सुनो चाँद !

22 जुलाई 2019   |  रेणु   (709 बार पढ़ा जा चुका है)

सुनो चाँद !



अब नहीं हो! दुनिया के लिए,


तुम तनिक भी अंजाने, चाँद!


सब जान गए राज तुम्हारा


तुम इतने भी नहीं सुहाने, चाँद!


बहुत भरमाया सदियों तुमने ,


गढ़ी एक झूठी कहानी थी;


वो थी तस्वीर एक धुंधली ,


नहीं सूत कातती नानी थी;


युग - युग से बच्चों के मामा -


क्या कभी आये लाड़ जताने?चाँद !



खोज - खबर लेने तुम्हारी ,


विक्रम संग प्रज्ञान चला है।


ले खूब दुआओं के तोहफे,


तुम्हे मिलने हिन्दुस्तान चला है ;


ना होना तनिक भी विचलित -


नहीं आया कोई भरमाने , चाँद !


उत्तरी ध्रुव के भेद खुले -


अब दक्षिण की बारी है;


करो !हम से भी भाईचारा,


नहीं कोई दुश्वारी है;


टंके रहोगे कब तक तन्हा ?


अन्तरिक्ष में वीराने , चाँद!



स्वरचित -- रेणु


चित्र - Google से साभार ----


भारतवर्ष के गौरव 'इसरो' को चंद्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण के लिए हजारों सलाम!


सभी प्रखर वैज्ञानिक बधाई के पात्र हैं |

इस रचना को आप मेरे ब्लॉग पर भी देख सकते हैं , जिसका लिंक है ---

https://renuskshitij.blogspot.com/2019/07/aaaaaaaa-aa-aaaaa-aa-aaa-aaa-aaaaaa.html

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बहुत ही सुन्दर रचना

रेणु
01 अगस्त 2019

प्रिय अभिलाषा बहन सस्नेह आभार आपका

वाह, क्या बात है। आपने पूरे चंद्रयान अभियान को कविता में पिरो दिया। बधाई स्वीकारें।

रेणु
01 अगस्त 2019

सादर आभार जाकिर जी | मेरे पेज पर आपका हार्दिक स्वागत है

बहुत ही सुन्दर रचना

रेणु
27 जुलाई 2019

प्रिय अश्मीरा सस्नेह आभार आपका

बहुत सुंदर और त्वरित व्याख्या की है चांद की । चाहे कुछ भी हो, इतनी आसानी से अलग नही होगा चांद हमारी जिंदगी । अतीत जुड़ा है इससे ।
मेरी वीरानी रातों को तूने दिया सहारा
एक तू ना सोया,वरना दुनिया ने किया किनारा ।

रेणु
02 अगस्त 2019

सादर आभार आदरणीय सर

बहुत सुंदर रचना

रेणु
01 अगस्त 2019

आदरणीय आचार्य जी सादर आभार स्वीकार हो

रेणु जी , बहुत ही पॉजिटिव हैं आपके विचार , बहुत खूब .

रेणु
24 जुलाई 2019

प्रिय प्रियंका आपके स्नेह भरे शब्दों के लिए आ भार और शुक्रिया !!!

हिना
23 जुलाई 2019

वाह .... हमारे देश के झंडे में चाँद हो न हो .... चाँद पे भारत का झंडा ज़रूर है

रेणु
23 जुलाई 2019

वाह प्रिय हिना बहुत अनमोल बात कही आपने | हार्दिक स्नेह और आभार |

अब तो चाँद पर जाने की बारी है हम भारतीयों की ..

रेणु
23 जुलाई 2019

जी सौरभ जी अभी यान गया है तो इंसान भी जाएगा | हर दिन आस भरा है | सस्नेह आभार आपके प्रेरक शब्दों के लिए

बहुत बधाइयां इस जीत पर , लाजवाब कविता

रेणु
23 जुलाई 2019

आदरनीय सर -- आपकी सराहना से मेरे शब्द सार्थक हुए | सादर , सस्नेह आभार और अभिनन्दन !!!!!

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