पाकिस्तान की विदेश नीति का पराभव जम्मू कश्मीर सहित सम्पूर्ण भारत में एक विधान एक झंडा

05 सितम्बर 2019   |  शोभा भारद्वाज   (3494 बार पढ़ा जा चुका है)

पाकिस्तान की विदेश नीति का पराभव जम्मू कश्मीर सहित सम्पूर्ण भारत में एक विधान एक झंडा

पकिस्तानी नीति का पराभव जम्मू कश्मीर सहित सम्पूर्ण भारत में एक विधान एक झंडा |

डॉ शोभा भारद्वाज

पकिस्तान निर्माण के साथ उनकी विदेश नीति का मूल उद्देश्य भारत विरोध ,आर्थिक दृष्टि से मजबूत पाकिस्तान एवं मुस्लिम वर्ड का लीडर बनना रहा है | लेकिन आज पाकिस्तान आर्थिक दृष्टि से एक कमजोर देश है मुस्लिम वर्ड का लीडर होने के बजाय अपनी आर्थिक विपन्नता दूर करने के लिए मुस्लिम देशों से आर्थिक मदद की गुहार कर रहा है सउदी अरब यूएई एवं कतर ने लोन देकर आर्थिक स्थिति को ठीक करने की कोशिश की है यद्यपि चीन उसका मददगार है लेकिन चीन की मदद बहुत महंगी पड़ती है |ट्रम्प प्रशासन ने पाकिस्तान की आर्थिक मदद करने से हाथ खींच लिए लेकिन शर्तों के साथ आईएमएफ ने 42 हजार करोड़ रूपये के पैकेज को स्वीकृति दी है पाकिस्तान इस कर्ज से धीमी पडती जा रही अर्थ व्यवस्था को सुधारना चाहता है | पाक प्रधान मंत्री इमरान खान के अफगानिस्तान दौरे के दौरान ट्रम्प चाहते थे अफगानिस्तान से अमेरिकी सेनायें हटा कर पाकिस्तानी की मदद से अफगान समस्या का हल निकाला जाये उन्होंने पाक प्रधान मंत्री इमरान खान से कहा दो हफ्ते पहले उनकी मोदी जी से मुलाक़ात हुई थी उन्होंने कश्मीर पर मध्यस्तता करने की बात कही |संसद में विपक्ष ने मोदी जी पर हमले तेज कर मोदी जी को ससंद मे आकर संसद में सफाई पेश करने के लिए मजबूर करने की कोशिश की जबकि अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया था ट्रम्प और मोदी जी की कश्मीर पर कोई बात नहीं हुई है हाँ पाकिस्तान कुछ दिन तक खुश रहा जब इमरान स्वदेश लौट कर आये उनके कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत विजेताओं की भाँति किया |

मोदी जी की पकिस्तान के प्रति स्पष्ट नीति हैं पहले आतंकवाद पर रोक लगाई जाए तब पाकिस्तान से वार्ता की जा सकती है |यही शिमला समझौते में तय हुआ था ट्रम्प भारत से भी अपने सम्बन्ध बढ़ाने के इच्छुक हैं उन्हें चीन के साऊथ ईस्ट एशिया में बढ़ते प्रसार को रोकने के लिए भारत की जरूरत हैं ट्रम्प का राजनीति में व्यवहार बिजनेसमैन जैसा है |

कश्मीर में अमरनाथ यात्रा चल रही थी यात्रा को स्थगित किया गया अतिरक्त सुरक्षा बल भी भेजे गये जिससे धारा 370 हटाने की स्थिति से निपटने की हर सम्भव कोशिश की गयी |5 अगस्त का दिन संसदीय इतिहास का महत्वपूर्ण दिन रहा राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह द्वारा जम्मू कश्मीर की धारा 370 ,35A को समाप्त करने का प्रस्ताव लाया गया धारा के हर पहलूओं पर विचार किया गया प्रस्ताव जम्मू कश्मीर की आम जनता के हित में है लेकिन सरकार के पास राज्यसभा में बहुमत नहीं था लेकिन सांसदों ने पार्टी लाइन से हट कर देश हित में धारा 370 ,35 A हटाने के पक्ष में वोट दिया राज्यसभा में पास होने के बाद दूसरे दिन लोकसभा में प्रस्ताव पर जम कर बहस हुई कुछ कांग्रेसी सांसदों ने भी सरकार के प्रस्ताव का समर्थन किया धारा ‘370 एवं 35A ,’ ‘370’ सांसदों के समर्थन से पास हो गया लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया जम्मू कश्मीर प्रदेश में लद्दाख के पास अधिक बड़ा भूभाग है लेकिन बजट का अधिकाँश हिस्सा घाटी के पास चला जाता लेकिन दूर दराज गाँवों तक विकास पहुँचाया नहीं गया उनका जीवन विकास से दूर मजदूरी पर निर्भर रह गया |केवल तीन परिवारों के हाथों में सत्ता रहती थी कश्मीर के अलगाव वादी भी शानदार शाही जीवन बिताते हैं उनके बच्चे विदेशों में उच्च शिक्षा पा कर शानदार नौकरियाँ करते हैं उनका भविष्य शानदार एवं सुनहरा है |घाटी में |पाकिस्तान ज़िंदा बाद के नारे अलगाववादियों के नेतृत्व में गूँजते भारत सरकार के हिस्से में केवल गालियाँ थीं |एक और कश्मीरियों के बच्चों के हाथ में किताबों की जगह पत्थर पकड़ा दिए गये |सीरिया और ईराक से तम्बू उखड़ने के बाद इस्लामिक विचारधारा की नजर में कश्मीर की सुरम्य वादियों पर पड़ चुकी है वहाँ इस्लामिक स्टेट के झंडे पाकिस्तानी झंडों के साथ दिखाई देने लगे आतंकवादियों के जनाजों को भी झंडों से ढक कर उन्हें क्रान्ति कारी सिद्ध करने की कोशिशें की गयीं पैसा देकर कश्मीरी बच्चों से सुरक्षा बलों पर पत्थर मरवाये सुरक्षा बलों की जब भी आतंकियों से मुठभेड़ होती पत्थर बाज निकल आते उन्हें जेहादी एवं फिदायीन बनाने की पूरी तैयारी थी | |सही समय पर धारा 370 समाप्त कर दी गयी | अब भारत में एक देश एक विधान एक झंडा हैं | भारतीय संसद के इतिहास में यह ऐतिहासिक दिन सदैव बहुत महत्वपूर्ण रहेगा|

