम्बर 2018
ये कैसा प्रेम है, मुझको नहीं तुम, याद करते होमैं कैसे मान लूँ, तुम मेरी छवि, सीने में धरते होदर्द तुमको अगर होता, तो चेहरे से, बयां होताजुदाई तुमको भाती है, तुम तो ऐसे, संवरते होबस एक सूरत है पहचानी, नहीं है, कोई भी नाता मेरे नज़दीक से, तुम तो फ़कत, ऐसे गुजरते होमुझे भी वो हुनर दे दो, फ़कत है पास, जो
14 दिसम्बर 2018
07 दिसम्बर 2018
लो वादा कर दिया मैंने तुम्हें ना याद करने कारकीबों को मिलेगा अब पूरा मौका संवरने कामेरी चिंता नहीं करना मौत मुझको ना आएगीमुझे मालूम है रस्ता हर एक ग़म से उबरने कासभी ये जानते हैं छोर पे उस कुछ ना पाओगेलेकिन मज़ा कितना है राहे उल्फ़त गुजरने काख्वाइशें तैरने की तो ज़माने भर की रहती हैंसफलता को मगर फन चा
07 दिसम्बर 2018
17 दिसम्बर 2018
तुझको ख़बर, ए गुल नहीं, तुझ पर शबाब हैऐसा लगे, ज्यों इस पेड़ पर , लटकी शराब है नज़रों से मेरी, देख ले तू, खुद को, एक बार तुझको लगेगा, तुझ पे ये रूप , बेहिसाब हैमुझको थी तेरी जुस्तजू, पर, तू, गैर को मिलादोष दें, किसको यहाँ, मेरी किस्मत
17 दिसम्बर 2018
22 दिसम्बर 2018
मुहब्बत, तूने दी मुझको, तभी मैं, हो गया तेरातू आई, मेरी बाहों में, मिटा है, कुछ तो अँधेराजब से, सूरज हुआ मद्धिम, बशर देखा, नहीं कोईमगर, उम्मीद थी दिल में, कभी फिर होगा, सवेराबहारें, जब भी आती हैं, शाख पे पात, उगते हैंचहकते, पंछियों का, फिर वहाँ, होता है बसेरादिल की, दुनिया में मैंने, अब तलक बस, हार
22 दिसम्बर 2018
07 दिसम्बर 2018
किस्मत के धोखे,ज़िन्दगी में, जब भी आते हैंकुछ भी करो, दिल को मगर, वो तो दुखाते हैंकभी सोचा ना था, यूँ ज़िन्दगी भी, रूठ जाएगीकुछ अपने , मुझे तो कोस के , हरदम सताते हैं मेरी कमजोरियां, मुझपे हमेशा, राज करती हैंसितारे भी, नई कोई राह ना, मुझको दिखाते हैं बिना चाहत के रिश्तों के, बोझ सब, सह नहीं सकते मेर
07 दिसम्बर 2018
04 दिसम्बर 2018
ढूँढते हैं निशां तेरे, जब भी बगिया में आते हैंमुहब्बत के गीत भंवरे, यहाँ अब भी सुनाते हैं ज़रा मौसम यहाँ बदला, डालियाँ सज गई सारी बिना तेरे फूल खिलते हुए, पर ना लुभाते हैंमैं तो चुप हूँ मगर, झरने तो हरदम शोर करते हैंतड़प के आह भर, ये तो तुम्हें अ
04 दिसम्बर 2018
11 दिसम्बर 2018
यहाँ जिस चीज़ को चाहो, वही ना पास आती है ज़िन्दगी खेल में अपने, फ़कत सबको नचाती हैजो अपने पास होता है, कदर उसकी नहीं होती दूसरे की सफलता जाने क्यों, सबको लुभाती हैखिलाए गैरों के गुलशन, फक्र इसका मुझे हैं पर अपनी उजड़ी हुईं बगिया देखो, मुझको रूलाती हैकभी थी रोशनी जिससे, शमा वो अब नहीं दिखतीएक लपट आग क
11 दिसम्बर 2018
16 दिसम्बर 2018
धु
दौड़ भागकर सारा दिन थकी उचक्की धुपआँगन में आ पसर गई कच्ची पक्की धुप सारा दिन ना काम किया रही बजती झांझ लेने दिन भर का हिसाब आती होगी साँझ याद दिलाया तो रह गई हक्की-बक्की धुपआँगन में आ, पसर गई कच्ची पक्की धुप अम्मा ले के आ गई पापड़, बड़ी, अचार ले ना आये खिचड़ी, समझ के
16 दिसम्बर 2018
12 दिसम्बर 2018
