आब के जैसा

27 फरवरी 2019   |  शिशिर मधुकर   (26 बार पढ़ा जा चुका है)

तू जब भी पास होता है समय ये थम सा जा है

तेरी बातों में मेरा मन अचानक रम सा जाता है


दर्द मेरे भी दिल में था सुकूँ पर ना दिया रब ने

मिला है तू मगर जब से हुआ ये कम सा जाता है


मिला जो तू मुकद्दर से खुशी इतनी मिली मुझको

ये आंसू आँख को मेरी करे अब नम सा जाता है


मुहब्बत में लहू बन के तू जो नस नस में आ बैठा

ख्याल अब तो जुदाई का निकाले दम सा जाता है

रिश्तों को समझ मधुकर फ़कत एक आब के जैसा

मिले ना प्यार की गर्मी तो पानी जम सा जाता है



अगला लेख: हश्र



अलोक सिन्हा
05 मार्च 2019

अच्छी गजल है |

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
16 फरवरी 2019
पी
शहीदों की चिताओं पर उठी पीड़ा के लहरें हैं मगर सोचो ज़रा हम ही तो असली अंधे बहरे हैसोचते रहते हैं एक दिन शेर भी घास खाएगाजेहादी बुद्ध बन सबके दिलों के पास आएगाअरे कश्मीर में गर तुमने बाकी देश ना भेजाकभी भूभाग तुमसे जाएगा न ये फिर तो सहेजाकत्ल तुम लाखों द्रोहियों का यूँ ही कर नहीं सकतेये अलगाव के नारे
16 फरवरी 2019
25 फरवरी 2019
सोचा किए जो वो ना हुआ कुछ तो बात हैदिन का समय भी आएगा गर आज रात हैआज वो ऊँचा भी है और डालियां हैं संग पर जमीं पे एक दिन गिरता ये पात हैकोशिशें करता है जो वो जीत जाएगा वक्त से हर शै को तो मिलती ही मात हैअब क्या करें शिकायतें उस इंसान से यहाँजिसके लहू में बह रहा बस एक घात हैज़िन्दगी मधुकर चले बस निज उ
25 फरवरी 2019
16 फरवरी 2019
पी
शहीदों की चिताओं पर उठी पीड़ा के लहरें हैं मगर सोचो ज़रा हम ही तो असली अंधे बहरे हैसोचते रहते हैं एक दिन शेर भी घास खाएगाजेहादी बुद्ध बन सबके दिलों के पास आएगाअरे कश्मीर में गर तुमने बाकी देश ना भेजाकभी भूभाग तुमसे जाएगा न ये फिर तो सहेजाकत्ल तुम लाखों द्रोहियों का यूँ ही कर नहीं सकतेये अलगाव के नारे
16 फरवरी 2019
25 फरवरी 2019
मे
मुझे तू प्यार करता है तो मैं सिमटी सी जाती हूँखुशी से झूम उठती हूँ लाज संग मुस्कुराती हूँमेरे मन में उमंगों का बड़ा सा ज्वार उठता हैमगर मैं हाले दिल तुमको नहीं खुलकर बताती हूँमेरे हर क़तरे क़तरे में तेरी छवियां समाई हैमगर न जाने क्यों मैं प्यार अपना न जताती हूँनज़र लग जाए न अपनी मुहब्बत को कभी जग की
25 फरवरी 2019
13 फरवरी 2019
पास हो तुम दिल के इतने कैसे मैं तुमको छोड़ दूँजिसमें हैं बस छवियां तेरी वो आईना क्यों तोड़ दूँअविरल धार स्नेह की जो बहती है जानिब तेरेइसका रुख क्यों गैरों के मैं कहने भर से मोड़ दूँ प्रेम का रिश्ता ये हरगिज़ ख़त्म हो ना पाएगातू कहे तो एक नाम देकर सम्बन्ध अपना जोड़ दूँहाथ कोई गर तुझे छूने की हिम्मत भ
13 फरवरी 2019
25 फरवरी 2019
ला
