कोई उसकी फिक्र क्यों नहीं करता ?

05 मार्च 2019   |  आयेशा मेहता   (43 बार पढ़ा जा चुका है)

कोई उसकी फिक्र क्यों नहीं करता ?  - शब्द (shabd.in)

आजकल वो लड़की बड़ी गुमसुम सी रहती है ,

हमेशा बेफिक्र रहने वाली ,

आजकल कुछ तो फिक्र में रहती है ा

अल्हड़ सी वो लड़की ,

हर बात पर बेबाक हंसने वाली ,

आजकल चुप-चुप सी रहती है ा

आँखों में मस्ती , चेहरे पर नादानी ,

खुद में ही अलमस्त रहने वाली ,

हमेशा आसमान में उड़ने की बात करती थी ,

आज वो जमीन से लिपट कर रो रही थी ा

कुछ तो हुआ होगा उस रात ,

शायद कुछ भयावह घटित हुआ होगा उसके साथ ,

जो उसकी आवाज़ ही निगल गया है ,

जीने की चाहत ही छीन लिया है ,

लेकिन कोई उसकी खबर क्यों नहीं लेता ,

कोई उसकी तबियत क्यों नहीं पूछता ,

मुझे बहुत फिक्र हो रही थी की ,

कोई उसकी फिक्र क्यों नहीं करता ा

अगला लेख: शायरी



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
07 मार्च 2019
#नारी - हिम्मत कर हुंकार तू भर ले#नारी के हालात नहीं बदले,हालात अभी, जैसे थे पहले,द्रौपदी अहिल्या या हो सीता,इन सब की चीत्कार तू सुन ले। राम-कृष्ण अब ना आने वाले,अपनी रक्षा अब खुद तू कर ले,सतयुग, त्रेता, द्वापर युग बीता,कलयुग में अपनी रूप बदल ले।लक्ष्य कठिन है, फिर भी
07 मार्च 2019
02 मार्च 2019
हाँ रचती है मेरे हाथों में मेहँदी तुम्हारे नाम की , ये चूड़ी , ये बिंदी , ये सिंदूर भी है तुम्हारे नाम की ,याद रखना ये समर्पण है मेरा,इसे तुम मेरी जंजीर मत समझना ,अगर तुम इसे जंजीर समझोगे तो आता है मुझे इस जंजीर को तोड़ फेंकना ा
02 मार्च 2019
27 फरवरी 2019
तू जब भी पास होता है समय ये थम सा जा हैतेरी बातों में मेरा मन अचानक रम सा जाता हैदर्द मेरे भी दिल में था सुकूँ पर ना दिया रब ने मिला है तू मगर जब से हुआ ये कम सा जाता हैमिला जो तू मुकद्दर से खुशी इतनी मिली मुझकोये आंसू आँख को मेरी करे अब नम सा जाता हैमुहब्बत में लहू बन के तू जो नस नस में आ बैठा
27 फरवरी 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x