गीत/ कश्मीर हमारा है.

05 अगस्त 2019   |  गिरीश पंकज   (411 बार पढ़ा जा चुका है)

(कश्मीर से धारा 370 हटाने का संकल्प संसद में पेश होने के बाद उम्मीद जगी है कि अलगाववादी ताकतें खत्म होंगी। कश्मीर में अन्य भारतीय भी बस सकेंगे।)


कश्मीर हमारा था, अब तो कश्मीर हमारा है।

जिसमें हो विजयीभाव भला, वो कब क्यूँ हारा है।।


बहुत दिनों तक बंदी था, यह स्वर्ग हुआ आजाद।

नये दौर के इस भारत को लोग करेंगे याद ।

हिम्मत से हो अगर फैसला तो सुख सारा है।

कश्मीर हमारा था अब यह कश्मीर हमारा है ।।


खून-खराबा करने वाले को भेजो संदेश।

एक रहा है, एक रहेगा, मेरा भारत देश

फ़हरे वहाँ तिरंगा मेरा जान से प्यारा है।

कश्मीर हमारा था अब तो कश्मीर हमारा है ।।


वहां रहेंगे सब मिलजुलकर, हिंदू-मुस्लिम भाई ।

सिख, पारसी और रहेंगे देशभक्त ईसाई।

हो अखंड भारत माता, यह अपना नारा है ।

कश्मीर हमारा था, अब तो कश्मीर हमारा है।।


हर कंटक दूर करें हम इसके, पत्थर फूल बने।

हर इक बाधा जो आती थी वह अब तो धूल बने।

यह स्वर्गधाम भारत माँ की आँखों का तारा है।


कश्मीर हमारा था, अब तो कश्मीर हमारा है।

जिसमें हो विजयीभाव भला, वो कब क्यूँ हारा है।।


@ गिरीश पंकज


अगला लेख: लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती (23 जुलाई) पर विशेष



रेणु
05 अगस्त 2019

वाह !!!! सम सामयिक विषय पर रची गयी भावपूर्ण रचना , जो भारत माँ के ताज कश्मीर के प्रति गर्वित भावों से भरी है | हर भारतवासी को गर्व है इस चिर प्रतीक्षित बेला के आने पर | सादर शुभकामनायें और आभार | |

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