हार्दिक अभिनन्दन !

01 मार्च 2019   |  रेणु   (67 बार पढ़ा जा चुका है)

 हार्दिक अभिनन्दन  !

वीर अभिनन्दन ! हार्दिक अभिनन्दन !

तुम्हारे शौर्य को कोटि वन्दन !


पुलकित , गर्वित माँ भारती -

तुम्हारे निर्भीक पराक्रम से ,

मृत्यु - भय से हुए ना विचलित -

ना चूके संयम से ;

सिंह पुत्र तुम जननी के

सहमा शत्रु नराधम !!


शत्रु भूमि पर जा देखो -

मातृभूमि का मान बढ़ाया ,

अर्जित की अखंड कीर्ति -

ना पीछे कदम हटाया ;

मान मर्दन किया पापी का

रहा अडिग हिमालय सा तन !!


कोटि नैन बिछे पथ में-

स्वागत को आज तुम्हारे .

एक कुटुंब सा जुटा राष्ट्र -

अपलक तुम्हे निहारे ;

तुम्हारा यश रहे अमर जग में-

पुकार रहा यही जन - जन !!!!!!!

स्वरचित -- रेणु

चित्र --गूगल से साभार --

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अलोक सिन्हा
05 मार्च 2019

अच्छी रचना है |

रेणु
09 मार्च 2019

सादर आभार आदरणीय आलोक जी

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