जीवन पिरामिड की तरह

03 जनवरी 2019   |  जानू नागर   (64 बार पढ़ा जा चुका है)

जीवन पिरामिड की तरह!


न भला हैं, न बुरा हैं कोई।

हस कर जीवन जीने की कला हैं सब मे।

रम गए हैं,कदम किसी जगह मे पिरामिड की तरह।

यह चतुर दुनियाँ वाले सब जानते हैं।

बोलते भी हैं, अपनों से, मै तुम्हारा कौन हूँ?

यह ज़िंदगी भी सवालियाँ निशान बन गई हैं ।

इन्ही सवालो को खोजती रह गई हैं ज़िंदगी भवसागरों मे।

मिलता हैं टूटाफूटा जवाब, जो है एक दरार की तरह।

जिससे जनता राजनेता सभी निकलते हवा की तरह।

बचना सभी जानते हैं, इस भौसगर से,बिन नाव के।

कौन आयेगा उबारने भवर मे फसी ज़िंदगी की नय्या को?

बन गई ज़िंदगी एक नोक पिरामिड की तरह।

वह ऊँची होकर भी चुभती हैं ज़िंदगी को।

अगला लेख: छोड़ेंगे न साथ।



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
30 दिसम्बर 2018
(कसैलेपन का कसाव) मेड़मफोटो खीचेंगी यह लाईन अभद्रता भरी लाईन या अभद्रता की प्रतीक थी। एक चाटा भरी आवाजके साथ प्रतीक वर्दियों से घिर गया। किसी के कमर मे काली बेल्ट पैरो मे काले जूतेजिसमे चेरी की पोलिस ही चमक रही थी। किसी के कमर मे बंधी लाल बेल्ट पैरो मे लालजूता वह दरोगा या कह लो सब इंस्पेक्टर यह ला
30 दिसम्बर 2018
09 जनवरी 2019
अब अपने मनसे जीव।आटा-लाटा ख़ाके, ताजा माठा पीव।देख पराई कमाई, मत ललचाव जीव।हो घर मे जो, उसको खा-पी के जीव।चाईना ने तिब्बतके बॉर्डर मे मिसाईल तान दी।1965 मे सहस्रसिपाहियो ने अपनी बलिदानी दी ।जो घर मे होघीव, देख उसे शकुनसी जीव।देख राजा-नेताओके झगड़े मे, मत जलाओअपना जीव।छोड़-छाड़ जातीधर्म आरक्षण का वहम खुद
09 जनवरी 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x