सड़क पर प्रसव

16 जनवरी 2019   |  रवीन्द्र सिंह यादव   (47 बार पढ़ा जा चुका है)

वक़्त का विप्लव

सड़क पर प्रसव

राजधानी में

पथरीला ज़मीर

कराहती बेघर नारी

झेलती जनवरी की

ठण्ड और प्रसव-पीर

प्रसवोपराँत

जच्चा-बच्चा

18 घँटे तड़पे सड़क पर

ज़माने से लड़ने

पहुँचाये गये

अस्पताल के बिस्तर पर

हालात प्रतिकूल

फिर भी नहीं टूटी साँसें

करतीं वक़्त से दो-दो हाथ

जिजीविषा की फाँसें

जब एनजीओ उठाते हैं

दीनहीन दारुण दशा का भार

तब बनता है

एक सनसनीखेज़ समाचार।

© रवीन्द्र सिंह यादव

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रेणु
18 जनवरी 2019

संवेदनहीन होते समाज की मार्मिक तस्वीर आदरणीय रवीन्द्र जी |
सनसनी का भूखा मीडिया और कर भी क्या सकता है ? गरीबी में
हालत से लड़ने की हिम्मत भी कुछ ज्यादा ही आ जाती है | सादर -

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