छवि एक दूजे की दिल में, जहाँ में जब समाती है तभी बदनॉ को आपस में, महक फूलों की आती है अगर है मैल इस दिल में, हर इक रिश्ता हैं बेमानीना जाने क्यों मगर दुनिया यहाँ, इनको निभाती हैएक उल्फ़त के प्यासे को, जहाँ मिलती है ये दौलतदरो दीवार उस घर की, उसे हर पल बुलाती हैबड़ा
12 दिसम्बर 2018
19 दिसम्बर 2018
ने
मुहब्बत हो गई तुमसे, करे क्या, दिल ये बेचारातन्हा बैठा है यादों में, मगर हिम्मत, नहीं हाराआस तो अब भी, जिंदा है, इस जीवन के, मेले मेंमिलन होगा यहाँ, अपना भी देखो, फिर से दोबारानहीं है भूख, इस तन की, तड़प है, मेरे सीने मेंमैं तो असली, पुजारी हूँ, नहीं हूँ , कोई आवारानिक
19 दिसम्बर 2018
10 दिसम्बर 2018
तमन्ना कब हुईं तुमको, मेरे नज़दीक आने कीमुझे बाहों में भर के सांसों में, मेरी समाने कीमैं जिसमें घिर गया ऐसे, जो सारा होश खो बैठाकहानी कुछ तो बतलाओ, मुझे अपने फसाने कीछोड़ दो तुम सभी चिंता, भगा दो दूर हर डर कोकसम मैंने तो खा ली है, तुमसे रिश्ता निभाने कीमुहब्बत कोई भी कर ले, मगर ये सच ना बदलेगाहुस्न
10 दिसम्बर 2018
07 दिसम्बर 2018
लो वादा कर दिया मैंने तुम्हें ना याद करने कारकीबों को मिलेगा अब पूरा मौका संवरने कामेरी चिंता नहीं करना मौत मुझको ना आएगीमुझे मालूम है रस्ता हर एक ग़म से उबरने कासभी ये जानते हैं छोर पे उस कुछ ना पाओगेलेकिन मज़ा कितना है राहे उल्फ़त गुजरने काख्वाइशें तैरने की तो ज़माने भर की रहती हैंसफलता को मगर फन चा
07 दिसम्बर 2018
12 दिसम्बर 2018
छवि एक दूजे की दिल में, जहाँ में जब समाती है तभी बदनॉ को आपस में, महक फूलों की आती है अगर है मैल इस दिल में, हर इक रिश्ता हैं बेमानीना जाने क्यों मगर दुनिया यहाँ, इनको निभाती हैएक उल्फ़त के प्यासे को, जहाँ मिलती है ये दौलतदरो दीवार उस घर की, उसे हर पल बुलाती हैबड़ा
12 दिसम्बर 2018
16 दिसम्बर 2018
सुन ले मैं, थक चुका हूँ, तेरे इंतज़ार मेंदूरी ये अच्छी नहीं, इतनी भी, प्यार मेंदुश्वारियां कबूल थी, जब साथ में, चलेखामोशी मगर, थी नहीं, अपने करार मेंमुझको, ख़बर हुई नहीं, तेरे मिजाज कीलेकिन, कमी ना है कोई, मेरे खुमार मेंजब से गए हो, तुम वहाँ, देता रहा सदाक्या तुमको, दर्द ना दिखा, मेरी पुकार मेंसहरा म
16 दिसम्बर 2018
17 दिसम्बर 2018
तुझको ख़बर, ए गुल नहीं, तुझ पर शबाब हैऐसा लगे, ज्यों इस पेड़ पर , लटकी शराब है नज़रों से मेरी, देख ले तू, खुद को, एक बार तुझको लगेगा, तुझ पे ये रूप , बेहिसाब हैमुझको थी तेरी जुस्तजू, पर, तू, गैर को मिलादोष दें, किसको यहाँ, मेरी किस्मत
17 दिसम्बर 2018
06 दिसम्बर 2018
जब धुप लगी उसको तो , छाया कर दी उसने अपने ही सर का पल्लु उड़ा जब भुख लगी उसको ,तब पेट उसका भरा ,अपने हिस्से में आई आधी रोटी भी उसको खिला किन्तु - आश्चर्य हे या बिडम्ब्ना - इतने बड़े घर में, नहीं मिली उन दोनों को ,अपना हि सर ढकने की थोड़ी सि भी
06 दिसम्बर 2018
सम्बंधित
लोकप्रिय
13 दिसम्बर 2018
22 दिसम्बर 2018
13 दिसम्बर 2018
07 दिसम्बर 2018
07 दिसम्बर 2018
07 दिसम्बर 2018
04 दिसम्बर 2018
22 दिसम्बर 2018
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x