"पद" भैया चंद्रयान ले आओ

10 सितम्बर 2019   |  महातम मिश्रा   (404 बार पढ़ा जा चुका है)

"पद"


भैया चंद्रयान ले आओ

मैं हूँ चंद्रमा घटता बढ़ता, आकर के मिल जाओ

उड़नखटोला ज्ञान भारती, ला झंडा फहराओ

इंतजार है बहुत दिनों से, इसरो दरस दिखाओ

लेकर आना सीवन साथी, आ परचम लहराओ

राह तुम्हारी देख रहीं हूँ, मम आँगन इतराओ

स्वागत करती हूँ भारत का, ऋषिवत ज्ञान खिलाओ

बड़े जतन से राखूंगी मैं, अपनी चाल बढ़ाओ

कहती रहती दुनिया कुछ भी, तिन संदेश भिजाओ

कहना वो हैं चंदा मामा, दूध भात खा जाओ

मेरे माँ के भाई चंदा, शुभाशीष सुख पाओ

गौतम के घर बहुत अमीरी, भारत की जय गाओ।।


महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी

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महातम मिश्रा
17 सितम्बर 2019

जी बहन बिल्कुल सही, हार्दिक धन्यवाद, शुभाशीष

रेणु
10 सितम्बर 2019

वाह भैया चन्द्रमा को हम भारतीयों से ज्यादा कौन प्रेम करेगा ? कभी चंदा मामा , कभी करवा चौथ का साजनसम चाँद तो कभी चाँद सी गोरी -- हर जगह चाँद ही चाँद !! भारत की जय -जय कार तो बनती है बड़े भैया | बहुत प्यारी रचना के लिए हार्दिक शुभकामनायें

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