"मुक्तक" देखिए तो कैसे वो हालात बने हैं। क्या पटरियों पै सिर रख आघात बने हैं।

21 दिसम्बर 2018   |  महातम मिश्रा   (38 बार पढ़ा जा चुका है)

"मुक्तक"


देखिए तो कैसे वो हालात बने हैं।

क्या पटरियों पै सिर रख आघात बने हैं।

रावण का जलाना भी नासूर बन गया-

दृश्य आँखों में जख़्म जल प्रपात बने हैं।।-1


देखन आए जो रावण सन्निपात बने हैं।

कुलदीपक थे घर के अब रात बने हैं।

त्योहारों में ये मातम सा क्यूँ हो गया-

क्या रावण के मन के सौगात बने हैं।।-2


महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी

अगला लेख: "हाइकु"



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
26 दिसम्बर 2018
"
मत्तगयन्द सवैये के अंतर्गत 7 भगण और अंत मे दो गुरु का प्रयोग होता है। 16/16 पर यति भी दे दी जाय तो रचना और निखर जाती है।साधारण शब्दों मे मत्तगयन्द सवैये की मापनी इस तरह.होती है ----- 211/211/211/211/211/211/211/22 मत्तगयन्द सवैया छंद ७ भगण +२ गुरु = २३ वर्ण ] वर्णिक मात्रा प्रभार ३२ ] १२ /११ वर्ण /
26 दिसम्बर 2018
21 दिसम्बर 2018
"कुंडलिया" पाया प्रिय नवजात शिशु, अपनी माँ का साथ।है कुदरत की देन यह, लालन-पालन हाथ।।लालन-पालन हाथ, साथ में खुशियाँ आए।घर-घर का उत्साह, गाय निज बछड़ा धाए।।कह गौतम कविराय, ठुमुक जब लल्ला आया।हरी हो गई गोंद, मातु ने ममता पाया।।महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी
21 दिसम्बर 2018
28 दिसम्बर 2018
"
"मुक्तक" नहीं सहन होता अब दिग को दूषित प्यारे वानी। हनुमान को किस आधार पर बाँट रहा रे प्रानी।जना अंजनी से पूछो ममता कोई जाति नहीं-नहीं किसी के बस होता जन्म मरण तीरे पानी।।-1मानव कहते हो अपने को करते दिग नादानी।भक्त और भगवान विधाता हरि नाता वरदानी।गज ऐरावत कामधेनु जहँ पीपल पूजे जाते-लिए जन्म भारत मे
28 दिसम्बर 2018
15 दिसम्बर 2018
छंद - " मदिरा सवैया " (वर्णिक ) *शिल्प विधान सात भगण+एक गुरु 211 211 211 211 211 211 211 2 भानस भानस भानस भानस भानस भानस भानस भा"छंद मदिरा सवैया" वाद हुआ न विवाद हुआ, सखि गाल फुला फिरती अँगना।मादक नैन चुराय रहीं, दिखलावत तैं हँसती कँगना।।नाचत गावत लाल लली, छुपि पाँव महावर का रँगना।भूलत भान बुझावत हौ
15 दिसम्बर 2018
सम्बंधित
लोकप्रिय
27 दिसम्बर 2018
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x