मिलन की आरजू पे डर ज़माने का जो भारी हैतेरी मेरी मुहब्बत में अजब सी कुछ लाचारी हैदोस्तों दोस्ती मुझको तो बस टुकडों में मिल पाईबड़ी तन्हा सी मैंने ज़िन्दगी अब तक गुज़ारी हैभले तुम अजनबी से अब तो मुझसे पेश आते होतेरी सूरत ही मैंने देख ले दिल में उतारी हैभुलाना भी तुम्हें अब तो कभी आसां नहीं लगता मेरे
25 फरवरी 2019
25 फरवरी 2019
सोचा किए जो वो ना हुआ कुछ तो बात हैदिन का समय भी आएगा गर आज रात हैआज वो ऊँचा भी है और डालियां हैं संग पर जमीं पे एक दिन गिरता ये पात हैकोशिशें करता है जो वो जीत जाएगा वक्त से हर शै को तो मिलती ही मात हैअब क्या करें शिकायतें उस इंसान से यहाँजिसके लहू में बह रहा बस एक घात हैज़िन्दगी मधुकर चले बस निज उ
25 फरवरी 2019
13 फरवरी 2019
पास हो तुम दिल के इतने कैसे मैं तुमको छोड़ दूँजिसमें हैं बस छवियां तेरी वो आईना क्यों तोड़ दूँअविरल धार स्नेह की जो बहती है जानिब तेरेइसका रुख क्यों गैरों के मैं कहने भर से मोड़ दूँ प्रेम का रिश्ता ये हरगिज़ ख़त्म हो ना पाएगातू कहे तो एक नाम देकर सम्बन्ध अपना जोड़ दूँहाथ कोई गर तुझे छूने की हिम्मत भ
13 फरवरी 2019
15 फरवरी 2019
दर्द जाने क्या दर्द से मेरा रिश्ता है!?!जब भी मिलता है बड़ी फ़ुर्सत से मिलता है||
15 फरवरी 2019
13 फरवरी 2019
ज़ि
था मुकद्दर सामने पर भूल हम से हो गईज़िंदगी की राह भटके मुस्कुराहट खो गई झूठ का पहने लबादा साथ में वो आ गया मन में मेरे बात उसकी बस ज़हर सा बो गई रोशन करेंगे रास्ता सोचा जली मशाल सेइस शमा की रोशनी भी ज़िंदगी से लो गई साथ आएगा कोई तो कुछ नया होगा
13 फरवरी 2019
13 फरवरी 2019
ज़ि
था मुकद्दर सामने पर भूल हम से हो गईज़िंदगी की राह भटके मुस्कुराहट खो गई झूठ का पहने लबादा साथ में वो आ गया मन में मेरे बात उसकी बस ज़हर सा बो गई रोशन करेंगे रास्ता सोचा जली मशाल सेइस शमा की रोशनी भी ज़िंदगी से लो गई साथ आएगा कोई तो कुछ नया होगा
13 फरवरी 2019
27 फरवरी 2019
तेरी आवाज़ ही अब तो बनी मेरा सहारा हैहजारों फूल खिलते हैं तूने जब भी पुकारा हैतू मेरी सांस बनके इस तरह जीवन में छाया है तेरे बिन ज़िन्दगी का अब नहीं होता गुजारा हैमुझे कड़वे सचों ने ज़िन्दगी के तोड़ डाला था मेरी उजड़ी सी हस्ती को फ़कत तूने निखारा हैबसी हूँ जब से पलकों में वहीं महफूज़ हूँ हरदम
27 फरवरी 2019
25 फरवरी 2019
ला
मिलन की आरजू पे डर ज़माने का जो भारी हैतेरी मेरी मुहब्बत में अजब सी कुछ लाचारी हैदोस्तों दोस्ती मुझको तो बस टुकडों में मिल पाईबड़ी तन्हा सी मैंने ज़िन्दगी अब तक गुज़ारी हैभले तुम अजनबी से अब तो मुझसे पेश आते होतेरी सूरत ही मैंने देख ले दिल में उतारी हैभुलाना भी तुम्हें अब तो कभी आसां नहीं लगता मेरे
25 फरवरी 2019
15 फरवरी 2019
चाह तुझसे मिलन की जब तलक सीने में जिंदा हैबड़ा बेचैन सा रहता मेरे मन का परिंदा हैमुहब्बत को बनाया पर सही ना साथ मिल पायापरेशां इस जमीं पर देख लो हर इक बाशिंदा हैचोट सीने पे लग जाए बिखर जाती हैं खुशियां भी कोई बनता है फिर साधू कोई बनता दरिंदा हैप्रेम होता नहीं सबको प्रेम की बातें हैं सारी हर इक रिश्त
