अभिव्यक्ति-दंश

18 जुलाई 2019   |  डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय   (22 बार पढ़ा जा चुका है)

मेरी चित्रलेखा की खिलखिलाहट

मुझे निमंत्रण कर रही है

अज्ञात प्यास-कुण्ड में

निमग्न हो जाने के लिए।

सम्मोहक शक्ति के

संस्पर्श और संघर्षण

मेरी देह के आचरण की

पट-कथा लिख रहे हैं

और मैं सूत्रधार के रूप में

अपनी ही पराजय की

पृष्ठभूमि सुना रहा हूँ।


--- डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

(सर्वाधिकार सुरक्षित : डॉ०पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; १७ जुलाई, २०१९ ईसवी)

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