अभिनंदन

01 मार्च 2019   |  रवीन्द्र सिंह यादव   (23 बार पढ़ा जा चुका है)

ओ अभिनंदन


है अभिनंदन


आज महके हैं


माटी और चंदन


पराक्रम की


लिख इबारत


लौट आये


अपने भारत


राजा पौरुष की तरह


याद किये जाओगे


भावी पीढ़ियों को


सैनिक पर गर्व कराओगे


मिले कामयाबी की


मंज़िल-दर-मंज़िल


सजती रहेगी अब


आपकी शौर्य-गाथा से महफ़िल


भारत की माटी के


लाड़ले सपूत आपको सलाम


तय करने हैं भारत को


अभी बहुतेरे विराट मक़ाम।


© रवीन्द्र सिंह यादव


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रेणु
02 मार्च 2019

बहुत खूब आदरणीय रवीन्द्र जी | माँ भारती के वीर सपूत का अभिनन्दन ही अभिनन्दन है |
सुंदर भावपूर्ण रचना में कुच्छ भाव मेरे भी | जय हिन्द – जय हिन्द की सेना !!

वीर अभिनन्दन ! हार्दिक अभिनन्दन !
तुम्हारे शौर्य को कोटि वन्दन !
कोटि नैन बिछे पथ में-
स्वागत को आज तुम्हारे .
एक कुटुंब सा जुटा राष्ट्र –
अपलक तुम्हे निहारे ;
तुम्हारा यश रहे अमर जग में-
पुकार रहा यही जन – जन

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