मुक्तक

23 मार्च 2019   |  महातम मिश्रा   (22 बार पढ़ा जा चुका है)

आप व आप के पूरे परिवार को मुबारक हो फागुन की होली.......


"मुक्तक


मुरली की बोली और राधा की झोली।

गोपी का झुंड और ग्वाला की टोली।

कान्हा की अदाएं व नंद जी का द्वार-

पनघट का प्यार और लाला की ठिठोली।।


महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी


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