चालीस शहीद

15 फरवरी 2019   |  विजय कुमार शर्मा   (48 बार पढ़ा जा चुका है)

जदों चाली जवानां दी अर्थी उठा के चलनगे
मोदी राहुल केजरीवाल सब हुम हुमा के चलनगे

चलनगे नाल नाल दोस्त दुशमन सारे
वखरी ऐ गल कि अंदरो अंदरी गुर्राके चलनगे
रहीयां होन भावें परिवार दे तन तें लीरां
जख्मी बैडां ते ही मुआवजा चैक थमाके चलनगे
कुछ फसली बटेरे इमरान हाफिज दे पोस्टर जलाके चलनगे

विशेषज्ञ चैनल अपनी टीआरपी वदौंदे चलनगे

जिना दे पैरां विच रहे हमेशा रुलदे
ओह मोड्ढियां ते ओनानू उठाके चलनगे
अफसऱ नेता मोड्डा वटावन दी खातिर
रब दे दर ते सजदा सजा के चलनगे
जिनकी रक्षा की खातिर कीती जान न्यौशावर
ओही बलदी होई अग्ग ते बैठा के चलनगे

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