15 फरवरी 2019
25 फरवरी 2019
कोई रिश्ता फ़कत इक नाम से ना खास होता हैमुहब्बत जो भी बांटेगा वो दिल के पास होता हैपरेशां मन जो रहता है गैर दोषी नहीँ इसके मेरे घर में ही कुछ खामी है ये एहसास होता हैबात कितनी करे कोई अगर उल्फ़त नहीं दिल मेंदूरियों का हर समय बीच में आभास होता है कोई गैरों की पूजा में ही
25 फरवरी 2019
17 फरवरी 2019
मुहब्बत जिससे होती है सुगंध एक उसमें आती हैउसे पाने की चाहत फिर जो बस मन में जगाती हैये चेहरा कुछ नहीं दिल से जुड़ा एक आईना समझोजो मन में चल रहा है बस वो ही सूरत दिखाती हैचाह जिसकी करी वो ही तो देखो ना मिला मुझकोज़िन्दगी की ये सच्चाई तन्हा मेरे दिल को दुखाती हैछवि महबूब की जिसने बसाई हो फ़कत दिल में
17 फरवरी 2019
28 फरवरी 2019
मन की हर बात करने का मेरा मन तुझसे करता हैतेरे हर लफ्ज का मरहम मेरी पीड़ा को हरता हैमेरी झोली किसी के प्यार से महरूम थी अब तकतू दोनों हाथों से इसको सदा हँस हँस के भरता हैतू मेरे साथ है जब से मुझ को चिंता नहीं रहतीतन्हा इंसान ही बस हर समय गैरों से डरता हैअलग इंसान होते हैं फ़कत कातिल ज़माने मेंये जज्बा
28 फरवरी 2019
25 फरवरी 2019
ला
मिलन की आरजू पे डर ज़माने का जो भारी हैतेरी मेरी मुहब्बत में अजब सी कुछ लाचारी हैदोस्तों दोस्ती मुझको तो बस टुकडों में मिल पाईबड़ी तन्हा सी मैंने ज़िन्दगी अब तक गुज़ारी हैभले तुम अजनबी से अब तो मुझसे पेश आते होतेरी सूरत ही मैंने देख ले दिल में उतारी हैभुलाना भी तुम्हें अब तो कभी आसां नहीं लगता मेरे
25 फरवरी 2019
25 फरवरी 2019
ना
जिसे तुम ज़िन्दगी में सबसे ज्यादा प्यार करते होझिझक को छोड़ कर पीछे उसे बाँहों में भरते होज़मीं का साथ पाकर ही शज़र पे रंग आता हैचुकाने को कर्ज थोड़ा फूल तुम उस पे झरते होतेरे सीने से लगने की तमन्ना दिल में रहती हैमेरी हर एक पीड़ा तुम बड़ी शिद्दत से हरते होमुझे उन राहों पे चलने से हरदम मान मिलता है
25 फरवरी 2019
25 फरवरी 2019
ना
जिसे तुम ज़िन्दगी में सबसे ज्यादा प्यार करते होझिझक को छोड़ कर पीछे उसे बाँहों में भरते होज़मीं का साथ पाकर ही शज़र पे रंग आता हैचुकाने को कर्ज थोड़ा फूल तुम उस पे झरते होतेरे सीने से लगने की तमन्ना दिल में रहती हैमेरी हर एक पीड़ा तुम बड़ी शिद्दत से हरते होमुझे उन राहों पे चलने से हरदम मान मिलता है
25 फरवरी 2019
25 फरवरी 2019
ना
जिसे तुम ज़िन्दगी में सबसे ज्यादा प्यार करते होझिझक को छोड़ कर पीछे उसे बाँहों में भरते होज़मीं का साथ पाकर ही शज़र पे रंग आता हैचुकाने को कर्ज थोड़ा फूल तुम उस पे झरते होतेरे सीने से लगने की तमन्ना दिल में रहती हैमेरी हर एक पीड़ा तुम बड़ी शिद्दत से हरते होमुझे उन राहों पे चलने से हरदम मान मिलता है
25 फरवरी 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x