शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
27 सितम्बर 2019
🥀🥀🥀🥀गुलाब🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀तेरी हीं अद्भुत रचना मैं हूँ🥀🥀🥀खुशबू फैला कर मुरझा जाता हूँ🥀🥀सिंचित करता वनमाली पर,🥀🥀अनजाने में चुभ पीड़ा पहुँचाता हूँ🥀🥀चाहा मगर, काँटों को छुपा नहीं पाता हूँ🥀🥀🥀🥀डॉ. कवि कुमार निर्मल 🥀🥀🥀
27 सितम्बर 2019
21 सितम्बर 2019
वक़्त में छुपा हैं एक अनोखा राज़ ढूंढा तोह मिला नै वह कल आज पुछा में ने उस से वह बात उसने कहा में ही दर्द का मरहम भी और उसके साथ जीने की वजह भी .
21 सितम्बर 2019
21 सितम्बर 2019
वि
बीत गये दिन शांति पाठ के,तुमुल युद्ध के बज उठे नगाड़े।विश्व प्रेम से ओत - प्रोत आजपश्चिम उत्तर से वीर दहाड़े।।विश्व बंधुत्व महालक्ष्य हमारा,नहीं बचे एक भी सर्वहारा।जातिवादिता और आरक्षण हटाओ।यह चक्रव्यूह तोड़ मानवता लाओ।।हर घर तक अन्न पहुचाँ कर हीं,हे मानववादियों! अन्न खाओ।।शांति तो श्मशान में हीं होती
21 सितम्बर 2019
03 अक्तूबर 2019
खि
मुझसे आँख मिलाठहर सकते नहीं।आगोश में भर करझिटक सकते नहीं।।जुनून है तो सात समन्दरपार आ गले लग जाओ।वरना झूठी चकाचौंध मेंबस कर मिट जाओ।।डॉ. कवि कुमार निर्मल
03 अक्तूबर 2019
15 सितम्बर 2019
"
*गुम हो गए संयुक्त परिवार**एक वो दौर था* जब पति, *अपनी भाभी को आवाज़ लगाकर* घर आने की खबर अपनी पत्नी को देता था । पत्नी की छनकती पायल और खनकते कंगन बड़े उतावलेपन के साथ पति का स्वागत करते थे । बाऊजी की बातों का.. *”हाँ बाऊजी"* *"जी बाऊजी"*' के अलावा दूसरा जवाब नही होता था ।*आज बेटा बाप से बड़ा हो गया
15 सितम्बर 2019
01 अक्तूबर 2019
इस बार अक्टूबर का पूरा महीना व्रत-त्यौहार के नाम है. हिन्दू पंचांग के अनुसार इस महीने में बड़े-बड़े त्यौहार और व्रत मनाये जायेगे. इस महीने में बड़े पर्व में नवरात्रि, दशहरा, दीपावली जैसे त्यौहार है. महीने के शुरुआती दिनों में ही माँ दुर्गा के नवरात्री उत्सव मना रहे है. नवरात
01 अक्तूबर 2019
16 सितम्बर 2019
पितृपक्ष चल रहा है | सभी हिन्दू धर्मावलम्बी अपने दिवंगत पूर्वजों के प्रति श्रद्धासुमन समर्पित कर रहे हैं | हमने भी प्रतिपदा को माँ का श्राद्ध किया और अब दशमी कोपिताजी का करेंगे | कुछ पंक्तियाँ इस अवसर पर अनायास ही प्रस्फुटित हो गईं... सुधीपाठकों के लिए समर्पित हैं...भरी भीड़ में मन बेचारा खड़ा हुआ कुछ
16 सितम्बर 2019
01 अक्तूबर 2019
'कलाकृतिश्रष्टाओं' को नमन् है।''प्रतिमा'' का 'विसर्जन गलत है।।सगुण साधना का प्रथम चरण है।ईश्वरत्व हेतु "अंत: यात्रा" तंत्र है।।🙏 डॉ. कवि कुमार निर्मल 🙏
01 अक्तूबर 2019
17 सितम्बर 2019
"हमारा संबंध", को प्रतिलिपि पर पढ़ें :https://hindi.pratilipi.com/story/srpcyca7uvmf?utm_source=android&utm_campaign=content_shareभारतीय भाषाओमें अनगिनत रचनाएं पढ़ें, लिखें और सुनें, बिलकुल निःशुल्क!
17 सितम्बर 2019
17 सितम्बर 2019
17 सितम्बर 2019
03 अक्तूबर 2019
रात अभी बहुत कुछ बाकी हैरात होने को आई आधी हैलिखना बाकी अभी प्रभाती हैनक्षत्र "विशाखा" ऋतु- ''शरद" शुभकारी हैकल 'पंचमी', नक्षत्र अनुराधा, कन्या साथी हैस्वर्ण आभुषण प्रिये को देता पर प्लाटिनम-कार्ड खाली हैकवि उदास, कह लेता हूँ मृदु 'दो शब्द', कहना काफी हैडॉ. कवि कुमार निर्मल
03 अक्तूबर 2019
10 सितम्बर 2019
मैं कई गन्जों को कंघे बेचता हूँएक सौदागर हूँ सपने बेचता हूँकाटता हूँ मूछ पर दाड़ी भी रखता और माथे के तिलक तो साथ रखता नाम अल्ला का भी शंकर का हूँ लेताहै मेरा धंधा तमन्चे बेचता हूँएक सौदागर हूँ ...धर्म का व्यापार मुझसे पल रहा हैदौर अफवाहों का मुझसे चल रहा है यूँ नहीं
10 सितम्बर 2019
17 सितम्बर 2019
जय हो- अमर सृजन होदग्ध मानवता- रक्षित होअष्टपाश- सट् ऋपु मुर्छित हों''नवचक्र'' आह्वाहन जागृत होंकीर्तित्व उजागर - बर्धित होंशंखनाद् प्रचण्ड, कुण्डल शोभित होंकवि का हृदयांचल अजर - अमर होजय हो! 'वीणा वादनी' की जय हो!! 🙏 डॉ. कवि कुमार निर्मल 🙏
17 सितम्बर 2019
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अँ
22 सितम्बर 2019
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