महिला

08 मार्च 2019   |  अनिल कुमार व.अ.हिन्दी   (26 बार पढ़ा जा चुका है)

'महिला' सृष्टि का अनमोल ख़जाना महिला है बहुत महाना त्याग, बलिदान की सच्ची मूरत नारी की है सृष्टि पर बहुत सी सूरत सन्तान को जन्म है देती कोख में उसको रखकर कष्ट भी है वह सहती इसीलिए 'जननी' है दुनिया उसको कहती भाई को रक्षासूत्र बाँध भगिनी होने का फ़र्ज अदा कर लेती पैदा होती जब बेटी बनकर तो माँ-बाप को बेटी होने का सुख भी देती महिला अपने बलिदानों से सृष्टि को पावनता से है भर देती जब कष्ट में होती सन्तानें तो अपना सुख चेन है उस पर लूटा देती फिर भी सन्तानें आज के वक्त में क्यों है ? उसकी नहीं होती इस कारण ममता छुप-छुप के जननी होकर दुख सह रो लेती भाई-बहिन के रिश्ते में भाई के खातिर अपना सब कुछ है दे देती फिर भी भाई-बहिन के रिश्ते को धुँधला ना होने देती बेटी बन बेटे के दुराचारों में पराई कहलाकर भी माँ-बाप का साथ है देती महिला के महिला होने का त्याग, बलिदान भी सहने का दुनिया क्या खुब सबक है देती उसको अपने ही बलिदानों से दुनिया अबला क्यों है ? कह देती सृष्टि की सबसे सुन्दर रचना अपने त्याग और बलिदान से महिला, अबला, नारी है कहला लेती।

अगला लेख: 'भव-सागर'



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
24 फरवरी 2019
तुलसी के बारे में आप जानते है । यह बुखार सर्दी, जुकाम, खाँसी मे प्रयोग की जाती है । तुलसी सर्वरोग निवारक, जीवनीय शक्तिवर्धक होती है । इसे वृंदा, वैष्णवी, विष्णु बल्लभा, श्री कृष्ण बल्लभा आदि नामो से जाना जाता है । इस औषधि की देवी की तरह पूजा की जाती है । ये सब जगह पाय
24 फरवरी 2019
17 मार्च 2019
'
भव सागर, यह संसार है जीवन, सागर मझधार हैघोर, गहन विपदा है घेरेजीवन में है, तेेरे और मेरे झंझावत ढेरों पारावार हैलहरों से उठती, हुँकार है आशा और निराशा इसमेंजीवन की दो पतवार है निराशा से होता कहाँ ?जन-जीवन का उद्धार हैआशा से ही लगती यहाँनौका तूफानों से पार हैभव-स
17 मार्च 2019
08 मार्च 2019
8 मार्च को आप भीअंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की तैयारियों में लगे होंगे ।अब तक कुछ लोगों को मैसेज भी भेज दिया होगा और कुछ बहुत ख़ास लोगों को फ़ोन करकेबधाई भी दे दी होगी ।लेकिन क्या आप ये जानते हैं किअंतरराष्ट्रीय महिला दिवस क्यों मनाया जाता है और ये मनाना कब शुरू हु
08 मार्च 2019
08 मार्च 2019
सर्वप्रथमसभी को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ | नारी सदा से सशक्त रहीहै शारीरिक,मानसिक तथा आध्यात्मिक स्तरों पर, और आज की नारी तो आर्थिक स्तर पर भी पूर्ण रूप से इतनी सशक्त औरस्वावलम्बी है कि उसे न तो पुरुष पर निर्भर रहने की आवश्यकता है न ही वह किसी रूपमें पुरुष से कमतर है |हमसभी ज
08 मार्च 2019
14 मार्च 2019
ईश्वर की अद्भुत कृति “औरत”...ख़ूबसूरती,दृढ़ इच्छाशक्ति, विद्वत्ता और सद्गुणों का एक बेहतरीन मेल “औरत”…प्रेम,स्नेह, सम्मान, उमंग, उछाह और उत्साहका एक बेहतरीन मेल “औरत”…क्योंकि ईश्वर ने अपनी इस अद्भुत कृति की रचनाही की है निर्माण के लिए,सृजन के लिए, सम्वर्धन और पोषण के लिए मानवमात्र के मार्ग दर्शन के लि
14 मार्च 2019
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x