कोई उसकी फिक्र क्यों नहीं करता ?

05 मार्च 2019   |  आयेशा मेहता   (67 बार पढ़ा जा चुका है)

कोई उसकी फिक्र क्यों नहीं करता ?

आजकल वो लड़की बड़ी गुमसुम सी रहती है ,

हमेशा बेफिक्र रहने वाली ,

आजकल कुछ तो फिक्र में रहती है ा

अल्हड़ सी वो लड़की ,

हर बात पर बेबाक हंसने वाली ,

आजकल चुप-चुप सी रहती है ा

आँखों में मस्ती , चेहरे पर नादानी ,

खुद में ही अलमस्त रहने वाली ,

हमेशा आसमान में उड़ने की बात करती थी ,

आज वो जमीन से लिपट कर रो रही थी ा

कुछ तो हुआ होगा उस रात ,

शायद कुछ भयावह घटित हुआ होगा उसके साथ ,

जो उसकी आवाज़ ही निगल गया है ,

जीने की चाहत ही छीन लिया है ,

लेकिन कोई उसकी खबर क्यों नहीं लेता ,

कोई उसकी तबियत क्यों नहीं पूछता ,

मुझे बहुत फिक्र हो रही थी की ,

कोई उसकी फिक्र क्यों नहीं करता ा

अगला लेख: शायरी



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
21 फरवरी 2019
कवितापहली मुलाकातविजय कुमार तिवारीयह हठ था या जीवन का कोई विराट दर्शन,या मुकुलित मन की चंचल हलचल?रवि की सुनहरी किरणें जागी,बहा मलय का मधुर मस्त सा झोंका,हुई सुवासित डाली डाली, जागी कोई मधुर कल्पना।शशि लौट चुका थानिज चन्द्रिका-पंख समेटे। उमग रहे थे भौरे फूलों कलियों में,मधुर सुनहले आलिंगन की चाह संजो
21 फरवरी 2019
25 फरवरी 2019
ना
जिसे तुम ज़िन्दगी में सबसे ज्यादा प्यार करते होझिझक को छोड़ कर पीछे उसे बाँहों में भरते होज़मीं का साथ पाकर ही शज़र पे रंग आता हैचुकाने को कर्ज थोड़ा फूल तुम उस पे झरते होतेरे सीने से लगने की तमन्ना दिल में रहती हैमेरी हर एक पीड़ा तुम बड़ी शिद्दत से हरते होमुझे उन राहों पे चलने से हरदम मान मिलता है
25 फरवरी 2019
02 मार्च 2019
हाँ रचती है मेरे हाथों में मेहँदी तुम्हारे नाम की , ये चूड़ी , ये बिंदी , ये सिंदूर भी है तुम्हारे नाम की ,याद रखना ये समर्पण है मेरा,इसे तुम मेरी जंजीर मत समझना ,अगर तुम इसे जंजीर समझोगे तो आता है मुझे इस जंजीर को तोड़ फेंकना ा
02 मार्च 2019
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x