हाकलि छंद

16 जून 2019   |  महातम मिश्रा   (19 बार पढ़ा जा चुका है)

पितृ दिवस पर प्रस्तुत है हालकि छंद, आदणीय पिता श्री को सादर प्रणाम एवं सभी मित्रों को हर्षित बधाई, ॐ जय माँ शारदा!


हाकलि छंद


पिता दिवस पर प्रण करें, पीर पराई मिल हरें।

कष्ट न दें निश्चित करें, मातु पिता ममता भरें।

बने पिता की लाठी भी, माता सुख संघाती भी।

पूत कपूत नहिं हो हरे, पिता वृक्ष वट खूब फरे।।


पिता दिवस अरमानों का, रीति रिवाज पुरानों का।

माता नाम निदानों का, ममता अरु बलिदानों का।

बेटा बेटी चाहत के, रिश्ते नाते राहत के।

संस्कार परिधानों का, सेवा भाव ठिकानों का।।


महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी

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