कभी अलविदा ना कहना तुम

22 जून 2019   |  रेणु   (57 बार पढ़ा जा चुका है)

कभी अलविदा ना कहना तुम
मेरे साथ यूँ ही रहना तुम !

तुम बिन थम जाएगा साथी ,
मधुर गीतों का ये सफर ;
रुंध कंठ में दम तोड़ देगें -
आत्मा के स्वर प्रखर ;
बसना मेरी मुस्कान में नित
ना संग आंसुओं के बहना तुम

तुम ना होंगे हो जायेगी गहरी
भीतर की तन्हाईयां-
टीसती विकल करेंगी
यादों की ये परछाईयां-
गहरे भंवर में संताप के -
देखो !ना डुबो देना तुम !

निःशब्द हो सहेज लेना
अक्षय स्नेहकोष मेरा,
रखना याद ये स्नेहिल पल -
भुला देना हर दोष मेरा ;
दूर आखों से हो जाओं
ये सजा कभी मत देना तुम !

स्वरचित -- रेणु

इस रचना को मेरे ब्लॉग पर भी पढ़ सकते हैं -

https://renuskshitij.blogspot.com/2019/06/blog-post_65.html



जितने सुंदर भाव हैं उतने ही सुंदर शब्दों का चयन आपकी कविता को सुंदर से सुंदरतम बना रही है ! ईश्वर से प्रार्थना है कि आपकी लेखनी अनवरत् अपने भावों से आम जनमानस को सराबोर करती रहे

आपकी कविता मुझे बहुत सुन्दर लगी, क्योंकि जितने सुन्दर इसक भाव हैं उतने ही सुन्दर इसके शब्द हैं .... आपके लिए मैं भी दो पंक्तियाँ लिख रही हूँ ,
खुदा करे दोनों सलामत रहे, एक तू और दूसरी तेरी मुस्कराहट .

रेणु
30 जून 2019

प्रिय प्रियंका-- आपके सुंदर भाव बहुत ही निर्मल और स्नेहिल हैं जिनके लिए कोई आभार पर्याप्त नहीं बस मेरा प्यार आपके लिए

बहुत ही सुन्दर रचना रेणु जी, जितने सुन्दर कविता के भाव हैं उतने ही सुन्दर शब्दों का इस्तेमाल किया है आपने
निःशब्द हो सहेज लेना
अक्षय स्नेहकोष मेरा,
रखना याद ये स्नेहिल पल -
भुला देना हर दोष मेरा ;
बहुत खूब

खुदा करे सलामत रहे दोनों , एक तू और दूसरा मुस्कुराना तेरा

खुदा करे, सलामत रहें दोनों हमेशा. एक तुम और दूसरा मुस्कुराना तुम्हारा..
ये दो पंक्तियाँ आपके लिए

बहुत ही सुन्दर कविता, जितने सुन्दर भावों से आपने इसे लिखा है , उतने ही सुन्दर शब्दों का आपने इस्तेमाल भी किया है .
निःशब्द हो सहेज लेना
अक्षय स्नेहकोष मेरा,
रखना याद ये स्नेहिल पल -
भुला देना हर दोष मेरा ;
अतिसुन्दर !

रेणु
30 जून 2019

प्रिय प्रियंका-- आपकी इस टिप्पणी से मेरी रचना की शोभा द्विगुणित हो गयी है | मंच पर शब्दनगरी की ओर से उदासीनता से मन बहुत आहत होता था पर आपके लौटने से बहुत अच्छा लगा रहा है | सस्नेह आभार और प्यार आपके लिए

सुंदरतम

such a meaningful poem mam proud of u.🙏🙏🙏

रेणु
25 जून 2019

हार्दिक आभार प्रिय अभय !

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