धारा 370 कश्मीरी लीडर शेख अब्दूल्ला के प्रभाव से संविधान में जोड़ी गयी थी इसमें धारा 358 के अनुसार संविधान संशोधन के नियमों का पालन नहीं किया गया था | धारा 370 हटाने के बाद कश्मीर में चाक चौकंद व्यवस्था की गयी लद्दाख की जनता ने धारा हटाने का स्वागत किया गया जम्मू भी शांत रहा लेकिन घाटी में विरोध का भय था, छुट पुट घटनाओं को छोड़ कर अन्य शान्ति हैं पाकिस्तान में तीखी प्रतिक्रिया हुई उसने चीन की सरकार से अनुरोध किया गया वह भारत पाकिस्तान के मामले में दखल थे लेकिन चीन की सरकार ने भारत का अंदरूनी मामला कह कर पल्ला झाड़ लिया बस चीन एवं टर्की ने पाकिस्तान के साथ हमदर्दी दिखाई मुस्लिम वर्ड ने भी पाकिस्तान का साथ नहीं दिया भारत पाकिस्तान द्वारा की गयी आतंकी गतिविधियों का विरोधी रहा है |

धारा 370A अब हटाई गयी है लेकिन समय – समय में जम्मू कश्मीर के जन हित में इसमें संशोधन किये गये हैं केंद्र स्वरा आईएएस आईपीएस अधिकारियों की नियुक्ति होने लगी थी सीएजी के अधिकार भी लागू किये गये ,भारतीय जनगणना का कानून भी लागू किया गया कश्मीर के हाई कोर्ट के निर्णयों के विरुद्ध अपील का अधिकार सुप्रीम कोर्ट को दिया गया यही नहीं चुनाव सम्बन्धी मामलों की अपील सुनने का अधिकार एवं 1971 से विशिष्ट प्रकार के मामलों की सुनवाई का अधिकार भी दिया गया अर्थात सुप्रीम कोर्ट का जम्मू कश्मीर के मामले में अधिकार क्षेत्र बढ़ाया गया केंद्र सरकार को विधान सभा में सम्वैधानिक संकट आने पर राष्ट्रपति शासन लागू करने का अधिकार मिला भारतीय संसद में पास किये गये संशोधन जम्मू कश्मीर पर लागू किये गये अर्थात अनुच्छेद 356,357 के अंतर्गत अधिकार क्षेत्र बढ़ा | श्रमिकों के कल्याण के लिए श्रमिक संगठन ,सामाजिक बीमा के केंदीय कानून राज्य पर लागू किये जाते हैं ,मतदाताओं द्वारा जम्मू कश्मीर से सांसद चुन कर आते हैं |अब राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है | अभी लद्दाख एवं जम्मू कश्मीर केंद्र शासन के अंतर्गत है शीघ्र ही शान्ति की स्थापना के साथ जम्मू कश्मीर में फिर से विधान सभा के चुनाव होंगे हो सकता है अब तक कश्मीर पर तीन परिवारों की सत्ता पर पकड़ थी अब जम्मू कश्मीर की आम जनता में से चुने प्रतिनिधियों द्वारा विधान सभा का गठन हो नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है विधान सभा की शक्ति भी पहले से अधिक होगी कोशिश की जा रही है जम्मू कश्मीर और लद्दाख में निवेश बढ़े देश के गृह मंत्री चाहते हैं पंचायतों के सरपंचों को स्थानीय प्रशासन में अधिक से अधिक अधिकार मिलें क्षेत्र के विकास के लिए फंड सीधा उन तक पहुंचे उनकी सुरक्षा के लिए 2 लाख तक के बीमा राशी की व्यवस्था की गयी है |

पाकिस्तान का कश्मीर समस्या के अंतर्राष्ट्रीयकरण करने का सपना अधूरा रह गया शीघ्र ही कश्मीर में शान्ति स्थापना होकर आतंकवाद से क्षेत्र को मुक्ति मिलेगी विश्व के राजनीतिज्ञों की नजर भी जम्मू कश्मीर पर लगी हुई है वह यहाँ होने वाले परिवर्तनों पर नजर गड़ाए हुए हैं |

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